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Republic Day 2020 Speech, Essay, Quotes: 71वें गणतंत्र दिवस पर जानिए अपने संविधान को, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को..

Republic Day 2020 Speech, Essay, Nibandh, Bhashan, Slogan, Quotes, Poem, Kavita in Hindi: 26 जनवरी को देश भर में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया जाता है। सरकारी छुट्टी होने के बावजूद लोग झंडा फहराने के लिए स्कूल और दफ्तर पहुंचते हैं। इस दिन कई जगहों पर राष्ट्रभक्ति से जुड़े प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।

Republic Day 2020: इस गणतंत्र दिवस पर यहां से तैयार करें निबंध, स्पीच और भाषण।

Republic Day 2020 Speech, Essay, Nibandh, Bhashan, Slogan, Quotes: 26 जनवरी 1950 को देश ने अपना संविधान अपनाया था। 395 अनुच्छेद और आठ अनुसूचियों में ये सिखाया और निर्देशित किया गया था कि अगर किसी को भारत में रहना है तो कैसे रहना है। किन नियमों और शर्तों का पालन करना है। उन्हें क्या अधिकार दिए गए हैं और क्या कर्तव्य सुझाए गए हैं। हालांकि इतने सालों में संविधान में 104 तरह के संशोधन हुए जिसने हमारे वर्तमान के साथ भविष्य को भी मजबूत किया। आइए संविधान की 70वीं वर्षगांठ या 71वें गणतंत्र दिवस पर जानें इसकी खूबियां।

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कैसे तैयार हुआ था संविधान… (Indian constitution)

>> 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में बनकर तैयार हुआ था देश का संविधान
>> 2 भाषाओं: हिंदी और इंग्लिश में वास्तविक संविधान को प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने लिखा था।
>> असली संविधान हस्तलिखित और कैलीग्राफ्ड किया गया था। इसमें 6 महीने का वक्त लगा था। ये न तो टाइपिंग है न ही टेलीप्रिंटिंग।
>> संविधान में शुरुआत में 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और 22 भाग थे। इसके बाद कुल 104 संशोधन हुए।
>> 284 सदस्यीय टीम ने अंबेडकर के नेतृत्व में संविधान को तैयार किया था। इसमें से 15 महिला सदस्य भी थीं।

इस साल हम हमारा 71वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं। इस अवसर पर कई स्कूल, कॉलेज और कार्यस्थलों में भाषण या निबंध प्रतियोगिता भी हो रही है। ऐसे में जरूरी है कि लोगों को भारत में गणतंत्रत दिवस और संविधान का इतिहास पता हो। इन जानकारियों से आप गणतंत्र दिवस पर निबंध या स्पीच तैयार कर सकते हैं…

Live Blog

Highlights

    13:53 (IST)26 Jan 2020
    आचार्य नंदलाल बोस ने संविधान को चित्रों से सजाया है

    26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू किया गया था जिसके बाद से हर साल इस दिन गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। एक तरफ जहां संविधान को हिंदी और अंग्रेजी भाषा में लिखने का काम किया है प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने तो वहीं इसके हर पन्ने को चित्रों से आचार्य नंदलाल बोस ने सजाया है। इसके अलावा इसके प्रस्तावना पेज को सजाने का काम राममनोहर सिन्हा ने किया है। वह नंदलाल बोस के ही छात्र थे।

    13:38 (IST)26 Jan 2020
    हस्तलिखित है संविधान

    दुनिया भर के तमाम संविधानों की बारीकी को अच्छी तरह समझने के बाद बाबासाहब ने भारतीय संविधान का प्रारूप तैयार किया था जिसे 26 नवंबर 1949 को  संविधान सभा के सामने पेश किया गया। संविधान सभा ने कुछ बेहतरी के साथ संविधान को अपनाया। यही वजह है कि देश में हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में प्राप्त संविधान की मूल प्रति को प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने अपने हाथों से लिखा था। इसे लिखने में उन्हें 6 महीने लगे थे।

    13:22 (IST)26 Jan 2020
    26 जनवरी का इतिहास

    आजादी के बाद डॉ.  भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया था जिसे ड्राफ्टिंग कमेटी के नाम से जाना गया। 28 अगस्त 1947 की मीटिंग में भारत के स्थायी संविधान का प्रारुप तैयार करने की जिम्मेदारी ड्राफ्टिंग कमेटी को दी गई। 4 नवंबर 1947 को डॉ बी.आर.अंबेडकर की अध्यक्षता में भारतीय संविधान के मसौदे को सदन में रखा गया। संविधान निर्माण में 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन का समय लगा जिसे आखिरकार 26 जनवरी 1950 को लागू कर दिया गया। 

    13:06 (IST)26 Jan 2020
    जोश और सम्मान का मिश्रण है गणतंत्र दिवस

    26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में पूरे देश में काफी जोश और सम्मान के साथ मनाया जाता है। 1950 में इसी दिन भारत गणतंत्र बना था और देश का संविधान पारित हुआ था। इस वजह से 26 जनवरी को हमारे देश के आत्मगौरव व सम्मान के साथ भी जोड़ा जाता है। वहीं, लोग भी इस दिन बेहद गौरवांवित महसूस करते हैं। इसके अलावा स्वतंत्रता दिवस पर भी लोग देशभक्ति की भावनाओं से ओत-प्रोत रहते हैं।

    12:50 (IST)26 Jan 2020
    गणतंत्र को प्रजातंत्र या जनतंत्र भी कहते हैं

    26 जनवरी 1950 को देश में संविधान लागू किया गया था जिसकी बदौलत हमारा देश एक गणतंत्र देश बना। तब से आज तक हम इसे याद करने के लिए 26 जनवरी को हर साल गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। गणतंत्र का अर्थ है लोगों का और उनके हित में किया गया शासन। संविधान में एक आम व्यक्ति को कई प्रकार की शक्तियां प्राप्त हैं जिसका इस्तेमाल लोग समय-समय पर करते हैं। इस वजह से गणतंत्र को प्रजातंत्र या जनतंत्र भी कहते हैं।

    12:33 (IST)26 Jan 2020
    इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो थे पहले मुख्य अतिथि

    राजपथ पर होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में हर बाद विदेश से मुख्य अतिथि आते हैं। ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो इस 71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में आए हैं। गणतंत्र दिवस समारोह को राजपथ पर मनाने की परंपरा 1955 में हुई थी। उससे पहले ये समारोह इर्विन स्टेडियम में मनाया जाता था। इंडोनेशिया के तत्कालीन राष्ट्रपति सुकर्णो इर्विन स्टेडियम में आने वाले पहले मुख्य अतिथि थे।

    12:17 (IST)26 Jan 2020
    संविधान की प्रस्तावना

    देश में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। 1950 में इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। इसे हम सभी राष्ट्रीय पर्व के रुप में मनाते है और इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है। 26 जनवरी के अलावा 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस और 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन भी पूरे भारत में अवकाश रहता है। भारतीय संसद में भारत के संविधान के लागू होते ही भारत पूरी तरह से लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया था।

    12:03 (IST)26 Jan 2020
    कवि सम्मेलन का आयोजन

    गणतंत्र दिवस के मौके पर देश भर में कई कार्यक्रमों का आयोजन होता है जिसमें देशभक्त बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। कई बड़े संस्थानों और सरकारी कार्यालयों में कविता पाठ और कवि सम्मेलन का भी आयोजन होता है। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज में कई प्रतियोगिताएं होती हैं जिनमें से भाषण, निबंध और शेर-ओ-शायरियां प्रमुख हैं।

    11:49 (IST)26 Jan 2020
    युवा हैं देश का भविष्य

    गणतंत्र दिवस के मौके पर लगभग सभी स्कूलों और कॉलेजों में झंडा फहराया जाता है। साथ ही बच्चों को आजादी की कीमत बताई जाती है। इसके अलावा राजपथ पर होने वाले समारोह में भी बच्चों का खास योगदान होता है। जहां एनसीसी कैडेट्स सैनिकों के साथ कदम से कदम मिलाते हुए परेड करते हैं तो वहीं कई स्कूली बच्चे समारोह में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों का हिस्सा बनते हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री द्वारा कुछ साहसी बच्चों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से भी नवाजा जाता है।

    11:34 (IST)26 Jan 2020
    किसी धर्म से नहीं है जुड़ा

    गणतंत्र दिवस हमारा राष्ट्रीय पर्व है जिसे सभी धर्मों के लोग साथ मिलकर मनाते हैं। यह पर्व किसी धर्म, जाति या समुदाय से न जुड़ा होकर समूचे देश का त्योहार है। राजधानी दिल्ली में राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह को बेहद भव्य रूप से मनाया जाता है जिसमें देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रिमंडल के सदस्य जैसे गणमान्य व्यक्ति  भाग लेते हैं। राजपथ पर राज्यों की झांकियों के अलावा भारत की सैन्य ताकत का प्रदर्शन की झलक भी दिखाई जाती है। इसके अलावा राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत और महात्मा गांधी का प्रिय प्रार्थना गीत अबाईड विद मी की धुन भी बजाई जाती है। 

    11:15 (IST)26 Jan 2020
    सांस्कृतिक विरासत का जश्न

    गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजपथ पर होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में अलग-अलग राज्यों की खूबसूरती को नृत्य व गानों के जरिये दिखाया जाता है। 71वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्र की अनमोल सांस्कृतिक धरोहर व परंपरा और आर्थिक प्रगति को दर्शाने वाली 22 झांकियों में से 16 झांकियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी। इसके अलावा देश के लोगों के हित में बनाए गए स्कीम्स को दर्शाते हुए छह कार्यक्म होंगे। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की छह झांकियों में 'स्टार्ट अप इंडिया' और 'जल जीवन मिशन' जैसी सरकारी योजनाओं का दिखाया जाएगा।

    10:54 (IST)26 Jan 2020
    सोशल मीडिया और देशप्रेम

    आज हम अपना 71वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। इतने सालों की गुलामी के बाद आजाद भारत के लोगों में देशप्रेम कूट-कूट कर भरा है। आज के सोशल मीडिया के जमाने में लोगों के पास अपना देशप्रेम दिखाने के कई अलग-अलग तरीके उपलब्ध हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करने के साथ ही लोग देश को लेकर अपने विचार भी रखते हैं। इसके अलावा बहुत से सोशल मीडिया माध्यमों पर इस दिन के जश्न को मनाने के लिए कई फिल्टर्स भी मौजूद रहते हैं। साथ ही लोग आज के दिन कई हैशटैग्स का भी इस्तेमाल करते हैं।

    10:42 (IST)26 Jan 2020
    रिपब्लिक डे 2020

    इस साल हम अपना 71वां गणतंत्र दिवस समारोह मनाएंगे। दिल्ली के राजपथ पर सेना जहां एक तरफ देश की सैन्य ताकत दिखाएगी वहीं, परेड में देश की परंपरा व संस्कृति भी झलकेगी। न सिर्फ राजपथ, बल्कि विभिन्न स्कूल, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में ध्वाजारोहण एवं राष्ट्रगान होगा। देश को आजाद कराने में अपनी जान की बाजी लगाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करने के साथ ही देश की रक्षा में प्राण गंवाने वाले शहीदों को भी श्रद्धांजलि दी जाएगी।

    10:24 (IST)26 Jan 2020
    वंदे मातरम का स्थान है ‘जन गण मन’ के बराबर

    जन-गण-मन और अबाईड विद मी के साथ ही वंदे मातरम की धुनें भी गणतंत्र दिवस के मौके पर लोगों को राजपथ पर सुनाई देती है। वंदे मातरम् की रचना बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा की गई थी। बंगाल में चले आजादी के आंदोलन के दौरान विभिन्न रैलियों में जोश भरने के लिए यह गीत गाया जाता था। धीरे-धीरे यह गीत लोगों में काफी लोकप्रिय हो गया और देश के अलग-अलग स्थानों पर इसे गाया जाने लगा। 14 अगस्त 1947 की रात संविधान सभा की पहली बैठक का प्रारंभ ‘वंदे मातरम’ के साथ और समापन ‘जन गण मन’ के साथ हुआ।

    10:09 (IST)26 Jan 2020
    हम भारत के लोग...

    भारतीय संविधान में यह साफ तौर से लिखा हुआ है कि भारत एक सम्प्रुभता सम्पन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और गणराज्य है। सम्प्रभुता शब्द जहां स्वतंत्र होने के मायने बताता है वहीं, समाजवादी शब्द संविधान के 1976 में हुए 42वें संशोधन अधिनियम द्वारा प्रस्तावना में जोड़ा गया था। पंथनिरपेक्ष या धर्मनिरपेक्ष भी इसी संशोधन में शामिल किया गया था। लोकतांत्रिक भारत एक स्वतंत्र देश है,  जहां लोगों को अपने मनमुताबिक नेता चुनने की आजादी दी गई है।

    09:55 (IST)26 Jan 2020
    यूं होता है समापन

    26 जनवरी को पूरा देश गणतंत्र दिवस के जश्न में डूबा होता है। भारत की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजपथ में गणतंत्र दिवस समारोह बेहद धूमधाम से मनाई जाती है। तीन दिन तक चलने वाले इस समारोह की शुरुआत जहां राष्ट्रपति के तिरंगा झंडा फहराने से होती है, वहीं 'बीटिंग द रिट्रीट' सेरिमनी के साथ गणतंत्र दिवस का आयोजन समाप्त होता है। इसके अलावा समारोह में कई कार्यक्रमों व ड्रिल का आयोजन किया जाता है। 

    09:42 (IST)26 Jan 2020
    21 तोपों की सलामी

    गणतंत्र दिवस समारोह के मौके पर कई तरह के रंगारंग कार्यक्रम होते हैं जिनमें से लोक नृत्य, लोक गीत और परेड सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसके अलावा जैसे ही राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं, उन्हें 21 तोपों की सलामी दी जाती है। इस मौके पर, नौसेना और थलसेना के द्वारा देश की आजादी के लिए लड़े शहीदों के सम्मान में बंदूकों और तोपों से सलामी दी जाती है। साथ ही देश के लिए शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी जाती है।

    09:27 (IST)26 Jan 2020
    हर गण के मन में बसा है जन-गण-मन

    राष्ट्रीय गान के बोल सुनते ही हर भारतीय नागरिक उसके सम्मान में सावधान की मुद्रा में खड़ा हो जाता है। हृदयस्पर्शी इस धुन को हम जन गण मन कहते हैं। 13 लाइनों में लिखा गया यह गाना भारतीय संविधान और भारत के अस्तित्व की पहचान है, इसलिए इस गीत को राष्ट्र गान की उपाधि से भी नवाजा गया है। राष्ट्रगान के गायन की अवधि लगभग 52 सेकेण्ड होती है। 1905 में रवीन्द्रनाथ टैगौर ने सबसे पहले जन गण मन बांग्ला भाषा में लिखी और उसे अपने सुरीले संगीत से सजाया। इसके बाद 24 जनवरी, 1950 को संविधान सभा में ‘जन गण मन’ के हिन्दी संस्करण को भारत के राष्ट्रगान के रूप में मान्यता दी गई।

    09:16 (IST)26 Jan 2020
    देश-विदेश में रहता है खुशी का माहौल

    हर भारतीय के लिए गणतंत्र दिवस का पर्व मनाना बहुत ही सम्मान की बात होती है। देश के हर शहर के कई स्कूल, कॉलेज और दफ्तरों आदि में हर जगह 26 जनवरी को भारत देश का झंडा फहराया जाता है और रंगारंग समारोह का भी आयोजन होता है। इसमें होने वाले प्रोग्राम्स की तैयारी महीनों पहले से शुरू हो जाती हैं। इसके अलावा विदेश में रहने वाले भारत के लोग भूी 26 जनवरी को पूरे उत्साह और खुशी के साथ मनाते हैं। 

    09:02 (IST)26 Jan 2020
    गणतंत्र दिवस और पूर्ण स्वराज का संबंध

    भारत में गणतंत्र दिवस हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है। 1950 में इसी देश में संविधान लागू हुआ था। हालांकि, संविधान का निर्माण कार्य कुछ समय पहले ही पूरा हो गया था। लेकिन इसे लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि 26 जनवरी 1930 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में अंग्रेजों से पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पास हुआ था। गणतंत्र का अर्थ होता है प्रजा यानी कि लोगों का शासन। इस दिन हमे भी देश सेवा, प्रगति और तरक्की के योगदान के बारे में कदम उठाने चाहिए और इनपर अमल करना चाहिए।

    08:46 (IST)26 Jan 2020
    सैन्य ताकत का होता है प्रदर्शन

    26 जनवरी को हर भारतीय राजपथ पर होने वाले सैन्य परेड को लेकर उत्सुक और उत्साहित रहते हैं। कुछ लोग इसे वहां जाकर देखते हैं तो कुछ टीवी पर इसका सीधा प्रसारण देखते हैं। सेना की तीनों टुकड़ियां परेड करते हुए भारत के राष्ट्रपति को सलामी देती है। इसके अलावा भी सेना कई कलाओं का प्रदर्शन करती है। देश के 71वें गणतंत्र दिवस समारोह में भी सेना राजपथ पर भारत की बढ़ती सैन्य ताकत का नजारा पेश करेगी। इसके अलावा देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक-आर्थिक प्रगति का भव्य प्रदर्शन होगा। 

    08:32 (IST)26 Jan 2020
    राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दी जाएगी शहीदों को श्रद्धांजलि

    हर बार गणतंत्र दिवस पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति व सेना के प्रमुख इंडिया गेट के अमर ज्योति जवान पर पुष्प अर्पित करते थे। पर इस बार गणतंत्र दिवस परेड समारोह की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडिया गेटके पास ही स्थित  राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर सभी देशवासियों के तरफ से शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह पहली बार होगा जब प्रधानमंत्री अमर जवान ज्योति की बजाय राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वहीं, परेड की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा परेड की सलामी लेने से होगी।

    08:18 (IST)26 Jan 2020
    26 जनवरी 1950 को ये कदम भी उठाए गए थे

    भारतीय इतिहास में 26 जनवरी का दिन सुनहरे अक्षरों में चिन्हित है क्योंकि इस दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। आज के ही दिन 1950 में  भारत एक संप्रभुत्व वाला लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित हुआ था। इसके अलावा सी. गोपालाचारी ने भारत के अंतिम गवर्नर जनरल का पद भी इसी दिन छोड़ा था जिसके बाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद ने इस पद की शपथ ली थी और अपना कार्यभार संभाला था। वहीं, 26 जनवरी 1950 को ही अशोक स्तंभ को राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न के तौर पर अपनाया गया था। 

    08:03 (IST)26 Jan 2020
    गणतंत्र दिवस- एक राष्ट्रीय पर्व की पहचान

    भारत अनेक धर्मों, आस्थाओं और संस्कृतियों के मेलजोल वाला देश है। यहां जितने धर्म हैं, उससे भी अधिक हैं उनमें मनाए जाने वाले त्योहार।  अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोग हर्षोल्लास से अपने त्योहार मनाते हैं, साथ ही दोस्त, रिश्तेदार भी उसमें शामिल होते हैं। गणतंत्र दिवस एक ऐसा राष्ट्रीय पर्व है जो प्रत्येक देशवासी के लिए महत्वपूर्ण है और पूरे देश में सम्मान और स्नेह के साथ मनाया जाता है। हर देशवासी इस दिन फिर चाहे वो किसी भी धर्म का हो, देशभक्ति से ओत-प्रोत हो यह पर्व मनाता है। इसके अलावा, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती भी राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है।

    07:46 (IST)26 Jan 2020
    कई दिन पहले से चलते रहती है रिहर्सल

    देश में 71 वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर रिहर्सल का दौर जारी है। हर साल 26 जनवरी को होने वाले कार्यक्रमों की प्रैक्टिस काफी दिन पहले से शुरू हो जाती है। रंगारंग कार्यक्रम से लेकर सैन्य टुकड़ियों द्वारा किए जाने वाला परेड, सारी ही चीजों की तैयारियां लगभग एक महीने पहले से ही शुरू हो जाती है। इस समारोह को देखने के लिए देश के गणमान्य व्यक्तियों के साथ मुख्य अतिथि भी मौजूद रहते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों की झलक बेहतर तरीके दिखाई जा सके इसलिए सभी कार्यक्रमों के रिहर्सल होते हैं। उस महत्वपूर्ण किसी प्रकार की चूक न हो इसके लिए पहले से प्रैक्टिस बेहद जरूरी है।

    07:24 (IST)26 Jan 2020
    गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं कुछ इस अंदाज में दोस्तों से कहें

    ना जियो धर्म के नाम पर,ना मरो धर्म के नाम पर,इंसानियत ही हैं धर्म वतन का,बस जियों वतन के नाम पर ।

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    06:34 (IST)26 Jan 2020
    शाहीन बाग में दादियां फहराएंगी तिरंगा

    शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना पढ़कर गणतंत्र दिवस की शुरुआत की। वहां मौजूद लोगों ने कहा कि उनकी लड़ाई लंबी है और ये चलती रहेगी। धरने पर बैठी महिलाएं आज 26 जनवरी की सुबह शाहीन बाग में 80 फीट ऊंचा और 45 मीटर लंबा तिरंगा फहराएंगी।

    05:10 (IST)26 Jan 2020
    भारत के संविधान की प्रस्तावना (Preamble)

    हम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, प्राप्त कराने के लिए तथा उन सब में, व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।

    04:18 (IST)26 Jan 2020
    महाराष्ट्र में संविधान की प्रधानता के लिए अलग योजना

    महाराष्ट्र सरकार ने निर्धारित किया है कि 26 जनवरी यानी आज से हर प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में सुबह की प्रार्थना के बाद भारतीय संविधान की प्रस्तावना को पढ़ा जाएगा। संविधान की संप्रभुता सबके हित में.. नामक सरकारी कार्यक्रम के तहत ये शुरू किया गया है। महाराष्ट्र में ये अनिवार्यता ऐसे समय में की गई है जब कई जिलों में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे हैं।

    22:20 (IST)25 Jan 2020
    26 जनवरी 1950 में लागू हुआ था संविधान

    बहुत संघर्षों के बाद 1947 में ब्रिटिश शासन से हमारे देश को आज़ादी मिली। अंग्रेजों से आज़ादी के बाद भारत को एक स्व-शासित देश बनने के लिए संविधान की जरूरत थी। डॉक्टर बी.आर अंबेडकर के नेतृत्व में हमारे देश का संविधान लिखा गया जिसे 26 जनवरी 1950 में लागू किया गया। इसके बाद से ही हर वर्ष इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

    20:50 (IST)25 Jan 2020
    रिपब्लिक डे पर देशभक्ति कोट्स
     

    1.भूख, गरीबी, लाचारी कोइस धरती से आज मिटाएं,भारत के हर वासी कोउसके सब अधिकार दिलाएंआओ सब मिलकर गणतंत्र दिवस मनाएं।

    2. आज़ादी का जोश कभी कम ना होने देंगे,जब भी ज़रूरत पड़ेगी देश के लिए जान न्योछावर करेंगे।क्योंकि हम भारत के वासी, अब दोबारा इस पर कोई आंच ना आने देंगे।

    3. कतरा कतरा दे दूंगा अपने वतन के लिए,रात और दिन बॉर्डर पर पहरा दूंगा अपने वतन के लिए।ये कुर्बानी है मेरी मेरे देश के लिए,जरुरत आने पर अपनी जान भी दूंगा अपने वतन के लिए।

    19:43 (IST)25 Jan 2020
    प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने लिखी है संविधान की मूल प्रति

    हिंदी और अंग्रेजी में मौजूद संविधान की प्रतियों को प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने लिखा है। हाथों से लिखे गए संविधान की प्रतियां कैलीग्राफ्ड भी उनके द्वारा ही की गई। यह रायजादा का खानदानी पेशा हुआ करता था। 06 महीने की अवधि में लिखे गए संविधान में टाइपिंग या प्रिंटिंग का कहीं कोई इस्तेमाल नहीं किया गया है। एक हजार से भी अधिक सालों तक बचे रहने वाले सूक्ष्मजीवी रोधक चर्मपत्र (Microbial Parchment) पर भारतीय संविधान की पांडुलिपि (Manuscript)  लिखकर तैयार की गई है जिसमें 234 पेज हैं और इसका वजन 13 किलो है।

    19:27 (IST)25 Jan 2020
    विकसित होकर ही मिलेगी पूरी आजादी

    इस साल हम देश का 71वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं और देश की आजादी के 80 बरस भी जल्द ही पूरे हो जाएंगे। आजादी मिलने और संविधान लागू होने के इतने सालों बाद भी हमारा देश विकास की गति में धीमा ही है। आज भी भारत नक्सलवाद, आतंकवाद, अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, अशिक्षा, हिंसा, गरीबी, लड़कियों के साथ छेड़छाड़ जैसी समस्याओं से लड़ रहा है। एकजुट होकर काम करने से ही देश की ये समस्याएं जड़ से खत्म होंगी। हम सभी को एक होकर इन समस्याओं को खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए। जब तक भारत इन परेशानियों से जूझता रहेगा तब तक हमें सही मायनों में आजादी नहीं मिलेगी। सभी धर्म-जाति के लोगों के एक होकर प्रयास करने से सर्वश्रेष्ठ और विकसित भारत का निर्माण हो सकता है।

    19:07 (IST)25 Jan 2020
    गणतंत्र दिवस पर मिलता है वीरता सम्मान

    26 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजपथ में रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन होता है जिसमें राष्ट्रपति ध्वजारोहण करते हैं और देशवासियों को संबोधित करते हुए भाषण भी देते हैं। इसके अलावा देश की तीनों सेना की टुकड़ियां एक साथ परेड करती है। कई लोकनृत्यों और गीतों का सिलसिला भी चलता है जो भारतीय संस्कृति की झलक दिखाती है। जहां एक ओर राष्ट्रपति, अन्य गणमान्य व्यक्तियों के संग अमर ज्योति पर फूल चढ़ाकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजि देते हैं वहीं, इस दिन वीर सैनिकों को उनके साहस और पराक्रम के लिए सम्मान से भी नवाजा जाता है। देश की रक्षा के लिए अतुल्य योगदान और बलिदान देने वाले सैनिकों को, उनकी इस वीरता के लिए पदकों से पुरस्कृत किया जाता है। गणतंत्र दिवस के मौके परम वीर चक्र, वीर चक्र एवं महावीर चक्र दिया जाता है। साथ ही इस दिन प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भी देते हैं।

    18:47 (IST)25 Jan 2020
    गणतंत्र दिवस पर रहते हैं सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध

    गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश के कई गणमान्य लोगों के साथ ही मुख्य अतिथि भी मौजूद रहते हैं। ऐसे में सुरक्षाबलों द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं। पुलिस अधिक अलर्ट और चौकन्ना हो जाती है। इसके अलावा हर शहर के व्यस्त इलाकों में गश्त बढ़ा दी जाती है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट्स पर भी अधिक सुरक्षाबल तैनात कर दिये जाते हैं। साथ ही 26 जनवरी को यातायात भी बाधित रहती है। दिल्ली में राजपथ पर होने वाले कार्यक्रम को नजर में रखते हुए एक दिन पहले से ही उस रूट में गाड़ियों के घुसने पर मनाही हो जाती है। इसके अलावा कार्यक्रम में ले जाने वाली कई वस्तुओं पर भी रोक लगी होती है।

    18:27 (IST)25 Jan 2020
    देश के गणतंत्र होने के बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने लिया था शपथ

    संविधान सभा द्वारा 26 जनवरी 1950 को सुबह- सुबह ही भारत का संविधान लागू किया गया था जिसके बाद हमारा देश एक गणतंत्र देश बन गया। एक गणतंत्र देश बनने के कुछ देर बाद ही डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। इस दिन पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे। संविधान सभा द्वारा ही सभी की सहमति से डॉ. प्रसाद को राष्ट्रपति घोषित किया गया था। संविधान होने की वजह से भारत के सभी जाति और वर्ग के लोगों को एक दूसरे जुड़े हैं और बिना किसी मतभेद के रहते हैं क्योंकि इसमें सभी धर्मों के लोगों को समान रूप से प्रमुखता दी गई है। 

    18:07 (IST)25 Jan 2020
    शहीदों को श्रद्धांजलि

    गणतंत्र दिवस पर होने वाले कार्यक्रम देश की परंपरा और संस्कृति को झलकाते हैं। साथ ही यहां की एकता और अखंडता को भी दर्शाते हैं। सेना द्वारा परेड और कला प्रदर्शन उनकी वीरता और पराक्रम को दिखाता है। साथ ही लोगों में एक विश्वास पैदा करता है कि उनके रहते देशवासियों को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है। इस दिन भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और भारतीय सशस्त्र बलों के प्रमुख कमांडर इंडिया गेट के अमर जवान ज्योति  पर शहीद हुए भारतीय सैनिकों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हैं। साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों को भी नमन करते हैं।

    17:46 (IST)25 Jan 2020
    गणतंत्र दिवस और संविधान दिवस

    भारत की संविधान सभा में 24 नवंबर 1947 को देश का संविधान पेश हुआ। पर इसे लागू होने में 26 जनवरी 1950 तक का समय लग गया।  हम हर साल इस दिन को याद करते हुए 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। दूसरी तरफ संविधान के संविधान सभा में प्रस्तावित होने वाले दिन यानि कि 24 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाते हैं।   गणतंत्र का अर्थ होता है कि देश में रहने वाले लोगों की सर्वोच्च शक्ति मिले, साथ ही इसे सही दिशा में ले जाने के लिए एक राजनैतिक नेता के रूप में अपने प्रतिनिधियों का चुनने का अधिकार भी लोगों को मिले।

    17:26 (IST)25 Jan 2020
    हर तरफ चढ़े देशभक्ति का रंग

    गणतंत्र दिवस के मौके पर लोग अलग-अलग तरीकों से जश्न मनाना पसंद करते हैं। जहां कुछ लोग इस मौके पर होने वाले समारोह में भाग लेते हैं तो वहीं कई लोग घर में टीवी पर राजपथ का सीधा प्रसारण देखते हैं। इस दिन लोगों के परिधानों, पकवानों हर जगह से देशभक्ति की सुगंध आती है। बच्चे तिरंगा झंडा लिए स्कूल जाते हैं। कुछ लोग झंडा वाला स्टिकर भी इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा गणतंत्र दिवस के मौके पर लोग जलेबी खाना भी पसंद करते हैं। केसरिया, सफेद और हरे रंगों के परिधानों में लोग घूमने भी निकलते हैं, साथ ही कई तस्वीरें भी खिचवाते हैं। 

    17:10 (IST)25 Jan 2020
    अबाईड विद मी गीत का है गणतंत्र दिवस से संबंध

    हेनरी फ्रांसिस की प्रार्थना गीत अबाईड विद मी हर बार गणतंत्र दिवस के मौके पर गाया जाता है। 19वीं शताब्दी में लिखे गए इस गाने को कंपोज विलियम हेनरी मॉन्क ने किया था। यह गीत महात्मा गांधी की पसंदीदा धुनों में से एक थी जिसकी धुनों को देशवासी हर बार गणतंत्र दिवस पर के मौके पर सुनते हैं। 1950 से हर वर्ष बीटिंग द रीट्रीट के समय इस गाने को गाया जाता है। रिपब्लिक डे पर इसके अलावा और भी कई रंगारंग प्रस्तुतियां होती हैं जिनमें कई राज्यों के लोक नृत्य और लोकगीत शामिल हैं। इससे देश की विभिन्न संस्कृतियों की झलक मिलती है। 

    16:46 (IST)25 Jan 2020
    क्या है बीटिंग द रीट्रीट

    गणतंत्र दिवस समारोह में तीन दिनों का रंगारंग कार्यक्रम होता है। 26 जनवरी से शुरू हुए इस कार्यक्रम की समाप्ति होती है बीटिंग द रीट्रीट से। बीटिंग रिट्रीट का आयोजन गणतंत्र दिवस समारोह के तीसरे दिन यानि कि 29 जनवरी की शाम को किया जाता है जिसमें देश के राष्ट्रपति मुख्य अतिथि होते हैं। इन तीनो दिनों तक राष्ट्रभवन समेत सभी सरकारी भवन दुल्हन की तरह सजी रहती हैं। इसमें सेना की तीनों टुकड़ियां बैंड पर परफॉर्म करती है। साथ ही एक साथ मार्च पास्ट भी करती हैं। बीटिंग द रीट्रीट का समापन देशभक्ति गीत 'सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा' गाने से होती है।

    16:27 (IST)25 Jan 2020
    गणतंत्र दिवस में अन्य देशों के राष्ट्रपति होते हैं मुख्य अतिथि

    इस साल हम देश का 71वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं जिसमें ब्राजीली राष्ट्पति जेयर बोलसोनारो मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद होंगे। हर गणतंत्र दिवस के अवसर पर दूसरे देशों के राष्ट्रपति या कोई और गणमान्य व्यक्ति मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किये जाते हैं। 1950 में हुए गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में इंडोनेशिया के तत्कालीन राष्ट्रपति सुकर्णो मुख्य अतिथि बनकर आए थे। वहीं, 1955 में राजपथ में हुए पहले गणतंत्र दिवस समारोह में पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद थे। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से लेकर पुतिन तक इस समारोह का हिस्सा बन चुके हैं।

    16:03 (IST)25 Jan 2020
    गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस में अंतर

    26 जनवरी (26 January) को देश अपना 71वां गणतंत्र दिवस (Republic Day) धूमधाम से मनाएगा। राजपथ पर शानदार परेड के साथ-साथ देशप्रेमियों को अनेकों सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने का मौका मिलेगा। पर कुछ लोगों को गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के बीच का अंतर नहीं पता होता। भारत में हर साल देशवासी 15 अगस्त को  स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं, 1947 में 15 अगस्त को ही देश को ब्रिटेन से आजादी मिली थी। वहीं 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के तौर पर मनाया जाता है  जिस दिन 1950 में भारतीय संविधान लागू हुआ था। जहां 15 अगस्त 1947 में देश स्वतंत्र हुआ था, वहीं  26 जनवरी 1950 के बाद से भारत एक स्वतंत्र गणराज्य बन गया। भारत के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज दोनों ही दिनों पर जश्न मनाने के लिए हर भारतीय प्रत्येक वर्ष उत्साहित रहते हैं।

    15:47 (IST)25 Jan 2020
    भारतीय झंडे का इतिहास

    तिरंगा हर भारतीय को जान से भी प्यारा होता है। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के मौके पर हर बार ध्वजारोहण होता है। महात्मा गांधी ने हर राष्ट्र का झंडा होना अनिवार्य बताया था। लाखों लोगों ने इस पर अपनी जान न्‍योछावर की है। उनके अनुसार  यह एक प्रकार की पूजा है, जिसे नष्‍ट करना पाप होगा। तिरंगा को इसके वर्तमान स्‍वरूप में 22 जुलाई 1947 को भारतीय संविधान सभा की बैठक के दौरान अपनाया गया था। इसे 15 अगस्‍त 1947 और 26 जनवरी 1950 के बीच भारत के राष्‍ट्रीय ध्‍वज के रूप में अपनाया गया और इसके बाद भारतीय गणतंत्र ने भी इसे अपना लिया। इससे पहले भारतीय झंडे में केसरिया, सफेद और बीच में गांधी जी का चलता हुआ चरखा था।

    15:23 (IST)25 Jan 2020
    गणतंत्र दिवस के तरह ही संविधान दिवस भी मनाया जाता है

    26 जनवरी हर एक भारतीय के लिए गौरव का क्षण होता है क्योंकि 1950 में आज के दिन ही देश का संविधान लागू हुआ था। विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान के निर्माण में तकरीबन 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे थे। इतने दिनों में तैयार हुए संविधान में विश्व के लगभग देशों के अच्छे गुण शामिल थे। डॉ. भीमराव अंबेडकर की कमान में बनाई गई समिति को सविंधान सभा में पहली बार 26 नवंबर 1949 को पेश किया गया था। इस महत्वपूर्ण दिन को याद रखने के लिए प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर को भारत में संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारतीय संविधान की मूल प्रति हिंदी और अंग्रेजी दोनों में ही हस्तलिखित थी। इसमें टाइपिंग या प्रिंट का इस्तेमाल नहीं किया गया था। दोनों ही भाषाओं में इसे प्रेम नारायण रायजादा ने लिखा था।

    15:05 (IST)25 Jan 2020
    सैनिकों का सम्मान, हमारा नैतिक कर्तव्य

    26 जनवरी यानि कि गणतंत्र दिवस के दिन लोगों को तीनों सैन्य टुकड़ियों द्वारा किया जाने वाला परेड काफी उत्साहित करता है। जांबाज सैनिक जब शक्ति एवं कला प्रदर्शन करते हैं तब लोगों का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। सैनिक परेड कर राष्ट्रपति को सलामी देते हैं, साथ ही यह यकीन दिलाते हैं कि लोग निश्चिंत रहें क्योंकि उनकी सुरक्षा में वो हमेशा मुस्तैद हैं। बिना अपनी जान की परवाह किये हुए देश की रक्षा करने वाले सैनिकों का हमें सिर्फ गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस ही नहीं बल्कि हमेशा सम्मान करना चाहिए। बॉर्डर पर जरूरत हो या कोई प्राकृतिक आपदा, सैनिक हमेशा लोगों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं।

    14:54 (IST)25 Jan 2020
    संविधान सभा के अध्यक्ष थे डॉ. राजेंद्र प्रसाद

    हमारे देश का लोकतंत्र देश में सबसे बड़ा है। 26 नवंबर 1949 को डॉ. बी.आर अंबेदकर की समिति ने संविधान सभा को संविधान का मसौदा पेश किया जिसे 26 जनवरी 1950 को देश में लागू किया गया। तब से हर साल हम इस दिन गणतंत्र दिवस मनाते हैं। संविधान के लागू होने के समय इसमें कुल 22 भाग, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थीं, जो वर्तमान में 25 भाग, 395 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियों में बंटा हुआ हैं। संविधान सभा में वैसे तो कई दिग्गज व्यक्ति मौजूद थें पर सभी की सहमति से डॉ. राजेंद्र प्रसाद को इसका अध्यक्ष घोषित किया गया। और इसी सभा ने  डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति भी चुना था।

    14:33 (IST)25 Jan 2020
    विश्व में सबसे बड़ा लिखित संविधान है भारतीय संविधान

    डॉ. बी.आर अंबेदकर को भारतीय संविधान का पितामह कहा जाता है। उन्हीं के नेतृत्व में संविधान सभा ने समिति का गठन किया था। इस समिति को संविधान का रूपरेखा तैयार करने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे थें जो कि 26 नवंबर 1949 को तैयार हुआ। मसौदा लिखने वाली समिति ने संविधान हिंदी, अंग्रेजी में हाथ से लिखकर कैलिग्राफ किया था जिसमें किसी प्रकार का  कोई टाइपिंग या प्रिंटिंग नहीं किया गया। इसकी प्रतियां आज भी सहेज कर रखी गई हैं। जवाहरलाल नेहरू,  डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल और मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे कई गणमान्य लोग संविधान सभा में शामिल थें।

    14:14 (IST)25 Jan 2020
    1955 में शुरू हुआ राजपथ पर गणतंत्र दिवस मनाने का सिलसिला

    इस साल हम अपना 71वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं जिसमें ब्राजीली राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर हर वर्ष राजपथ पर कार्यक्रम का आयोजन होता है। सबसे पहले राजपथ पर इस जश्न को मनाने की शुरुआत 1955 में हुई थी जिसमें पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थें। वहीं 1950 में  पहली गणतंत्र दिवस परेड, उस समय के इर्विन स्‍टेडियम जिसे अब नेशनल स्‍टेडियम कहा जाता है, वहीं हुई थी। उस वक्त वहां चारदीवारी नहीं थी जिससे उसके पीछे स्थित लाल किला साफ नजर आता था। इंडोनेशिया के तत्कालीन राष्ट्रपति सुकर्णो भारत के गणतंत्र दिवस पर आने वाले पहले मुख्य अतिथि थें।

    14:14 (IST)25 Jan 2020
    1955 में शुरू हुआ राजपथ पर गणतंत्र दिवस मनाने का सिलसिला

    इस साल हम अपना 71वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं जिसमें ब्राजीली राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर हर वर्ष राजपथ पर कार्यक्रम का आयोजन होता है। सबसे पहले राजपथ पर इस जश्न को मनाने की शुरुआत 1955 में हुई थी जिसमें पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थें। वहीं 1950 में  पहली गणतंत्र दिवस परेड, उस समय के इर्विन स्‍टेडियम जिसे अब नेशनल स्‍टेडियम कहा जाता है, वहीं हुई थी। उस वक्त वहां चारदीवारी नहीं थी जिससे उसके पीछे स्थित लाल किला साफ नजर आता था। इंडोनेशिया के तत्कालीन राष्ट्रपति सुकर्णो भारत के गणतंत्र दिवस पर आने वाले पहले मुख्य अतिथि थें।

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