फिल्म देखते समय पॉपकॉर्न खाना लगभग हर किसी को पसंद होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि छोटे-से सख्त दाने गर्म होते ही अचानक ‘पॉप’ की आवाज के साथ फूटकर सफेद और मुलायम कैसे बन जाते हैं? इसके पीछे कोई जादू नहीं, बल्कि विज्ञान का बेहद रोचक सिद्धांत काम करता है। आइए जानते हैं पॉपकॉर्न के फूटने की पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया।
हर दाने के अंदर होती है थोड़ी-सी नमी
पॉपकॉर्न का दाना बाहर से पूरी तरह सूखा दिखाई देता है, लेकिन उसके अंदर थोड़ी मात्रा में पानी मौजूद होता है। यही नमी पॉपकॉर्न बनने की सबसे अहम वजह है। इसके अलावा पॉपकॉर्न के दाने का बाहरी छिलका (पेरिकार्प) बहुत मजबूत और कठोर होता है, जो अंदर बनने वाले दबाव को कुछ समय तक रोककर रखता है।
गर्म करने पर पानी बन जाता है भाप
जब पॉपकॉर्न के दानों को गर्म किया जाता है, तो उनके अंदर मौजूद पानी धीरे-धीरे भाप में बदलने लगता है। चूंकि बाहरी खोल बेहद मजबूत होता है, इसलिए भाप बाहर नहीं निकल पाती। इससे दाने के अंदर दबाव लगातार बढ़ता जाता है।
दबाव बढ़ने पर दाना फूट जाता है
एक समय ऐसा आता है जब दाने के अंदर का दबाव इतना अधिक हो जाता है कि उसका कठोर खोल उसे सहन नहीं कर पाता। इसके बाद दाना अचानक फट जाता है और ‘पॉप’ की आवाज सुनाई देती है। इसी वजह से पॉपकॉर्न गर्म होते ही फूटता हुआ नजर आता है।
सफेद फूला हुआ हिस्सा कैसे बनता है?
दाना फूटते ही उसके अंदर मौजूद स्टार्च और भाप तेजी से बाहर निकलते हैं। दबाव कम होते ही स्टार्च तेजी से फैलता है और कुछ ही सेकंड में ठंडा होकर सफेद, मुलायम और स्पंजी आकार ले लेता है। यही हिस्सा वह पॉपकॉर्न होता है जिसे हम खाते हैं।
कुछ दाने क्यों नहीं फूटते?
आपने देखा होगा कि पॉपकॉर्न बनाने के बाद कुछ दाने वैसे ही रह जाते हैं। इन्हें ‘ओल्ड मेड्स’ कहा जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन दानों में नमी बहुत कम होती है या उनके बाहरी छिलके में हल्की दरार होती है। ऐसे में अंदर पर्याप्त दबाव नहीं बन पाता और दाना नहीं फूटता।
क्या हर मक्का का दाना पॉपकॉर्न बन सकता है?
इसका जवाब है- नहीं। पॉपकॉर्न एक खास प्रकार का मक्का होता है। इसके दानों में नमी की सही मात्रा और मजबूत बाहरी छिलका होता है। वहीं स्वीट कॉर्न या सामान्य मक्का में ये गुण नहीं होते, इसलिए वे गर्म करने पर पॉपकॉर्न की तरह नहीं फूटते।
पॉपकॉर्न बनने के लिए कितना तापमान चाहिए?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, पॉपकॉर्न का दाना आमतौर पर लगभग 180 से 190 डिग्री सेल्सियस तापमान पर फूटता है। इस तापमान पर अंदर की भाप का दबाव इतना बढ़ जाता है कि दाना फट जाता है और कुछ ही सेकेंड्स में फूला हुआ पॉपकॉर्न तैयार हो जाता है।
