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Benefits of Tulsi: प्रेंग्नेंसी में दी जाती है तुलसी खाने की सलाह, ये होते हैं फायदे

तुलसी का इस्तेमाल कई तरीके से किया जा सकता है। तुलसी की चाय, सूप या सलाद में डालकर भी प्रेग्नेंट महिलाएं तुलसी का सेवन कर सकती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान तुलसी का सेवन करने से आपको कई फायदे होते हैं।

प्रेग्नेंसी के दौरान कम मसालेदार खाना खाएं।

Benefits of Tulsi: प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अपने खान-पान का खास ख्याल रखने की जरुरत होती है। इस दौरान मां को अपने साथ-साथ होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान तुलसी का सेवन फायदेमंद माना जाता है। तुलसी का इस्तेमाल कई सालों से शरीर को स्वस्थ रखने में किया जा रहा है। तुलसी में औषधीय गुण होते हैं जो गर्भवती महिला को बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। तुलसी का इस्तेमाल कई तरीके से किया जा सकता है। तुलसी की चाय, सूप या सलाद में डालकर भी प्रेग्नेंट महिलाएं तुलसी का सेवन कर सकती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान तुलसी का सेवन करने से आपको कई फायदे होते हैं। तो आइए आपको इन फायदों के बारे में बताते हैं।

रक्त संचार को बढ़ाता है:
भ्रूण के विकास के लिए प्रेग्नेंट महिला को ज्यादा रक्त की जरुरत होती है। तुलसी मं मौजूद फोलेट प्रेग्नेंसी के दौरान जरुरी रक्त संचार को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके साथ ही फोलेट शिशु में जन्मदोष से रोकथाम में भी मदद करता है।

एनीमिया से रोकथाम:
तुलसी आयरन का बहुत अच्छा स्त्रोत होती है। जो प्रेग्नेंट महिला ओ ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है। आयरन खून में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के साथ लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने में भी सहायक होता है। जिसकी मदद से एनीमिया से रोकथाम की जा सकती है।

इम्यूनिटी बूस्ट करती है:
तुलसी में कई विटामिन और मिनरल होते हैं जो प्रेग्नेंट महिला में इम्यूनिटी में सुधार करने में मदद करते हैं। तुलसी में विटामिन सी, विटामिन ई, नियासिन और पोटेशियम, जिंक, मैंगनीज, फास्फोरस जैसे मिनरल होते हैं जो प्रेग्नेंट महिला और उनके नवजात शिशु को इंफेक्शन से बचाने में मदद करते हैं।

भ्रूण की हड्डियों को बनाने में:
तुलसी में पर्याप्त मात्रा में मैंगनीज होता है जो बच्चे की हड्डियों के निर्माण में मदद करता है। इसके साथ ही मैंगनीज एक एंटीऑक्सीडेंट भी है जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके प्रेग्नेंट महिला के शरीर में कोशिकाओं के नष्ट होने के खतरे को कम करता है। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस एक प्रक्रिया होती है जिसमें फ्री रेडिकल्स शरीर में कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।

विटामिन ए से भरपूर:
भ्रूण के विकास के लिए विटामिन ए जरुरी होता है। यह बच्चे के हृदय फेफड़ों और तंत्रिका तंत्र के विकास में मददगार होता है।

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