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स्तनपान कराने से महिलाओं में कम होता हर्ट अटैक और स्ट्रोक्स का खतरा

शिशु के बहुमुखी विकास के लिए आवश्यक स्तनपान के कई सारे लाभ हैं। यह मां के लिए भी उतना ही फायदेमंद है जितना कि बच्चे के लिए।
प्रतीकात्मक चित्र

स्तनपान का दौर हर मां के जीवन का एक अहम हिस्सा होता है। नवजात बच्चे की सेहत के लिए मां का दूध सबसे बेहतर औषधि है।इसमें शिशु की सेहत के लिए आवश्यक कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं। शिशु के बहुमुखी विकास के लिए आवश्यक स्तनपान के कई सारे लाभ हैं। यह मां के लिए भी उतना ही फायदेमंद है जितना कि बच्चे के लिए। एक नए शोध में यह कहा गया है कि स्तनपान कराने वाली मां के जीवन में दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। अमेरिका के एक जर्नल जर्नल ऑफ द अमेरिकन हर्ट एसोसिएशन में प्रकाशित एक अध्ययम में यह बात कही गई है।

शोध में कहा गया है कि अपने बच्चे को स्तनपान कराने वाली महिला के जीवन में हर्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा लगभग दस प्रतिशत तक कम हो जाता है। चीन के कडूरी बिओबैंक स्टडी के इस शोध में तकरीबन 2,89,573 चीनी महिलाओं ने हिस्सा लिया था। शोध में बताया गया है कि स्तनपान महिलाओं के शरीर में अतिरिक्त कैलोरीज को तेजी से बर्न करने में मदद करता है।जिसकी वजह से प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं के बढ़े वजन को कंट्रोल करने में काफी आसानी होती है। अध्ययन से जुड़े एक शोधकर्ता ने बताया कि नई मांओं के लिए स्तनपान अनावश्यक वजन कम करने का एक प्राकृतिक और सर्वोत्तम तरीका है। यह उन तरीकों से बहुत बेहतर है जिनमें फैट कम करने के लिए बहुत अधिक डाइटिंग और एक्सरसाइज की जरूरत पड़ती है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक एनर्जी की वजह से उनका मेटाबॉलिज्म काफी बढ़ जाता है, जिसकी वजह से उनके शरीर में अनावश्यक फैट जमा हो जाता है। स्तनपान इसी फैट को रिमूव करने का काम करता है। जिसके बाद मां के शरीर में दिल संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। यह शोध ऐसे समय में आया है जब इसके पहले भी स्तनपान से होने वाले फायदों को लेकर कई शोध प्रकाशित किए जा चुके हैं। पूर्व के प्रकाशित शोधों में यह बताया जा चुका है कि स्तनपान कराने से महिलाओं में वेट लॉस, लोअर कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और ग्लूकोज लेवल संबंधी समस्याओं से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

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