अखिलेश को सरकार चलाने की आजादी क्यों नहीं दी? प्रभु चावला के सवाल पर कुछ ऐसा था मुलायम का जवाब

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव से वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला ने अखिलेश को लेकर सवाल पूछा था। इसके जवाब में उन्होंने कुछ ऐसा कहा था।

Akhilesh Yadav, Mulayam Singh Yadav
अखिलेश यादव के साथ मुलायम सिंह यादव (Photo- Indian Express)

उत्तर प्रदेश में चुनाव को देखते हुए समाजवादी पार्टी की तरफ से अखिलेश यादव ने प्रचार तेज कर दिया है। हाल ही में बीजेपी के गढ़ गोरखपुर में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था, ‘ये जनसभा देखकर लग रहा है कि बीजेपी का सफाया होना तय है। शायद इतने लोगों को देखकर बीजेपी को भी बुखार चढ़ गया होगा।’ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव फिलहाल चुनाव प्रचार से दूर हैं। लेकिन वह कई जगह अखिलेश को सही दिशा दिखाते नज़र आते हैं।

वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला के साथ मुलायम सिंह यादव का एक पुराना इंटरव्यू वायरल हो रहा है। इस इंटरव्यू में मुलायम सिंह यादव से अखिलेश की सरकार में दखलंदाजी को लेकर सवाल पूछा गया था। प्रभु चावला ने सवाल पूछा था, ‘बार-बार आप यूपी में मीटिंग करते हैं तो अफसरों और मंत्रियों को कहते हैं कि काम नहीं कर रहे। उससे आपका बेटा डर जाता होगा। आपने अखिलेश की सरकार में अफसर भी उसकी मर्जी के नहीं बनने दिए। एक तरह से देखा जाए तो अखिलेश को सरकार चलाने की आजादी तक नहीं दी।’

मुलायम सिंह यादव ने इसका जवाब दिया था, ‘अखिलेश की स्वतंत्रता पर हमारा कोई अंकुश नहीं है। हम भ्रष्टाचार के खिलाफ जीतकर आए थे। हम कोशिश करते हैं कि हमारी सरकार पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप न हो। मैंने अपने कार्यकर्ताओं और मंत्रियों से कहा कि संभलकर चलिए। हम क्या इतना भी नहीं कह सकते पार्टी के मुखिया होने के नाते। अगर हमें लगेगा कि कहीं कोई गलती हो रही है तो हम बिल्कुल इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे। मैं अपनी पार्टी का अध्यक्ष हूं तो हमसे बड़ी कोई सरकार थोड़े हो जाएगी।’

बता दें, साल 2012 में समाजवादी पार्टी को बहुमत मिला था तो मुलायम सिंह यादव ने अपनी जगह बेटे अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बना दिया था। हालांकि कुछ समय बाद परिवार की कलह भी खुलकर सामने आई थी और शिवपाल सिंह यादव ने अलग होकर अपनी अलग पार्टी बना ली थी। इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ा था और कांग्रेस-सपा गठबंधन की करारी हार हुई थी और बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब साबित हुई थी। अब अखिलेश एक बार फिर चाचा शिवपाल को साथ लाने का प्रयास कर रहे हैं।

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