क्या है हाइड्राफेशियल जिसके अधिक इस्तेमाल से बिगड़ सकती है चेहरे की रंगत, जानिए

यह फेशियल ट्रीटमेंट तो किसी भी उम्र में कराया जा सकता है लेकिन एक्‍सपर्ट मानते हैं क‍ि आपको इसे 25 की उम्र के बाद करवाना चाहि‍ए।

hydrafacial Woman enjoying procedure cleaning or massage for face.
हाइड्रा फेश‍ियल के बाद चेहरे पर नमी लगभग एक सप्ताह तक बनी रहती है (Photo- Freepik)

जवां और सुंदर दिखने की ख्वाहिश तो हर किसी की होती है। हाइड्राफेशियल आधुनिक दुनिया में सबसे लोकप्रिय फेशियल ट्रीटमेंट में से एक बन गया है। यह काफी अश्चार्यजनक रूप से हाइड्रेटिंग और एक समान-टोन वाली, चमकती त्वचा में बनाने में मदद करता है। इसे पूरा करने में केवल 30 मिनट लगते हैं।

इस अनोखी डिवाइस के नतीजे बिल्कुल माइक्रोडर्माब्रेजन ट्रीटमेंट की तरह हैं। बस इन दोनों में एक फर्क है कि यह ट्रीटमेंट के साथ-साथ स्किन को हाइड्रेट भी करता रहता है। इसके शानदार परिणामों की वजह से अधिक से अधिक लोग अपने चेहरे की स्किनकेयर स्पा रूटीन के रूप में हाइड्राफेशियल की ओर रुख कर रहे हैं। आइये जानते हैं क्या है हाइड्राफेशियल ट्रीटमेंट जिसके पीछे दुनिया पागल है।

हाइड्रा फेश‍ियल के बाद चेहरे पर नमी लगभग एक सप्ताह तक बनी रहती है, उसके बाद आप चाहें तो फिर से इसे करवा सकते हैं। यह फेशियल ट्रीटमेंट तो किसी भी उम्र में कराया जा सकता है लेकिन एक्‍सपर्ट मानते हैं क‍ि आपको इसे 25 की उम्र के बाद करवाना चाहि‍ए। यह फेशियल ट्रीटमेंट कई चरणों में पूरा होता है। इसमें वैक्यूम बेस्ड पेनलैस एक्सट्रेक्शन, हाइड्रेशन, क्लीनिंग, एक्सफोलिएशन और पोषक तत्वों का एक मिश्रण तैयार किया जाता है जिसे एक के बाद एक चरण में लगाया जाता है।

कैसे और कितने चरण में होता है पूरा: ट्रीटमेंट से पहले आप अपना मेकअप न‍िकालकर आएं। गर्भवती मह‍िलाओं को हाइड्रा फेशि‍यल नहीं करवाना चाह‍िए क्‍योंक‍ि कुछ डॉक्‍टर इस फेश‍ियल के दौरान इस्‍तेमाल क‍िए जाने वाले सैल‍िसिल‍िक एस‍िड को गर्भावस्‍था के ल‍िए अच्‍छा नहीं मानते।

– हाइड्रा फेश‍ियल के पहले स्‍टेप में एक्सफोलिएशन क‍िया जाता है। मशीन की मदद से चेहरे की त्वचा की उपरी सतह पर लगे पुराने मेकअप, मृत त्वचा और कचरा साफ किया जाता है।

– दूसरे स्‍टेप में ग्लायकोलिक तथा सेलिसिलिक एसिड पील को एक समान चेहरे की त्वचा पर लगाया जाता है। इसे लगाने के बाद त्‍वचा में मौजूद मुंहासे या न‍िशान चले जाते हैं। पील‍िंग से त्‍वचा को नुकसान नहीं होता। त्वचा का गहरा रंग भी हल्का होता है और हल्की चिनमिनाहट होती है।

– तीसरे स्‍टेप में वैक्यूम एक्सट्रेक्शन माध्यम से चेहरे को साफ करके फेश‍ियल क‍िया जाता है। कचरे की मात्रा देखकर किसी को भी आश्चर्य हो सकता है कि हमारी त्वचा पर कितना कचरा जमा रहता है।

– आख‍िरी और चौथे स्‍टेप में सीरम के रूप में एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स और अन्‍य एस‍िड्स को त्‍वचा के अंदर पहुंचाया जाता है। इससे त्वचा का लचीलापन और नमी बरकरार हो जाती है। इस तरह युवाओं जैसी चमकदार त्वचा पुनः लौटाई जा सकती है।

हाइड्राफेशियल को वैसे तो साइड इफेक्ट्स मुक्त कहा जाता है, लेकिन आप प्रक्रिया के दौरान वैंड से हल्का दबाव महसूस कर सकते हैं। लेकिन कई बार हाइड्राफेशियल कराने से आपको खुजली, फेस एलर्जी, रेड स्किन, पीएच बैलेंस बिगड़ना आदि जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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