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रिसर्चः प्रेग्नेंसी में मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बच्चे के दिमाग पर नहीं पड़ता कोई असर

गर्भावस्था में फोन का इस्तेमाल किसी भी तरह से बच्चे के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता है।

प्रतीकात्मक चित्र

अक्सर ऐसा माना जाता है कि प्रेग्नेंसी के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग बच्चे की सेहत के लिए सही नहीं है। यह बच्चे के न्यूरो-विकास पर बुरा प्रभाव डालता है। लेकिन हाल ही में हुए एक शोध में यह दावा किया गया है कि गर्भावस्था में फोन का इस्तेमाल किसी भी तरह से बच्चे के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता है। शोधकारों का कहना है कि हमारा अध्ययन ऐसी किसी भी धारणा का समर्थन नही करता जिसके मुताबिक प्रेग्नेंसी में फोन के इस्तेमाल से बच्चे की भाषा, संचार या फिर वाहन कौशल पर विपरीत असर पड़ता हो। इसके उलट शोध में ऐसा पहली बार दावा किया गया है कि जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान फोन का इस्तेमाल करती हैं उनके बच्चों में भाषा संबंधी जटिलता के खतरे काफी कम हो जाते हैं।

बीएमसी पब्लिक हेल्थ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि मोबाइल फोन यूजर महिलाओं से पैदा होने वाले बच्चों में वाक्य संबंधी उलझन होने का खतरा 27 प्रतिशत तक कम हो जाता है। इसके अलावा ऐसे बच्चों में इनकंप्लीट ग्रामर का खतरा 14 प्रतिशत तथा मॉडरेट लैंग्वेज का खतरा 31 प्रतिशत तक कम होता है। साथ ही साथ इन बच्चों में सेलफोन यूज न करने वाली महिलाओं के बच्चों के मुकाबले में मोटर स्किल का खतरा भी 18 प्रतिशत तक कम होता है। शोध में तकरीबन 45,389 मां-बेटों की जोड़ी का अध्ययन किया गया था तथा तीन से पांच साल तक के बच्चों की हरकतों को फॉलो किया गया था।

पूर्व में एपीडेमियोलॉजी एंड कम्युनिटी हेल्थ नाम की पत्रिका में प्रकाशित एक शोध में यह दावा किया गया था कि जिन बच्चों की मां गर्भावस्था के दौरान फोन का इस्तेमाल करती थीं उनके व्यवहार में समस्या होने की संभावना 50 प्रतिशत तक थी। ऐसा कहा गया कि प्रेग्नेंसी में फोन का इस्तेमाल करने से बच्चों के शारीरिक और मानसिक एक्टिविटी में काफी कमी देखी गई है। लेकिन ताजा शोध में ऐसी किसी भी संभावना से इंकार किया गया है।

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