एयर इंडिया की 68 साल बाद घर वापसी, टाटा संस को मिला मालिकाना हक; पुरानी तस्वीर शेयर कर इमोशनल हो गए रतन टाटा

टाटा संस ने एयर इंडिया के लिए 18,000 करोड़ रुपये की बोली लगाकर कंपनी का मालिकाना हक हासिल कर लिया है। रतन टाटा ने इस मौके पर जेआरडी टाटा की एक तस्वीर भी शेयर की है।

JRD tata, Ratan Tata
रतन टाटा ने शेयर की जेआरडी टाटा की तस्वीर (Photo- Ratan Tata/Twitter)

टाटा समूह ने घरेलू विमानन कंपनी एयर इंडिया (Air India) के लिए सबसे बड़ी बोली लगाई है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार (8 अक्टूबर) को जानकारी दी कि टाटा संस ने एयर इंडिया के लिए 18,000 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी, जबकि स्पाइसजेट के मालिक की तरफ से 15,000 करोड़ की बोली लगाई थी। इस तरह सबसे ऊंची बोली लगाकर टाटा संस ने एयर इंडिया का मालिकाना हक हासिल किया। एक तरीके से 68 साल बाद एयर इंडिया की घर वापसी हो रही है।

इमोशनल हुए रतन टाटा: टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा ने एयर इंडिया की बोली जीतने पर खुशी जाहिर की और एक पुरानी तस्वीर साझा कर इमोशनल भी हुए। रतन टाटा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक तस्वीर शेयर की। इस तस्वीर में एयर इंडिया के विमान से कुछ यात्री उतर रहे हैं। विमान के ठीक सामने जेआरडी टाटा खड़े दिख रहे हैं, जिन्होंने एक तरीके से इस कंपनी की नींव डाली थी।

जेआरडी टाटा होते तो बेहद खुश होते: रतन टाटा ने अपने नोट में लिखा, ‘एक वक्त ऐसा था जब जेआरडी टाटा की अगुवाई में एयर इंडिया ने दुनिया की बेहतरीन एयरलाइंस की सूची मैं जगह बनाई थी। टाटा के पास एक बार फिर मौका है कि विमानन कंपनी को वही रुतबा दोबारा वापस दिलाए। हम भरसक प्रयास करेंगे।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘अगर आज जेआरडी टाटा हमारे बीच होते तो वे बेहद खुश होते।’

क्यों कहा जा रहा है घर वापसी? बहुत कम लोग जानते हैं कि साल 1932 में जेआरडी टाटा ने ही एयर इंडिया की नींव डाली थी। तब इसका नाम टाटा एयरलाइंस हुआ करता था।साल 1946 में इसका नाम बदलकर एयर इंडिया रखा गया। आजादी के बाद सरकार ने कई एयरलाइंस कंपनियों का राष्ट्रीयकरण कर दिया, जिसमें एयर इंडिया भी शामिल थी।

हालांकि, राष्ट्रीयकरण के बावजूद जेआरडी टाटा कंपनी के चेयरमैन बने रहे और उनके नेतृत्व में कंपनी ने दुनियाभर में नाम कमाया और रुतबा हासिल किया। बाद में जब मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने जेआरडी टाटा को कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। चेयरमैन पद से हटाने से पहले टाटा को कोई सूचना तक नहीं दी गई थी। यह एक तरीके से अपमान सरीखा था।

पढें जीवन-शैली समाचार (Lifestyle News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट