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माहवारी को प्रभावित करती हैं डेली लाइफ की ये पांच चीजें, जानिए कैसे

बहुत ज्यादा व्यायाम करना, तनाव में रहना, मोटापा आदि कई ऐसे कारक हैं जिनसे माहवारी प्रभावित होती है।

प्रतीकात्मक चित्र

महिलाओं में 12-15 साल की उम्र से ही माहवारी की शुरुआत हो जाती है। यह महिलाओं में होने वाली एक शारीरिक प्रक्रिया है जो गर्भावस्था को संभव बनाती है। 45-55 साल की उम्र में महिलाओं में अंडोत्सर्ग की प्रक्रिया बंद हो जाती है और यही पीरियड्स यानी कि माहवारी का आखिरी वक्त होता है। सामान्य माहवारी के लिए कई कारक जिम्मेदार होते हैं। इसी तरह कई चीजें ऐसी भी होती हैं जो माहवारी को प्रभावित भी करती हैं। ये चीजें हमारे दैनिक जीवन के क्रियाकलाप भी हो सकते हैं। बहुत ज्यादा व्यायाम करना, तनाव में रहना, मोटापा आदि कई ऐसे कारक हैं जिनसे माहवारी प्रभावित होती है। आज हम ऐसे ही 5 कारकों के बारे में बताने वाले हैं जो हमारे दैनिक जीवन से जुड़े हैं और माहवारी को प्रभावित करते हैं।

ज्यादा व्यायाम – बहुत ज्यादा मात्रा में एक्सरसाइज करने से माहवारी प्रभावित होती है। इससे पीरियड्स के अनियमित होने का खतरा होता है। इसके अलावा बहुत ज्यादा व्यायाम करने से माहवारी के सामान्य से हल्का या फिर बिल्कुल न होने का खतरा होता है। दरअसल ज्यादा एक्सरसाइज करने से फैट पिघलता है और अंडोत्सर्ग के लिए इसकी कुछ मात्रा जरूरी होती है।

तनाव – अगर आप तनाव में हैं तो इससे भी आपकी माहवारी प्रभावित हो सकती है। अगर आप तनाव में रहती हैं तो इससे आपका शरीर आपके दिमाग को प्राथमिकता देने लगता है। इससे अंडोत्सर्ग जैसी तमाम शारीरिक प्रक्रियाएं बंद हो जाती हैं। ऐसे में मिस्ड पीरियड, लाइट या फिर लेट पीरियड जैसी समस्याएं होती हैं।

ज्यादा वजन का होना – ज्यादा बढ़ा हुआ वजन भी आपकी माहवारी को प्रभावित करता है। शरीर में ज्यादा फैट बढ़ने से एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है और इससे अंडोत्सर्ग की प्रक्रिया बाधित होती है। ऐसी महिलाएं जो ज्यादा वजन की होती हैं उनमें अक्सर लंबे समय तक चलने वाली माहवारी, अनियमित और हैवी पीरियड्स का खतरा ज्यादा देखा गया है।

ज्यादा शराब पीना – ज्यादा मात्रा में एल्कोहल पीने से शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में अडोत्सर्ग की प्रक्रिया रुक जाती है। ऐसे में अगर आप एल्कोहल की 1-5 ड्रिंक भी लेते हैं तो इससे आपका पीरियड काफी प्रभावित होता है।

बीमार होने पर – अगर आप बीमार हैं तो इस वजह से भी आप मिस्ड पीरियड या लेट पीरियड की शिकार हो सकती हैं। इसके अलावा अगर आप हाइपोथाइरॉइडिज्म से पीड़ित हैं को इससे आपको माहवारी से संबंधित तमाम समस्याएं झेलनी पड़ सकती हैं।


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