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चावल और पास्ता खाने वाली महिलाओं में जल्दी शुरू हो सकता है मीनोपॉज, शोध में हुआ खुलासा

मीनोपॉज महिलाओं के जीवन में आने वाली वह अवस्था है जब उन्हें मासिक धर्म आना बंद हो जाता है।

प्रतीकात्मक चित्र

हाल ही में एक अध्ययन में इस बात का दावा किया गया है कि जो महिलाएं पास्ता और चावल जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का सेवन करती हैं उनमें जल्दी मीनोपॉज का खतरा बढ़ जाता है। एपिडेमिलॉजी एंड कम्युनिटी हैल्थ नाम के जर्नल में प्रकाशित शोध में कहा गया है कि हेल्दी चीजें जैसे ऑयली फिश, मटर और ग्रीन बीन्स खाने से मीनोपॉज देर से होता है। डाइट और मीनोपॉज के बीच संबंध का अध्ययन करते हुए लीड्स विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं में तकरीबन 14 हजार महिलाओं पर शोध कर यह नतीजा निकाला।

शोध में पाया गया कि पाया गया कि जिन महिलाओं ने ऑयली फिश का अधिक सेवन किया उन्हें कम से कम तीन वर्ष विलंब से मीनोपॉज का सामना करना पड़ा, जबकि रिफाइंड पास्ता और चावल खाने वाली महिलाओं में मीनोपॉज डेढ़ वर्ष पूर्व ही हो गया। मीनोपॉज महिलाओं के जीवन में आने वाली वह अवस्था है जब उन्हें मासिक धर्म आना बंद हो जाता है। इस स्थिति के बाद महिलाओं की प्रजनन क्षमता लगभग समाप्त हो जाती है। कई बार जेनेटिक कारणों से समयपूर्व मीनोपॉज की समस्या हो सकती है। इसके अलावा मोटापा, स्मोकिंग, कम बीएमआई आदि भी जल्दी मीनोपॉज की वजह हो सकते हैं।

पूर्व के कुछ शोधों में पता चला है कि समय से पहले मीनोपॉज होने से हड्डी का घनत्व कम होने , ऑस्टियोपरोसिस होने और दिल की बीमारियां होने का खतरा अधिक होता है जबकि मीनोपॉज देर से होने से ब्रेस्ट कैंसर, ओवेरियन कैंसर और एंडोमेट्रियल कैंसर होने का जोखिम अधिक होता है।

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