आजकल लोग खुश कम और तनाव में ज्यादा रहते हैं। इसके पीछे लोगों की अपनी-अपनी पर्सनल वजहें हो सकती हैं। लेकिन सबसे जरूरी है आपका खुश रहना, तनाव मुक्त रहना और स्वस्थ रहना। योग गुरु बाबा रामदेव समेत कई योग एक्सपर्ट रोजाना प्राणायाम को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताते हैं। वहीं, हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की ओर से प्रकाशित कुछ शोधों में भी इस बात का जिक्र किया गया है कि नियंत्रित श्वास तकनीकें शरीर की Relaxation Response को एक्टिव कर सकती हैं।
इससे तनाव कम करने और मानसिक शांति बढ़ाने में मदद मिल सकती है। दिल्ली स्थित योग विशेषज्ञ और आयुष मंत्रालय के योग प्रोटोकॉल से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित प्राणायाम तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक हो सकता है। आइए जानते हैं ऐसे कुछ योगासन के बारे में, जो मन को शांत रखने और सकारात्मक महसूस कराने में मदद कर सकते हैं।
भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी करते समय सांस छोड़ते हुए मधुमक्खी की गूंज जैसी ध्वनि निकाली जाती है। यह ध्वनि और कंपन मन को शांत करने में मदद कर सकते हैं। इसे करने से चिंता और बेचैनी कम करने में मदद मिल सकती है। इतना ही नहीं मन को रिलैक्स महसूस हो सकता है। यह प्राणायाम करने से चिड़चिड़ापन और मानसिक थकान कम करने में मदद मिल सकती है। बेहतर नींद के लिए भी उपयोगी माना जाता है। कई योग विशेषज्ञों के मुताबिक, भ्रामरी प्राणायाम दिनभर के तनाव को कम करने के लिए सबसे सरल श्वास तकनीकों में से एक है।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम
अनुलोम-विलोम बेहद लोकप्रिय प्राणायामों में से एक है। इसमें एक नासिका से सांस लेकर दूसरी नासिका से छोड़ी जाती है। इस प्रक्रिया को बारी-बारी से दोहराया जाता है। इसे करने से मानसिक तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा एकाग्रता और फोकस बेहतर हो सकता है। मन को शांत रखने में भी हेल्प हो सकती है।
उज्जायी प्राणायाम
उज्जायी को को विजयी श्वास भी कहते हैं। इसमें गले को हल्का दबाते हुए नियंत्रित तरीके से सांस ली और छोड़ी जाती है। जिससे एक हल्की आवाज होती है। इसे करने से शरीर में ऑक्सीजन सर्कुलेशन बेहतर हो सकता है। एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: प्राणायाम का लाभ तभी मिलता है, जब इसे सही तरीके और रोजाना किया जाए। यदि आपको अस्थमा, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो किसी योग्य योग प्रशिक्षक या डॉक्टर की सलाह लेकर ही प्राणायाम शुरू करें।
