आज भी बहुत सारे लोग किचन में तेल-मसाले से लेकर अनाज को स्टोर करने के लिए प्लास्टिक के डिब्बे का इस्तेमाल करते हैं। वहीं पानी की बोतल से लेकर लंच बॉक्स भी प्लास्टिक के होते हैं। कई बार स्टोरेज कंटेनर के ऊपर तेल-हल्दी के दाग लग जाते हैं या फिर पीलापन आ जाता है। वहीं लंच बॉक्स में खाने पैक करने से सब्जी, मसाले, अचार के निशान पड़ जाते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि प्लास्टिक के डिब्बों में बहुत गर्म खाना सीधे न रखें, इससे दाग और पीलापन जल्दी आता है।

इसके अलावा टमाटर, हल्दी और तेल वाली सब्जियां रखने के बाद डिब्बों को जल्द से जल्द धो लें। इन डिब्बों को धोने के लिए स्टील के स्क्रबर का इस्तेमाल न करें। इससे प्लास्टिक पर खरोंचें पड़ सकती है। ऐसा होने से गंदगी ज्यादा जमा होने लगती है। अगर आप कम मेहनत के इन्हें साफ करना चाहते हैं तो यहां बताए तरीके आजमा सकते हैं।

गुनगुना पानी और डिशवॉश लिक्विड

डिब्बे को साफ करने के लिए सबसे पहले उसमें गुनगुना पानी भरें। फिर कुछ बूंदें डिशवॉश लिक्विड की डालें। इसके बाद 10-15 मिनट बाद स्पंज से रगड़कर धो लें। इससे जमा तेल आसानी से निकल जाता है।

बेकिंग सोडा पेस्ट

बेकिंग सोडा में थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट बनाएं। फिर चिकनाई वाली जगह पर लगाएं। इसके 15 मिनट बाद हल्के हाथ से रगड़कर धो लें। यह तेल को सोखने में मदद करता है।

सिरका और गर्म पानी

इस उपाय को करने के लिए एक भाग सफेद सिरका और दो भाग गर्म पानी मिलाकर डिब्बे में डालें। 20 मिनट बाद धो लें। इससे तेल की परत ढीली पड़ जाती है।

हल्दी और मसालों के दाग हटाने के तरीके

नींबू का रस

दाग वाली जगह पर ताजा नींबू का रस लगाकर 20-30 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर धो लें। नींबू के प्राकृतिक गुण हल्दी के निशान को हल्का करने में मदद कर सकते हैं।

बेकिंग सोडा और नींबू

हल्दी के जिद्दी दाग पर बेकिंग सोडा छिड़कें और ऊपर से कुछ बूंदें नींबू के रस की डालें। 10 मिनट बाद स्पंज से साफ करें। इससे भी हल्दी-तेल के निशान हट सकते हैं।

प्लास्टिक के डिब्बों का पीलापन दूर करने के तरीके

बेकिंग सोडा और सिरका

डिब्बे में 1-2 चम्मच बेकिंग सोडा डालें और थोड़ा सिरका मिलाएं। मिश्रण को 20 मिनट तक रहने दें, फिर धो लें। इससे पुराना पीलापन कम हो सकता है।

नमक और नींबू

कटे हुए नींबू पर थोड़ा नमक लगाकर पीले हिस्से पर रगड़ें। 10 मिनट बाद साफ पानी से धो लें।

डिस्क्लेमर: सफाई के किसी भी नए तरीके को अपनाने से पहले डिब्बे के छोटे हिस्से पर टेस्ट कर लें। यदि प्लास्टिक बहुत पुराना, टूटा हुआ या बदरंग हो गया है, तो उसे बदलना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।