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आयोडीन की कमी से मां बनने में आ सकती है दिक्कत, इन फूड्स का सेवन कर बढ़ा सकती हैं फर्टिलिटी

महिलाओं में आयोडीन की कमी का अगर समय रहते उपचार न कराया जाए तो गर्भधारण करने में समस्या आना, बांझपन, नवजात शिशु में तंत्रिका तंत्र से संबंधिक गड़बड़ियां होने का खतरा बढ़ जाता है।

महिलाओं के शरीर में आयोडीन की कमी का उनके प्रजनन तंत्र की कार्यप्रणाली से सीधा संबंध है।

महिलाओं में आयोडीन की कमी का अगर समय रहते उपचार न कराया जाए तो गर्भधारण करने में समस्या आना, बांझपन, नवजात शिशु में तंत्रिका तंत्र से संबंधिक गड़बड़ियां होने का खतरा बढ़ जाता है। मानव शरीर में आयोडीन एक महत्वपूर्ण माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स है, जो थायरॉइड हार्मोन के निर्माण के लिए आवश्यक है। आयोडीन डिफेशियंसी, आयोडीन तत्व की कमी है, यह हमारी डाइट का एक आवश्यक पोषण तत्व है। आयोडीन की कमी से हाइपो थायरॉइडिज्म हो जाता है। इंदिरा आईवीएफ हॉस्पिटल के आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ. अरविन्द वैद बताते हैं, “महिलाओं के शरीर में आयोडीन की कमी का उनके प्रजनन तंत्र की कार्यप्रणाली से सीधा संबंध है।

हाइपोथायरॉइडिज्म बांझपन और गर्भपात का सबसे प्रमुख कारण है। जब थायरॉइड ग्लैंड की कार्यप्रणाली धीमी पड़ जाती है, तो वह पर्याप्त मात्रा में हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाती है, जिससे अंडाशयों से अंडों को रिलीज करने में बाधा आती है जो बांझपन का कारण बन जाती है। जो महिलाएं हाइपोथायरॉइडिज्म का शिकार होती हैं उनमें सेक्स में अरुचि, मासिक चक्र से संबंधित गड़बड़ियां और गर्भधारण करने में समस्या आना देखा जाता है।” डॉ. वैद के अनुसार, बांझपन दूर करने के लिए किए जाने वाले प्रयासों में हाइपो थायरॉइडिज्म का उपचार एक महत्वपूर्ण भाग है। अगर हाइपोथायरॉइडिज्म के उपचार बाद बांझपन की समस्या बरकरार रहती है तब बांझपन के लिए दूसरे उपचार की आवश्यकता पड़ती है।

बीन्स – बीन्स में प्रोटीन और आयरन होते हैं जो ओवरी के लिए फायदेमंद होते हैं। इसके साथ ही इसमें उच्च मात्रा में फाइबर और कम मात्रा में फैट होते हैं जो वजन नहीं बढ़ने देती है। इसे अपने स्नैक्स में शामिल करें।

ओमेगा-3 ऑयल – गर्भधारण करने की सोच रही हैं तो इसके लिए ओमेगा-3 ऑयल महत्वपूर्ण होते हैं। इसमें इपीए( एयियोज़पेनटॅयेनिक एसिड) और डीएचए(डोकोसैक्सिनोइक एसिड) होते हैं जो फर्टिलिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। साथ ही पेल्विक में होने वाली सूजन को कम करते हैं। अगर आप गर्भधारण करने की सोचते हैं तो डॉक्टर उससे कुछ समय पहले ओमेगा-3 ऑयल का सेवन करने की सलाह देते हैं।

हरी सब्जियां – फर्टिलिटी को बढ़ाने के लिए हरी पत्ती वाली सब्जियों का सेवन करें। आप पालक, ब्रोकली आदि का सेवन कर सकते हैं इनमें उच्च मात्रा में फोलेट और विटामिन बी होता है जो ओव्यूलेशन में सुधार करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही हरी सब्जियां महिलाओं में लिबिडो बढ़ाने में दद करता है।

डेयरी प्रोडक्ट – जिन फूड्स में उच्च मात्रा में कैल्शियम होते हैं वह ना सिर्फ हड्डियों को मजबूत बनाता है बल्कि प्रजनन स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होते हैं। डेयरी प्रोडक्ट में पॉलीआमीन नामक प्रोटीन होता है जो पेड़ पौधों से मिलता है। यह प्रोटीन एग के स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करते हैं और ओवरी के कार्य में सुधार करने में मदद करता है। यह ओव्यूलेशन की समस्या को भी कम करता है।

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