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गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को इन फलों से करना चाहिए परेहज, जानिए कैसे रखें अपना ख्याल

शरीर को अतिरिक्त पोषक तत्वों, विटामिन्स और मिनरल्स की जरूरत होती है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अलग-अलग खाद्य पदार्थों को खाने की इच्छा होती है।

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अच्छी सेहत के लिए फलों का सेवन फायदेमंद होता है (फाइल फोटो)

Pregnancy Diet Tips: प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अलग-अलग खाद्य पदार्थों को खाने की इच्छा होती है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने साथ गर्भ में पल रहे है शिशु का भी ध्यान रखना पड़ता है। इसी वजह से इस समय में महिलाओं की अपनी सेहत के प्रति जिम्मेदारी अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में शरीर को अतिरिक्त पोषक तत्वों, विटामिन्स और मिनरल्स की जरूरत होती है।

फल, सब्जियों और साबुत अनाज से आहार में पोषक तत्‍वों मी मात्रा को बढ़ाया जा सकता है लेकिन आपको बता दें कि कुछ फल और सब्जियां ऐसी भी हैं जिनका गर्भावस्‍था में सेवन करना सही नहीं माना जाता है। ऐसे में इस बात का ध्यान रखना आवश्यक हो जाता है कि गर्भवती महिलाएं क्या खा रही हैं। वहीं, स्वास्थ्य  विशेषज्ञ इन महिलाओं को कुछ खाद्य पदार्थों से दूरी बनाने की भी सलाह देते हैं। आइए जानते हैं उन फलों के बारे में जो जिनका प्रेग्नेंसी में सेवन करना मां और बच्‍चे के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

अंगूर: कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भावस्था के दौरान अंगूर का सेवन नहीं करना चाहिए। पैदावार के दौरान ही अंगूर में कई लोग पेस्टिसाइड्स छिड़क देते हैं ताकि उन्हें कीड़े न खाएं। पर गर्भवती महिलाओं के लिए इन अंगूरों का सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इसके अलावा, अंगूर में रसवराटॉल नामक तत्व की अधिकता होती है। ये गर्भवती  महिलाओं के शरीर में टॉक्सिक पदार्थों को बढ़ाने का काम करती है।

अनानास: गर्भावस्था के दौरान ज्यादा मात्रा में अनानास का सेवन भी हानिकारक हो सकता है। इस फल में ब्रोमेलिन तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो स्त्री के शरीर का अंग सर्विक्स को मुलायम कर देता है। इस कारण समय से पहले प्रसव का खतरा बन सकता है। पहली तिमाही में तो इससे पूरी तरह परहेज करना चाहिए। इसके बाद डॉक्टर्स से सलाह लेकर आप इसका सीमित मात्रा में सेवन कर सकते हैं।

केला: केले में चिटिनेस होता है जो कि लैटेक्‍स जैसा तत्‍व है। यह एलर्जी पैदा करता है और बॉडी हीट को भी बढ़ा देता है। एलर्जी, डायबिटीज या जेस्‍टेशनल डायबिटीज की स्थिति में केला खाने से बचना चाहिए।

कच्चा पपीता: गर्भावस्था के दौरान कच्चा पपीता खाना नुकसानदेह हो सकता है। इसमें मौजूद तत्व पपाइन गर्भावस्था के दूसरे व तीसरी तिमाही में खतरनाक साबित हो सकता है। वहीं पके हुए पपीते कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कब्ज आदि को दूर करने में काफी लाभकारी होते हैं। इसके अलावा, पपीता के सेवन से मिसकैरेज का खतरा भी बना रहता है।

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