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जिम करते वक्त राजू श्रीवास्तव को पड़ा दिल का दौरा, जानिये वर्कआउट करते वक्त क्या सावधानी रखें

ट्रेडमिल पर वर्कआउट करते समय हार्ट बीट को मापना जरूरी है।

जिम करते वक्त राजू श्रीवास्तव को पड़ा दिल का दौरा, जानिये वर्कआउट करते वक्त क्या सावधानी रखें
डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या स्मोकिंग करने वाले लोग जब भी ट्रेडमिल पर वर्कआउट करने के बारे में सोचें तो उससे पहले उन्हें डॉक्टरों की जरूर सलाह लें। photo-freepik

पॉपुलर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को दिल का दौड़ा पड़ा। हैरानी की बात यह है कि उन्हें दिल का दौड़ा तब पड़ा, जब वे जिम में ट्रेडमिल पर दौड़ रहे थे।उन्हें तत्काल एम्स में भर्ती कराया गया, जहां उनकी एंजियोप्लास्टी हुई है। फिलहाल उन्हें आईसीयू में वेंटीलेटर पर रखा गया है। सेहत को तंदुरुस्त रखने के लिए एक्सरसाइज जरूरी है लेकिन जब जिम में पसीने की जगह हार्ट अटैक का सामना करना पड़े तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होता है। अब सवाल ये उठता है कि आखिर जिम में ऐसी कौन सी सावधानियां बरती जाए जिससे राजू श्रीवास्ताव जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा।

ट्रेडमिल पर सांस को रोकना हो सकता है घातक:

क्योर डॉट फिट के फिटनेस एक्सपर्ट दीपक रावत ने बताया कि जब आप जिम में ट्रेड मिल पर दौड़ रहे हैं तो आपको सांस रोककर नहीं रखना चाहिए। आपको हमेशा एक लय खोजने की कोशिश करनी चाहिए जो दौड़ने की तीव्रता के साथ अच्छी तरह से फिट हो जाए। ट्रेडमिल पर वर्कआउट करते समय हार्ट बीट को मापने से मदद मिल सकती है। अधिकांश ट्रेडमिल में यह सुविधा होती है। अगर ऐसा नहीं है तो छाती में बांधने वाली पट्टी से भी हृदय गति को मापा जा सकता है।

ट्रेडमिल पर वर्कआउट से पहले डॉक्टरों से सलाह लें:

नारायणा अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ विवेक चतुर्वेदी भी इस बात को स्वीकार करते हैं। डॉ चतुर्वेदी ने बताया कि जिस व्यक्ति को दिल से संबंधित बीमारियां हैं या जिनको इन बीमारियों का जोखिम ज्यादा है जैसे कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या स्मोकिंग करने वाले लोग जब भी ट्रेडमिल पर वर्कआउट करने के बारे में सोचें तो उससे पहले उन्हें डॉक्टरों की जरूर सलाह लेनी चाहिए।

उनकी सलाह पर ही ट्रेडमिल पर वर्कआउट करने जाएं। 30 वर्ष की आयु के बाद वाले लोग जिनका लाइफस्टाइल बहुत स्थिर या गतिहीन है और वे अब अपने लाइफस्टाइल को एक्टिव करना चाहते हैं, उन्हें भी ट्रेडमिल पर वर्कआउट करने से पहले डॉक्टरों से सलाह लेनी चाहिए।

बहुत ज्यादा वर्कआउट परेशानी का सबब:

गाजियाबाद में मणिपाल अस्पताल के कार्डियलॉजिस्ट डॉ भूपेंद्र सिंह ने कहा, ”जिम में हार्ड या अत्यधिक वर्कआउट से हार्ट की सक्रियता अचानक बंद हो सकती है जिसके कारण सडेन कार्डिएक डेथ का जोखिम रहता है। हार्ट में कुछ सामान्य खराबी जैसे कि वल्वुलर हार्ट एलमेंट, हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी, एरीथीमिया आदि के कारण ऐसा हो सकता है। इसमें अचानक हार्ट बीट बहुत तेज हो जाता है फिर सडेन डेथ हो सकता है। “

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