राजस्थान में एक ही परिवार की पांच बहनें हैं प्रशासनिक अधिकारी, तीन बहनों ने एक साथ क्लियर किया था RAS एग्जाम

राजस्थान के एक परिवार की तीन बहनों ने साथ एक साथ RAS एग्जाम में सफलता हासिल की थी। इनकी दो बहनें पहले से ही राजस्थान प्रशासनिक परीक्षा क्लियर कर चुकी थीं।

RAS Exam
अंशु, सुमन, मंजू, रोमा और ऋतु (Photo- UPSC Motivation/Facebook)

UPSC या राज्य की प्रशासनिक सेवा एग्जाम के लिए हर साल लाखों कैंडिडेट्स अपनी किस्मत आजमाते हैं। लेकिन सफलता चुनिंदा लोगों को ही हासिल हो पाती है। आज हम आपको राजस्थान की पांच बहनों की कहानी बताएंगे जिन्होंने राजस्थान प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में कामयाबी हासिल की थी और आज अपने राज्य में विभिन्न पदों पर सेवाएं दे रही हैं। सबसे खास बात है कि उनके पिता ने आठवीं से आगे पढ़ाई नहीं की थी और उनकी सभी बेटियां इतने बड़े पदों पर हैं।

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के भैरुसरी गांव में किसान सहदेव शरण की पांच बेटियां- रोमा, मंजू, अंशु ऋतु और सुमन ने जब प्रशासनिक एग्जाम क्लियर किया तो गांव में एक बार फिर दिवाली मनाई गई। सबसे खास बात है कि अंशु, ऋतु और सुमन ने तो एक ही साथ RAS एग्जाम क्लियर किया था। RAS एग्जाम में अंशु को 31, ऋतु को 96 और सुमन को 98 रैंक हासिल हुई थी यानी तीनों बहनों की रैंक अंडर 100 थी। ऋतु तीन बहनों में सबसे युवा हैं।

पहली बहन ने क्लियर किया था एग्जाम: पांच में सबसे बड़ी बहन रोमा ने साल 2010 में राजस्थान प्रशासनिक सेवा एग्जाम क्लियर किया था। अधिकारी बनने वाली रोमा परिवार की पहली शख्स थीं। अभी वह झुनझुनु जिले की ब्लॉक डेवलेपमेंट ऑफिसर हैं। वहीं, मंजू ने साल 2017 में RAS एग्जाम क्लियर किया था। अभी वह हनुमानगढ़ के कॉरपोरेट डिपार्टमेंट में सेवा दे रही हैं।

एग्जाम क्लियर होने के बाद तीन बहनों ने अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय माता-पिता को दिया था। उनका कहना था कि उनके परिवार ने बहुत आर्थिक परेशानियों का सामना किया है। वह घर में रहकर ही ज्यादातर पढ़ाई किया करती थीं। जबकि कोचिंग या ट्यूशन जैसी कोई सुविधा उनके पास नहीं थी, इसलिए उन्होंने नोट्स बनाकर ही पढ़ाई शुरू की थी। बड़ी बहन के चयन हो जाने के बाद सभी बहनों ने भी प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला किया था।

मुख्यमंत्री ने भी दी थी बधाई: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी तीनों बहनों को बधाई दी थी। साथ ही उन्होंने बेटियों के पिता की भी तारीफ की थी। अधिकारियों के चाचा मोहनलाल शरण ने एक इंटरव्यू में बताया था, मेरा भाई ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। मेरे भाई ने हर मुश्किल परिस्थिति का डटकर सामना किया है और अपनी बेटियों को भी इसके लिए लायक बनाया है।

पढें जीवन-शैली समाचार (Lifestyle News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट