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प्रेग्नेंसी में होने वाले पीठ दर्द से चाहिए राहत तो फॉलो करें ये 7 टिप्स

जरूरी है कि प्रेग्नेंसी के दौरान आप आलसी होने के बजाए अपने शरीर को क्रियाशील बनाए रखें। नियमित तौर पर हल्का शारीरीक व्यायाम काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। फिजिकल थेरेपिस्ट आपको गर्भावस्था के दौरान किये जाने वाले विभिन्न व्यायामों के विषय में बेहतरीन सलाह दे सकते हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर के पिछले हिस्से में दर्द यानी बैक पेन की शिकायत बहुत आम बात होती है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का वजन काफी बढ़ जाता है। हार्मोन्स में आए बदलाव और शरीर में हुए अन्य बदलावों की वजह से महिलाओं को इस दर्द से दो चार होना पड़ता है। हालांकि कुछ ऐसे जरूर टिप्स हैं जिन्हें अपनाकर महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले इस दर्द से राहत पा सकती हैं।

– जरूरी है कि प्रेग्नेंसी के दौरान आप आलसी होने के बजाए अपने शरीर को क्रियाशील बनाए रखें। नियमित तौर पर हल्का शारीरीक व्यायाम काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। फिजिकल थेरेपिस्ट आपको गर्भावस्था के दौरान किये जाने वाले विभिन्न व्यायामों के विषय में बेहतरीन सलाह दे सकते हैं। नियमित तौर पर टहलना, lower back को हल्का स्ट्रेच करना, शरीर के पिछले हिस्से को धीरे-धीरे गोल-गोल घुमाना इत्यादि कुछ ऐसे शारीरीक व्यायाम हैं जो प्रेग्नेंसी के दौरान आपको बैक पेन से काफी राहत दिलाते हैं। ध्यान रखें कि इन व्यायामों को करने से पहले फिजियो थेरेपिस्ट की सलाह जरुर लें।

-गर्भ में जब शिशु बड़ा होता है तो धीरे-धीरे शरीर के गुरुत्व का केंद्र बदलता है। ऐसे में जरूरी है कि शरीर के पिछले हिस्से के मशल्स की आप देखभाल करें ताकि बैकपेन से आप बच सकें। इसके लिए सीधा और लंबवत खड़े हो जाएं और सीने को ऊंचा रखें। अपने कंधों को पीछें और आराम की अवस्था में रखें और अपने केहुनी को मोड़े ना बल्कि सीधा रखें। इस अवस्था में अगर ज्यादा देर तक खड़ा रहने पर आपको अपने पैरों में दर्द हो तो एक छोटे से स्टूल पर अपने दूसरे पैर को टिका कर आराम कर लें।

– गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाएं सोने के तरीके पर खास ध्यान दें। महिलाओं को बिस्तर पर एक तरफ करवट कर सोना चाहिए ना कि पिछले हिस्से पर दबाव डालकर। सोने के वक्त एक या दोनों घुटने को मोड़ कर रखें। कोशिश करें की सोने के वक्त घुटने के पास, पेट के नीचे और पिछले हिस्से के नीचे एक तकीये का इस्तेमाल जरूर करें।

– शरीर के पिछले हिस्से में हिट पैड या फिर आइस पैक से मसाज भी फायदेमंद है।

-कुछ रिसर्च में यह भी कहा गया है कि एक्यूपंक्चर का इस्तेमाल भी बैक पेन से राहत दिलाने में काफी मददगार साबित हो सकता है। Chiropractic treatment से महिलाओं को राहत मिल सकती है। लेकिन अगर आप थेरेपी लेने के बारे में विचार कर रहे हैं तो चिकित्सक की सलाह जरूर लें।

-अगर आपको दो हफ्ते या उससे ज्यादा बैक पेन हो तो आपको चिकित्सकों की सलाह जरूर लेनी चाहिए। डॉक्टर आपको जरूरी दवाइयों की सलाह देंगे। इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि प्रेग्नेंसी के दौरान कभी-कभी यह बैक पेन preterm labor या फिर urinary tract infection के लक्षण हो सकते हैं।

-प्रेग्नेंसी के दौरान कम हील के चप्पलों का इस्तेमाल करें। ऐसे चप्पल या जूते का इस्तेमाल करें जिसपर आपका संतुलन बना रहें। गर्भावस्था के दौरान maternity support belt का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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