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टाइट अंडरवेअर से गर्भधारण में मुश्किल! ये बातें जान लेंगे तो संतान-सुख पाने में होगी आसानी

ये अजीब लगता होगा कि पुरुष के अंडरवियर से महिला की प्रेग्नेंसी का क्या संबंध है, लेकिन आपके पुरुष पार्टनर का ज्यादा टाइट अंडरवियर पहनना आपके कंसीव करने की संभावना को कम कर सकता है।

प्रतीकात्मक चित्र

जल्दी प्रेग्नेंसी के लिए लोग लाख जतन करते हैं, लेकिन बहुत सी धारणाएं उनकी इच्छापूर्ति की राह में रोड़ा बनकर खड़ी हो जाती हैं। गर्भधारण के लिए कुछ आवश्यक बातों पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है जिससे आपकी प्रेग्नेंसी सीधे-सीधे प्रभावित होती है। आज हम आपको प्रेग्नेंसी से जुड़ी कुछ ऐसी आम धारणाओं की सच्चाई के बारे में बताने वाले हैं जिनकी जानकारी का अभाव आपके गर्भाधारण के लिए कभी-कभी बाधक बन जाता है।

1. शारीरिक संबंध बनाते वक्त ही नहीं होता गर्भधारणः बहुत से लोग ऐसा सोचते हैं कि शारीरिक संबंध बनाते वक्त ही गर्भधारण हो सकता है जबकि ऐसा नहीं है। पुरुष का स्पर्म महिला के प्रजनन संबंधी क्षेत्र में तकरीबन 3-5 दिन तक रह सकता है। ऐसे में इन दिनों के बीच महिला को जब कभी भी अंडोत्सर्ग होता है तो वह स्पर्म के साथ मिलकर फर्टिलाइज हो जाता है।

2. जितना ज्यादा सेक्स, उतनी जल्दी प्रेग्नेंसी नहींः अधिकांश लोगों को यह लगता है कि जितना ज्यादा शारीरिक संबंध बनाए जाएंगे, प्रेग्नेंट होने का चांस उतना ही ज्यादा होगा। डॉक्टर्स बताते हैं कि कोई नॉर्मल स्पर्म काउंट वाला कोई पुरुष अगर लगातार स्खलित होता है तो इससे उसमें शुक्राणुओं की संख्या कम होती जाती है।

3. पुरुष का टाइट अंडरवेअर , प्रेग्नेंसी में बाधाः ये अजीब लगता होगा कि पुरुष के अंडरवेअर  से महिला की प्रेग्नेंसी का क्या संबंध है, लेकिन आपके पुरुष पार्टनर का ज्यादा टाइट अंडरवेअर पहनना आपके कंसीव करने की संभावना को कम कर सकता है। पुरुषों के वीर्य को ज्यादा तापमान बुरी तरह से प्रभावित करता है। शरीर का बढ़ता तापमान शुक्राणुओं को नष्ट कर देता है तथा इसके उत्पादन को भी प्रभावित करता है। ऐसे में टाइट अंडरवेअर पुरुष जननांग क्षेत्रों को काफी गर्म रखता है, जो उसके शुक्राणुओं के लिए सही नहीं है। इसके अलावा जांघों पर रखकर लैपटॉप का प्रयोग, हॉट बाथ टब में नहाने आदि से भी पुरुषों को परहेज करना चाहिए।

4. तनाव भी है गर्भधारण में बाधाः तनाव या स्ट्रेस हमारे जीवन के हर पहलू पर बुरा असर डालता है। इसमें हमारी फर्टिलिटी भी शामिल है। तनाव की वजह से भूख, हार्मोन्स, मूड, सेक्स ड्राइव आदि पर बुरा असर पड़ता है। एक शोध में कहा गया है कि स्ट्रेस से आराम दिलाने वाले एक्सरसाइजेज इन- विट्रो फर्टिलाइजेशन से गुजर रहे कपल्स में कंसीव करने की क्षमता बढ़ाने का काम करते हैं।

5. कंसीव करने का सही समयः ज्यादातर महिलाएं अपने मासिक चक्र के 14 वें दिन संबंध बनाती हैं ताकि वह प्रेग्नेंट हो सकें। लेकिन हर किसी का मासिक चक्र 28 दिनों का नहीं होता। ऐसे में अगर आप यह सोचकर कि आपका मासिक धर्म 28 दिन का ही है, उसके 14वें या 15वें दिन संबंध बनाती हैं तो इससे आप कंसीव करने का चांस खो सकती हैं। जल्दी कंसीव करने के लिए आपको अंडोत्सर्ग से चार पांच दिन पहले से शारीरिक संबंध बनाना शुरू करना चाहिए और यह प्रक्रिया अंडोत्सर्ग के बाद 3-4 दिन तक चलनी चाहिए।


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