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Research: गर्मी के मौसम में बढ़ जाता है मिसकैरेज का खतरा! जानिए किस माह में बरतनी चाहिए सावधानी

Miscarriage Risk: हाल ही में हुए एक अध्ययन से पता चला है कि गर्मियों के दौरान गर्भवती महिलाओं को गर्भपात का सबसे ज्यादा खतरा होता है।

Research: गर्मी के मौसम में बढ़ जाता है मिसकैरेज का खतरा! जानिए किस माह में बरतनी चाहिए सावधानी
गर्म तासीर का पपीता प्रेग्नेंसी में गर्भपात का कारण बन सकता है, इससे परहेज करें: (Image: Freepik)

क्या आप जानते हैं कि किस 12 महीनों से किस माह में गर्भपात का खतरा सबसे ज्यादा होता है? यदि आप महिला हैं और बच्चे की प्लानिंग कर रही हैं तो आपको पता होना चाहिए कि कौन से महीने आपके लिए खतरनाक हो सकते हैं। एक शोध में यह बात सामने आई है कि अन्य मौसमों की तुलना में गर्मियों में गर्भपात की संभावना अधिक होती है।

बोस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ (BUSHP) का कहना है कि लगभग 30 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का गर्भपात हो जाता है और ये महिलाएं गर्भावस्था के 20वें सप्ताह तक पहुंचते-पहुंचते गर्भपात का शिकार हो जाती हैं।

ये हैं जोखिम कारक

विश्वविद्यालय के अनुसार, इनमें से आधे से अधिक गर्भपात का कारण अज्ञात है, लेकिन कुछ कारक हैं जो इस जोखिम को बढ़ाने के लिए काम करते हैं जैसे कि पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर, अवसाद और चिंता को प्रमुख कारक माना गया है।

कौन सा महीना सबसे ज्यादा जोखिम भरा

जर्नल एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित शोध के नतीजे गर्भपात और जलवायु परिवर्तन के जोखिम के विश्लेषण पर आधारित हैं। अध्ययन में पाया गया कि उत्तरी अमेरिका में गर्भवती महिलाओं में विशेष रूप से अगस्त के अंत तक गर्मियों के महीनों में गर्भपात का 44 प्रतिशत अधिक जोखिम होता है।

जबकि फरवरी तक गर्भवती महिलाओं को इसका खतरा कम होता है। यह जोखिम उन महिलाओं में अधिक देखा गया जो गर्भावस्था के शुरुआती चरण में थीं, खासकर 8वें सप्ताह तक। जब गर्भावस्था के दौरान गर्भपात के जोखिम को मापा गया, तो शोधकर्ताओं ने पाया कि अगस्त के अंत तक गर्भपात का जोखिम 31 प्रतिशत अधिक था, खासकर फरवरी के अंत तक।

गर्भपात के पीछे कारक

अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि दक्षिण और मध्य पश्चिम में जहां गर्मी चरम पर होती है, वहां सबसे ज्यादा गर्भपात अगस्त के अंत और सितंबर की शुरुआत में होता है। इन परिणामों से पता चलता है कि अत्यधिक गर्मी और अन्य मौसम संबंधी कारकों और जीवन शैली विकल्पों के कारण संभावित गर्भपात को समझने के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है।

इस तरह से किया गया अध्ययन

बोस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ (बीयूएसएचपी) के प्रोफेसर वीजलिंक और उनके सहयोगियों ने गर्भावस्था अध्ययन ऑनलाइन (PRESTO) में गर्भ धारण करने की तैयारी कर रही महिलाओं के बीच गर्भपात पर सर्वेक्षण डेटा का विश्लेषण किया। इसके अलावा 2013 से चल रहे एनआईएच अध्ययन से भी डेटा लिया गया।

12 महीने तक निगरानी की गई

अध्ययन में शामिल सभी महिलाओं ने अपने सामाजिक पहलुओं, जीवन शैली और मेडिकल इतिहास के बारे में जानकारी साझा की। इस अध्ययन में 6104 महिलाओं ने हिस्सा लिया और करीब 12 महीने तक उनके स्वास्थ्य की निगरानी की गई।

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