अभिनेता इमरान हाशमी इन दिनों अपनी फिल्म ‘अवारापन 2’ को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि, उनकी फिटनेस को लेकर एक पुराना किस्सा भी काफी दिलचस्प है। इमरान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि किस तरह Shah Rukh Khan के सिक्स पैक एब्स ने उन्हें भी अपनी फिटनेस के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया था।
इमरान ने बताया था कि करियर के शुरुआती सालों में वह अपनी डाइट पर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे। उस समय डाइट और फिटनेस को लेकर बहुत सख्ती भी रखते थे। लेकिन फिल्म ‘Once Upon a Time in Mumbaai’ (2010) के निर्देशक मिलन लुथरिया ने उनसे फिजिकल शेप में आने को कहा। इसके बाद इमरान ने पहली बार अपनी फिटनेस को लेकर बाकायदा ट्रेनिंग और डाइट पर काम शुरू किया।
उन्होंने 2024 में Bollywood Bubble को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें अपने शरीर को ज्यादा टोंड और शार्प बनाना था। इसी दौरान शाहरुख खान के 2007 की फिल्म ‘Om Shanti Om’ के गाने ‘Dard-e-Disco’ में दिखे सिक्स पैक एब्स भी काफी चर्चा में थे।
इमरान के मुताबिक, उस समय कई एक्टर्स सिक्स पैक एब्स की तरफ अट्रैक्ट हो रहे थे। हालांकि वह खुद इस ट्रेंड का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे, लेकिन फिल्म की जरूरत के चलते उन्होंने एक प्रोफेशनल ट्रेनर रखा और अपनी डाइट पर ध्यान देना शुरू किया।
सिर्फ क्रंचेज करने से नहीं बनते सिक्स पैक
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में फिटनेस और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट व कंसल्टेंट डाइटिशियन गरिमा गोयल ने बताया कि किसी सेलिब्रिटी की फिटनेस देखकर इंस्पायर होना बेहद आम बात है। लेकिन सिक्स पैक एब्स हासिल करने के पीछे सिर्फ पेट की एक्सरसाइज नहीं होती है।
इसके लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कार्डियो, कैलोरी कंट्रोल, पर्याप्त प्रोटीन, हाइड्रेशन, नींद और लगातार डिसिप्लिन की जरूरत होती है। यानी शरीर में बदलाव सिर्फ जिम में बिताए एक घंटे से नहीं आता, बल्कि पूरे दिन की लाइफस्टाइल उसका हिस्सा होती है।
सिक्स पैक के लिए बॉडी फैट कम करना भी जरूरी
न्यूट्रिशन के नजरिए से सिक्स पैक एब्स के लिए शरीर में मौजूद फैट को कम करना और मसल्स को बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए डाइट का वैलेंस होना जरूरी है।
अगर कोई व्यक्ति जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेता है तो शरीर की एक्स्ट्रा फैट कम करना मुश्किल हो सकता है। वहीं, बहुत ज्यादा कैलोरी कम कर देने पर कमजोरी महसूस हो सकती है।
गरिमा गोयल के मुताबिक, प्रोटीन मसल्स की मरम्मत और रिकवरी में मदद करता है, जबकि कार्बोहाइड्रेट वर्कआउट के लिए जरूरी ऊर्जा देते हैं। हेल्दी फैट और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी शरीर के लिए जरूरी हैं।
इसलिए सिक्स पैक के चक्कर में खाना बहुत कम कर देना या किसी एक फूड ग्रुप को पूरी तरह छोड़ देना सही तरीका नहीं माना जा सकता।
ट्रेनर रखने से क्या फायदा होता है?
कई लोग महीनों तक जिम जाते हैं, लेकिन मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलने पर निराश हो जाते हैं। इसकी एक वजह बिना किसी प्लान के एक्सरसाइज करना भी हो सकती है।
एक अच्छे ट्रेनर की मदद से वर्कआउट का सही स्ट्रक्चर, धीरे-धीरे बढ़ने वाली ट्रेनिंग, सही फॉर्म और रेगुलरिटी बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इसी तरह डाइट भी ऐसी होनी चाहिए जो आपके वर्कआउट और शरीर की जरूरत के मुताबिक हो।
सेलिब्रिटी से प्रेरणा लेना गलत नहीं, लेकिन…
शाहरुख खान की फिटनेस ने इमरान हाशमी को जरूर प्रभावित किया, लेकिन इस कहानी की खास बात यह है कि उन्होंने सिर्फ किसी सेलिब्रिटी का लुक देखकर उसकी नकल नहीं की। उन्होंने अपनी फिल्म की जरूरत के मुताबिक ट्रेनर की मदद ली, डाइट पर ध्यान दिया और अपनी फिटनेस रूटीन को वैलेंस किया।
यही बात आम लोगों पर भी लागू होती है। किसी सेलिब्रिटी की बॉडी देखकर मोटिवेशन मिल सकता है, लेकिन हर व्यक्ति का शरीर, उम्र, वजन, फिटनेस लेवल और जरूरत अलग होती है। इसलिए किसी स्टार की डाइट या वर्कआउट को ज्यों का त्यों अपनाने के बजाय अपनी जरूरत के हिसाब से प्लान बनाना ज्यादा बेहतर है।
आखिरकार फिटनेस में सबसे अहम चीज सिर्फ शुरुआती मोटिवेशन नहीं, बल्कि सही ट्रेनिंग, संतुलित डाइट और लंबे समय तक लगातार मेहनत करना है।
DISCLAIMER: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञ की राय पर आधारित है। किसी भी नई डाइट, एक्सरसाइज या फिटनेस रूटीन को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
