तुलसी के पौधे का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। घर-घर में इसकी पूजा की जाती है। अगर आपके यहां भी तुलसी का पौधा लगा है और चाहते हैं कि वो हरा-भरा रहे तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। तुलसी ऐसा पौधा है जिसे अच्छी धूप, संतुलित नमी और हवा चाहिए होती है।

कई बार लोग जगह बचाने के लिए दूसरे पौधे भी उसी गमले या बिल्कुल पास लगा देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है आपकी ये गलती पौधे को सूखा सकती है। कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिन्हें अगर तुसली के साथ या पास लगा दिया जाए तो तुलसी की ग्रोथ रूक सकती है या फिर पौधा कमजोर पड़कर खराब हो सकता है।

पुदीना

पुदीना जब लगाया जाता है तो यह तेजी से फैलता है। इसकी जड़ें आसपास की जगह पर जल्दी कब्जा कर लेती हैं। ऐसे में मिट्टी से पानी व पोषक तत्व तेजी से खींचती हैं। अगर इसे तुलसी के साथ एक ही गमले में लगाया जाए, तो तुलसी को पर्याप्त पोषण और जगह नहीं मिल पाती। इससे उसकी ग्रोथ धीमी पड़ सकती है।

मनी प्लांट

मनी प्लांट को भी तुलसी के गमले में नहीं लगाना चाहिए। दोनों पौधों की देखभाल की जरूरतें अलग होती हैं। मनी प्लांट को अपेक्षाकृत अधिक नमी और कम सीधी धूप पसंद होती है। जबकि तुलसी को रोज 4–6 घंटे की धूप और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी चाहिए। दोनों को साथ रखने पर अक्सर पानी देने का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे तुलसी की जड़ें खराब हो सकती हैं।

बड़े झाड़ीदार या बेल वाले पौधे

हिबिस्कस (गुड़हल) जैसी घनी झाड़ियां या तेजी से बढ़ने वाली बेलें अगर तुलसी के बहुत पास हों, तो वे उसकी धूप और हवा दोनों कम कर सकती हैं। तुलसी को पर्याप्त धूप नहीं मिलने पर उसकी पत्तियां कम घनी हो सकती हैं और पौधा कमजोर नजर आने लगता है। ऐसे में खीरे की बेल या कोई भी बेल तुलसी के पास लगाने की गलती कभी न करें।

इन बातों का रखें ध्यान

तुलसी को ऐसे स्थान पर रखें जहां रोज पर्याप्त धूप मिले। यदि दूसरे पौधे लगाने हों, तो उन्हें अलग गमले में रखें या पर्याप्त दूरी रखें। मिट्टी में पानी जमा न होने दें और गमले में अच्छी ड्रेनेज होनी चाहिए।