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प्रेग्नेंसी में घी खाना सही है या गलत, जानें इसके फायदे और नुकसान

भारतीय परंपरा में ऐसा माना जाता है कि देसी घी के सेवन से नॉर्मल डिलीवरी में सहायता होती है। यह भी कहा जाता है कि देसी घी का सेवन लेबर पेन को कम करता है और डिलीवरी के दौरान कॉन्ट्रैक्शन को बढ़ाता है।

pregnancy diet, pregnancy diet ghee, pregnancy diet desi gheeदेसी घी का सेवन लेबर पेन को कम करता है।

Pregnancy Diet : प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के खान – पान का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। यह सिर्फ उनके लिए ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत के लिए भी आवश्यक होता है। क्योंकि शिशु को पोषण मां के आहार से ही मिलता है इसलिए गर्भावस्था के पूरे नौ महीने के दौरान, महिला क्या खाएं, क्या न खाएं, यह जानना सबके लिए जरूरी है। भारतीय परंपरा में ऐसा माना जाता है कि देसी घी के सेवन से नॉर्मल डिलीवरी में सहायता होती है।

यह भी कहा जाता है कि देसी घी का सेवन लेबर पेन को कम करता है और डिलीवरी के दौरान कॉन्ट्रैक्शन को बढ़ाता है। लेकिन यह ध्यान रखें कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में घी का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि घी में चिकनाई होती है इसलिए कम दिन का बच्चा घी के सेवन की वजह से गिर भी सकता है। घी का सेवन पांचवें महीने के बाद करना बेहतर होता है।

गर्भावस्था में देसी घी के फायदे (Benefits of Ghee During Pregnancy)
देसी घी ओमेगा – 3 फैटी एसिड्स, ओमेगा -9 फैटी एसिड्स, विटामिन्स, मिनरल्स और एंटी ऑक्सीडेंट्स आदि पोषक तत्वों से भरपूर होता है जो मां और उसके गर्भ में पल रहे शिशु को उचित पोषण देता है।

गर्भावस्था के दौरान अक्सर महिलाओं को अपच की शिकायत होती है। देसी घी इस समस्या से उन्हें निजात दिलाता है जिससे शिशु का पेट भी स्वस्थ रहता है।

गर्भवती महिलाओं को कब्ज होना भी एक आम बात होती है। देसी घी खाने से इस समस्या से भी महिलाओं को छुटकारा मिलता है। इसलिए घी को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी देसी घी बहुत फायदेमंद होता है। यह शिशु के मस्तिष्क के विकास में मदद करता है साथ ही उसे उचित पोषण प्रदान करता है।

डाइट में घी शामिल करने से पहले जान लें ये बातें (Should I Eat Ghee During Pregnancy)

गर्भावस्था में देसी घी लाभदायक होता है लेकिन इसकी मात्रा डाइट में कितनी हो, इसका विशेष ध्यान रखना जरूरी होती है। अधिक मात्रा में इसका सेवन गर्भवती महिला के वजन को अधिक बढ़ा देता है और वो मोटापे का शिकार हो जाती हैं।

गर्भावस्था के तीसरी तिमाही में महिला की शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है। ऐसे में अगर वो घी का अत्यधिक सेवन करती है तो अधिक वजन बढ़ने के साथ – साथ उन्हें डिलीवरी में परेशानी होने लगती है। शिशु का वजन भी ज्यादा बढ़ जाता है और बाद में उसे कम करना मां और बच्चे दोनों के लिए मुश्किल हो जाता है।

डॉक्टर्स की मानें तो गर्भावस्था के दौरान महिला को प्रतिदिन 50 ग्राम फैट लेना सही होता है। इसमें महिलाएं देसी घी 3 से 4 छोटे चम्मच ले सकती हैं। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान अपनी डाइट प्लान करते समय डाइटिशियन या अपने डॉक्टर से अवश्य सलाह लें।

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