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प्रेग्नेंसी में पेन किलर से बनाए रखे दूरी, पड़ सकता है भारी

गर्भावस्था के दौरान पेनकिलर का सेवन मां और गर्भ में पल रहे बच्चे के मानसिक और शारीरिरक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इसलिए 4-6 महीने के बीच में पेनकिलर का सेवन ना करें और खुद और बच्चे को स्वस्थ रखें।

गर्भावस्था के दौरान पेनकिलर का सेवन भूलकर भी ना करें

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अपना खास ध्यान रखने की आवश्यता है। प्रेग्नेंसी के समय एक छोटी सी भी लापरवाही मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। अच्छा खान-पान, बेहतर जीवनशैली और पर्याप्त नींद प्रेग्नेंसी के दौरान जरूरी होता है। कई महिलाएं ऐसी होती हैं जिन्हें प्रेग्नेंसी के दौरान दर्द की समस्या अधिक होती है जिसके कारण वह पेनकिलर का सेवन करने लगती हैं। गर्भावस्था में पेनकिलर लेना बच्चे की समय से पहले प्यूबर्टी होने की संभावना को बढ़ा देता है। एक शोध के अनुसार जो महिलाएं अधिक पेनकिलर का सेवन करती हैं उन्हें अधिक मूड स्विंग्स होता है और ये परेशानी उन्हें प्रेग्नेंसी के शुरूआती दौर में ही होता है।

लड़कियों को प्यूबर्टी 10 से 11 साल की उम्र से शुरू होता है, लेकिन जो महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान पेनकिलर का अधिक सेवन करती हैं उनकी बेटियों का प्यूबर्टी समय से पहले आ जाता है। समय से पहले प्यूबर्टी की शुरूआत हो जानें की वजह से मोटापा, डायबिटीज, कार्डियोवस्कुलर डिजीज और ब्रेस्ट कैंसर जैसी स्वास्थ्य समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए समय से पहले प्यूबर्टी की शुरूआत होने के लक्षणों के बारे में अवगत होना चाहिए ताकि आप उसका उपचार कर सकें।

एक शोध के अनुसार 50 प्रतिशत महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान एक बार जरूर पेनकिलर का सेवन करती हैं। पेनकिलर लेने के कारण बच्चे का मानसिक और शारीरिक विकास बहुत धीमी गति में होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान पेनकिलर भ्रूण के विकास में भी बाधा डालता है। एक शोध के अनुसार जो महिलाएं पेनकिलर लेती हैं उनके बेटों में नपुंसकता का खतरा भी सात गुना ज्यादा हो जाता है। इसलिए गर्भावस्था के शुरूआती 4-6 महीने के बीच पेनकिलर लेने से बचना चाहिए वरना आपके और आपके बच्चे के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए किसी भी दवा या फिर पेनकिलर का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें और उनकी सलाह पर ही किसी भी दवा चाहे वो पेनकिलर हो या नहीं का सेवन करें।

 

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