कानून वापसी के बाद यूपी में बीजेपी और योगी के खिलाफ प्रचार करेंगे? अंजना ओम कश्यप के सवाल पर राकेश टिकैत ने दिया था ये जवाब

किसान नेता राकेश टिकैत से वरिष्ठ पत्रकार अंजना ओम कश्यप ने यूपी में चुनाव प्रचार को लेकर सवाल किया था। इसके जवाब में उन्होंने कुछ ऐसा कहा था।

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किसान नेता राकेश टिकैत (फोटो सोर्स – पीटीआई)

मुंबई के आजाद मैदान में रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा और महाराष्ट्र के किसान संघों की महापंचायत में आए भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने एमएसपी पर सरकार को दिमाग ठीक करने और बातचीत की मेज पर आने की चेतावनी दी। टिकैत यहीं नहीं रुके, उन्होंने वॉर्निंग के लहजे में कहा कि 26 जनवरी ज्यादा दूर नहीं है, हजारों ट्रैक्टर दिल्ली की ओर आने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में राकेश टिकैत का अंजना ओम कश्यप के साथ एक पुराना इंटरव्यू वायरल हो रहा है।

इस इंटरव्यू में अंजना ओम कश्यप ने राकेश टिकैत से प्रचार को लेकर सवाल पूछा था। अंजना ओम कश्यप ने सवाल किया था, ‘चुनाव प्रचार तो सभी कर रहे हैं। कानून वापसी के बाद भी यूपी में बीजेपी और योगी आदित्यनाथ के खिलाफ बोलेंगे? प्रचार करेंगे?’ इसके जवाब में उन्होंने कहा था, ‘हम लोगों को तो चुनाव लड़ना नहीं है। इसलिए चुनाव प्रचार का कोई सवाल पैदा नहीं होता है। हम लोग कोई पार्टी नहीं है। हम लोग तो वैसे भी संगठन हैं जो अपनी मांग के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हमारी अभी भी यही मांग है।’

राकेश टिकैत ने आगे कहा था, ‘अगर हम लोग बीजेपी और योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नहीं बोलेंगे तो किसके खिलाफ बोलेंगे? यूपी में अब जाकर कांग्रेस के खिलाफ बोलें? गन्ने, गन्ने के भुगतान और आलू का मुद्दा आएगा तो ये तो बीजेपी सरकार और योगी आदित्यनाथ ही तो देखेंगे। इससे चुनाव का क्या संबंध है। एमएसपी पर गारंटी कौन देगा? फसलों की खरीद प्रदेश में कम हो रही है। उसकी किसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? बिजली के दाम इतने ज्यादा हो रहे हैं उसकी जिम्मेदारी सरकार लेगी? हमारी मांग एमएसपी पर गारंटी कानून बने तो पूरे देश के किसानों को फायदा होगा।’

महबूबा मुफ्ती का साथ दोगे? दूसरी तरफ, ‘न्यूज़18’ से बात करते हुए राकेश टिकैत ने कहा, ‘हमारा महबूबा मुफ्ती और धारा 370 से क्या मतलब है? चुनाव आने वाले हैं तो आप लोग और सरकार इस पर फैसला करे। पहले सरकार ने एक साल तक इस आंदोलन को चलने ही क्यों दिया था? हम इस मुद्दे पर बात ही नहीं करना चाहते हैं। हमारे से आप किसान को लेकर सवाल करो। आप लोगों को सरकार के द्वारा टास्क दिया जाता है तो उसे पूरा करने के लिए ऐसे सवाल पूछे जाते हैं। हम किसी राजनीतिक मुद्दे को बढ़ावा नहीं देने वाले हैं।’

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