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प्रियंका चतुर्वेदी के राजनीति में आने के फैसले से हैरान रह गए थे पति, कहा दिया था- कभी नहीं हो पाएंगी सफल; 10 साल में बन गईं सांसद

हाल ही में प्रियंका को संसद के शीतकालीन सत्र से निलंबित कर दिया गया, जिसका उन्होंने पुरजोर विरोध किया था।

प्रियंका चतुर्वेदी के राजनीति में आने के फैसले से हैरान रह गए थे पति, कहा दिया था- कभी नहीं हो पाएंगी सफल; 10 साल में बन गईं सांसद
प्रियंका के राजनीति में आने पर उनके पति विक्रम ने आपत्ति जताई थी। (फाइल फोटो)

शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी महिलाओं के मुद्दे पर मुखर नजर आती हैं। हाल ही में जब ‘बुल्लीबाई ऐप’ का मामला सामने आया तो वह इसके खिलाफ सबसे पहले आवाज उठाने वालों में शामिल थीं। हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि जब उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया तो उनके पति हैरान रह गए थे और यहां तक कह दिया था कि वह कभी सियासत में सफल नहीं हो पाएंगी। लेकिन राजनीति में आने के 10 सालों के अंदर ही वह संसद तक पहुंचीं और अलग मुकाम हासिल कर दिखाया।

प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी। जहां उन्होंने तमाम प्लेटफॉर्म पर मजबूती से पार्टी का पक्ष रखा। हालांकि बाद में मतभेद के बाद उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़ शिवसेना का दामन थाम लिया। शिवसेना ने ही उन्हें राज्यसभा भेजा।

राजनीति गंदी जगह है’: प्रियंका यूं तो मूल रूप से यूपी के मथुरा की रहने वाली हैं। लेकिन उनका जन्म मुंबई में हुआ। यहीं पली-बढ़ीं और राजनीति का ककहरा सीखा। साल 2010 में जब उन्होंन सक्रिय राजनीति में उतरने का फैसला लिया तो पति विक्रम चतुर्वेदी हैरान रह गए। उन्होंने आपत्ति जताई थी।

तब उन्होंने राजनीति को गंदगी बताते हुए प्रियंका को इससे दूर रहने की सलाह दी थी। हालांकि प्रियंका की काबिलियत और हुनर देख धीरे-धीरे पति विक्रम चतुर्वेदी का नज़रिया बदल गया। प्रियंका और विक्रम के दो बच्चे हैं। सियासत से इतर वह परिवार के साथ वक्त बिताना और बच्चों को समय देना पसंद करती हैं।

पीआर फर्म से की थी करियर की शुरुआत: कॉमर्स में ग्रेजुएट प्रियंका को पढ़ने-लिखने का बेहद शौक है। वह ब्लॉग लिखने में माहिर हैं। उनका ब्लॉग देश के टॉप टेन ब्लॉग्स में शुमार है। आपको बता दें कि प्रियंका ने अपने करियर की शुरुआत मीडिया पीआर और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी से की थी, जहां वह बतौर डायरेक्टर काम करती थीं। बाद में राजनीति में आईं।

महज एक दशक के राजनीतिक करियर में राज्यसभा तक पहुंचने वालीं प्रियंका हिंदी-अंग्रेजी के अलावा मराठी भाषा पर भी अच्छी पकड़ रखती हैं और दमदार भाषण देती है। प्रियंका गरीब बच्चों की शिक्षा में मददगार एक चैरिटेबल ट्रस्ट की ट्रस्टी भी हैं। इस ट्रस्ट के माध्यम से वो गरीब बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देती है।

सदन से कर दिया गया था निलंबित: आपको बता दें कि संसद के बीते शीतकालीन सत्र से कई सांसदों को निलंबित कर दिया गया था, जिसमें प्रियंका भी शामिल थीं। उन्होंने अपने निलंबन का पुरजोर विरोध किया था और इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए धरने पर बैठ गई थीं। कुछ दिनों पहले बुल्लीबाई ऐप का मामला सामने आया तो उन्होंने पहल करते हुए मुंबई पुलिस से इसकी शिकायत की। उनकी दखलंदाजी रंग लाई और इस ऐप को बनाने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।

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First published on: 10-01-2022 at 02:40:42 pm
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