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लारा दत्ताः प्रेग्नेंसी के बाद बढ़े हुए 25 किलो वजन को कम करने के लिए लारा दत्ता ने ली थी योगा की मदद, जानिए कौन-कौन से योगासन हैं मददगार

प्रेग्नेंसी के बाद बढ़े हुए वजन को कम करने के लिए लारा ने योगा का सहारा लिया था। उनके वर्कआउट सेशन में हफ्ते में तीन बार योगा शामिल होता था।

Author Updated: February 23, 2018 12:10 PM
योगा से तमाम तरह के रोग तो दूर होते ही हैं साथ ही साथ शरीर फ्लेक्सिबल भी बनता है।

बॉलीवुड सेलिब्रिटी के लिए हमेशा फिट रहना बेहद जरूरी होता है। बॉलीवुड अभिनेत्री लारा दत्ता ने अपने रियल लाइफ में भी कई तरह के किरदार निभाएं हैं। एक्ट्रेस, पत्नी, मां और बाद में लोगों के लिए फिटनेस एडवोकेट के बतौर भी नजर आईं। लारा अपनी जिंदगी में एक सख्त अनुशासित लाइफस्टाइल फॉलो करती हैं। उनका कहना है कि अनुशासित जीवनशैली उनके हर किरदार में फिट होने में उनकी मदद करता है। वह शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक फिटनेस को भी महत्वपूर्ण मानती हैं। लारा बताती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान उनका वजन तकरीबन 25 किलो बढ़ गया था। अपना वजन सामान्य करने में उन्हें तकरीबन 15 महीने लगे थे।

कैसे कम किया था वजन – प्रेग्नेंसी के बाद बढ़े हुए वजन को कम करने के लिए लारा ने योगा का सहारा लिया था। उनके वर्कआउट सेशन में हफ्ते में तीन बार योगा शामिल होता था। उनका मानना है कि योगा से तमाम तरह के रोग तो दूर होते ही हैं साथ ही साथ शरीर फ्लेक्सिबल भी बनता है। उन्होंने बताया कि वह 15 सालों से नियमित योगा करती हैं।

ये योगासन हैं मददगार –

त्रिकोणासन – प्रेग्नेंसी के बाद पेट की चर्बी कम करने के लिए त्रिकोणासन किया जा सकता है। इसे करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं उसके बाद अपने पैरों को एक मीटर की दूरी तक फैलाएं और फिर अंदर की ओर सांस भरें। अपनी दोनों बाजुओं को कंधे की सीध में ले जाएं फिर कमर से आगे की ओर झुकें। इसी बीच सांस छोड़ें।

स्थित प्रार्थना आसन – स्थितप्रार्थना आसन करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद पंजों को मिलाकर रखें और इस स्थिति में शरीर को ढीला छोड़ दें। अपनी आंखों को सामने रखें और इसी स्थिति में 5-15 मिनट तक रहें।

पश्चिमोत्तासन – पोस्ट-प्रेग्नेंसी वेट कम करने के लिए यह आसन भी बेहद प्रभावी है। इसे करने के लिए अपने पैरों को सीधा जमीन पर फैलाकर बैठ जाएं। अब अपने हाथों को सिर के ऊपर ले जाएँ तथा धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें। अपने हाथों की उँगलियों से अपने पैरों की उँगलियों को छूने का प्रयास करें तथा अपने सिर को घुटनों से लगाने का प्रयास करें। ऐसा भी हो सकता है कि आप अपने पैरों की उँगलियों को न छू पायें लेकिन धीरे-धीरे अभ्यास के द्वारा इसमें सुधार होता जाएगा।

हलासन – हलासन करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैर एक दूसरे से मिले हुए हों और दोनों हाथों की हथेलियां जमीन और कमर के पास लगी हुई हों। मुंह ऊपर आसमान की तरफ और आखें बंद हो। अब धीरे-धीरे दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठाएं। ऐसा करते समय पेट को सिकोड़ें और सांस को अंदर लें। दोनों पैरों को सिर के पीछे लगाने कि कोशिश करें। पीठ और कमर को पैरों के साथ पीछे की तरफ मोड़ने के लिए हाथों का सहारा लें। अब धीरे-धीरे अपनी क्षमता के अनुसार ही पैरों को मोंड़ें और थोड़ा रूकने का प्रयास करें। घुटनें मुड़ें नहीं चाहिए इस बात का ध्यान रखें। अब वापस अपनी पहली अवस्था में आ जाएं।

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