Shab-e-Barat 2026: शब-ए-बारात 2026, जो शाबान के महीने की 15 तारीख को मनाया जाता है। यह मंगलवार, 3 फरवरी, 2026 की रात से शुरू होकर बुधवार, 4 फरवरी 2026 तक चलेगा। यह रात इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक बेहद खास होती है। इसदिन लोग अल्लाह से अपने गुनाहों की तौबा करते हैं। रहमतों और बरकतों की यह रात माफी की रात होती है।

ऐसा माना जाता है कि इस रात अल्लाह अपने बंदों की मगफिरत करता है और उन्हें नई जिंदगी की रोशनी देता है। ऐसा कहा जाता है कि इस रात अल्लाह अपने बंदों के लिए माफी के दरवाजे खोल देते हैं। लोग कब्रिस्तान जाकर दुनिया से रुखसत हो चुके पूर्वजों के लिए विशेष दुआ करते हैं। साथ ही अपने दोस्तों, परिवार वालों और चाहने वालों से माफी मांगते हैं और एक-दूसरे को संदेश भी भेजते हैं।

शब-ए-बरात की रात है, रहमतों की बरसात है,
इबादत में खो जाओ, अल्लाह सबकी सुनता है।

अगर मुझसे कोई गलती हो गई हो तो मुझे माफ कर देना
आज ‘शब-ए-बारात’ है खुदा की इबादत कर लेना।

शब-ए-बरात का ये प्यारा मौका,
अल्लाह से रहमतें पाने का मौका,
दुआ है आपके सारे गुनाह माफ हों
और आपकी जिंदगी खुशियों से भर जाए।

किस्मत बादल जाएगी, जरा दिल से दुआ करो,
दुनिया भी हिल जाएगी अगर दिल से दुआ करो,
दीन रात में एक लम्‍हा कुबूल करने की घड़ी है
मंज़िल भी मिल जाएगी अगर दिल से दुआ करो।

सब्र करो, क्योंकि अल्लाह सब देखता है,
हर दुआ पूरी होती है बस सही वक्त पर।

इस मुकद्दस रात में अल्लाह आपकी तमाम दुआओं को कबूल करे,
आपकी जिंदगी को बरकतों से भर दे और आपके सारे गुनाह माफ कर दे।

अल्लाह तूने सुंदर जीवन दिया है,
तूने ही ये मुबारक रात दी है,
तू ही मेरा आने वाला कल संवारेगा,
तेरी रजा में ही मुझे खुशियां मिलेंगी।

गुनाहों से तौबा का मौका मिला है,
रहमतों का साया सिर पर तना है,
दुआ करो इस शब-ए-बारात में,
अल्लाह हम पर भी मेहरबान बना है।

या अल्लाह, मैं तुझसे मांगता हूं,
ऐसी माफ़ी जिसके बाद गुनाह ना हो,
ऐसी सेहत जिसके बाद बीमारी ना हो,
ऐसी रज़ा जिसके बाद कोई नाराज़गी ना हो।

अल्लाह आपकी जिंदगी में बरकत दे,
गुनाहों को माफ करे और दुआओं को कुबूल करे,
दुआओं में याद रखना दोस्त।