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स्वस्थ और निरोग बच्चा चाहिए तो गर्भावस्‍था में जरूर खाएं ये 5 चीजें

प्रेग्नेंसी की दूसरी और तीसरी तिमाही में गर्भवती महिला को हर दिन कम से कम 350-500 कैलोरी लेना आवश्यक है।

मां के अंदर पोषक तत्वों की कमी उसके बच्चे के विकास पर बुरा प्रभाव डाल सकती है।

प्रेग्नेंसी के दौरान एक हेल्दी डाइट मां के लिए सबसे बड़ी जरूरत होती है। इस दौरान शरीर को अतिरिक्त पोषक तत्वों, विटामिन्स और मिनरल्स की जरूरत पड़ती है। प्रेग्नेंसी की दूसरी और तीसरी तिमाही में गर्भवती महिला को हर दिन कम से कम 350-500 कैलोरी लेना आवश्यक है। मां के अंदर पोषक तत्वों की कमी उसके बच्चे के विकास पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। कम खाने की आदत या फिर अधिक वेट गेन दोनों मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह होते हैं। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में संतुलित पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए आपको इन फूड्स का सेवन जरूर करना चाहिए जिसके बारे में आज हम आपको बताने वाले हैं।

डेयरी प्रोडक्ट्स – प्रेग्नेंट महिला के लिए अतिरिक्त प्रोटीन और कैल्शियम का सेवन बहुत जरूरी होता है। यह बच्चे के विकास के लिए महत्वपूर्ण तत्व होता है। इसके लिए डेयरी प्रोडक्ट्स बेहतर विकल्प होते हैं। डेयरी प्रोडक्ट्स यानी कि दूध से बने उत्पाद कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन बी, मैग्नीशियम और जिंक के बेहतरीन स्रोत होते हैं।ये सभी गर्भावस्था के लिए जरूरी पोषण होते हैं।

शकरकंद – विटामिन ए भ्रूण के कोशिकाओं और ऊतकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए ही प्रेग्नेंट महिला को विटामिन ए के सेवन की मात्रा 10-40 प्रतिशत तक बढ़ाने की सलाह दी जाती है। शकरकंद बीटा कैरोटिन का बेहतरीन स्रोत है और गर्भवती महिलाओं में विटामिन ए की आपूर्ति के लिए बीटा कैरोटिन सबसे बेहतरीन विकल्प होता है। इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को शकरकंद पकाकर खाने की आदत डालनी चाहिए।

अंडे – अंडे कोलिन के अच्छे स्रोत होते हैं। कोलिन शरीर में दिमाग के विकास तथा अच्छी सेहत के लिए बहुत आवश्यक पोषक तत्व है। प्रेग्नेंसी में कोलिन की कमी की वजह से तंत्रिका ट्यूब्स से संबंधित समस्याएं तथा दिमागी कार्यप्रणाली में कमी का खतरा बढ़ जाता है।

ब्रोकली और हरी पत्तेदार सब्जियां – प्रेग्नेंसी के दौरान कब्ज एक आम समस्या है। हरी पत्तेदार सब्जियां और ब्रोकली फाइबर के अच्छे स्रोत होते हैं जो कब्ज से राहत दिलाने में काफी मदद करते हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं को हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन जरूर करना चाहिए। यह कम बर्थ वेट वाले बच्चे के होने के खतरे को भी कम करता है।

साबुत अनाज – साबुत अनाज में विटामिन बी, फाइबर और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह सभी पोषक तत्व गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद आवश्यक होते हैं।

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