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कोरोना काल में तीन करोड़ लोगों को खिलाने का अभियान, जानिए रॉबिनहुड आर्मी कैसे पूरा कर रही यह काम

रॉबिनहुड आर्मी से समाज के सभी वर्गों के लोग जुड़े हैं। कोरोना काल में इस आर्मी के 60 हजार वालंटियर्स ने भारत, पाकिस्तान, नेपाल, मलेशिया जैसे देशों में ग्रामीण इलाकों, वृद्धाश्रम, अनाथालय, बेघर और बेसहारा लोगों को राशन मुहैया करा रही है।

Corona virus, Independence day, Robinhood Armyकोरोना संकट के बीच रॉबिनहुड आर्मी जरूरतमंदों को भोजन मुहैया करा रही है।

कोरोना काल में हजारों लोगों की आजीविका पर संकट पैदा हुआ। खासकर निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों के सामने खाने-पीने की दिक्कतें भी पैदा हुईं। ऐसे वक्त में रॉबिनहुड आर्मी इन तमाम लोगों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। कोरोना काल में समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर संस्था ने 15 अगस्त तक भारत समेत 10 देशों में तीन करोड़ लोगों तक भोजन पहुंचाने का लक्ष्य रखा था, जिसमें से अभी तक 12,554,475 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।

कैसे काम करती है ये संस्था?: रॉबिनहुड आर्मी से समाज के सभी वर्गों के लोग जुड़े हैं। कोरोना काल में इस आर्मी के 60 हजार वालंटियर्स ने भारत, पाकिस्तान, नेपाल, मलेशिया जैसे देशों में ग्रामीण इलाकों, वृद्धाश्रम, अनाथालय, बेघर और बेसहारा लोगों को राशन मुहैया कराया। इन वालंटियर्स ने अपने आस-पड़ोस के जरूरतमंद लोगों को चिन्हित किया और ग्रामीण इलाकों में 5 गांव को गोद लिया और उन तक मदद पहुंचाई।

क्या है रॉबिनहुड आर्मी?: इस आर्मी की शुरुआत साल 2014 में दिल्ली के रहने वाले नील घोष और आनंद सिन्हा ने की थी। इसके पीछे आईडिया यह था कि घरों, होटलों और रेस्टोरेंट के बचे हुए खाने को ऐसे लोगों तक पहुंचाया जाए जो जरूरतमंद हैं, ताकि उन्हें भूखे पेट न सोना पड़े और खाने की बर्बादी भी रोकी जा सके। यह प्रोग्राम अब दुनिया भर के 11 से ज्यादा देशों और 50 से अधिक शहरों में फैल गया है। रॉबिनहुड आर्मी से जुड़े तमाम युवा बतौर वालंटियर काम करते हैं और खुद अपने आसपास मदद पहुंचाते हैं।

अमिताभ बच्चन भी कर चुके हैं तारीफ: अमिताभ बच्चन भी रॉबिनहुड आर्मी की तारीफ कर चुके हैं। इसकी शुरुआत करने वाले नील घोष बिग बी के चर्चित कार्यक्रम ‘कौन बनेगा करोड़पति‘ (KBC) में भी नजर आ चुके हैं। उनके साथ हॉट सीट पर एक्ट्रेस काजोल थीं। दोनों ने मिलकर जो रकम जीती उसे डोनेट कर दिया था।

कैसे काम करती है यह आर्मी? इस आर्मी से समाज के हर वर्ग के लोग वालंटियर के रूप में जुड़े हैं। वे खुद अपने आसपास होटलों, रेस्टोरेंट और घरों से बचा हुआ खाना एकत्रित करते हैं और जरूरतमंदों तक पहुंचाते हैं। रविवार को फूड ड्राइव भी चलाया जाता है और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक खाना पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।

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