गुलमेंहदी के रंग-बिरंगे फूल बालकनी को एक नया और ताजा लुक देते हैं। मानसून के मौसम में इस पौधे की वृद्धि तेजी से होती है। साथ ही इसमें जल्दी फूल भी आते हैं। यह पौधा कम देखभाल में भी तेजी से बढ़ता है और बारिश के मौसम में खूब फूल देता है। सही मिट्टी, धूप और समय-समय पर देखभाल करने से यह लंबे समय तक फूलों से भरा रह सकता है।

बारिश शुरू होने से पहले इस पौधे को लगाना सबसे अच्छा समय माना जाता है। इस दौरान तापमान और नमी का संतुलन पौधे की जड़ों को तेजी से विकसित होने में मदद करता है। गुलमेंहदी के लिए ऐसी मिट्टी का इस्तेमाल करें जिसमें पानी जमा न हो। आप 40% गार्डन मिट्टी, 30% गोबर की सड़ी हुई खाद या कम्पोस्ट और 30% रेत या कोकोपीट मिलाकर तैयार कर सकते हैं। गमले के नीचे ड्रेनेज होल होना जरूरी है, ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल जाए।

किस तरह करें देखभाल

गुलमेंहदी को रोजाना 4-5 घंटे हल्की धूप या अच्छी प्राकृतिक रोशनी मिलनी चाहिए। बहुत तेज दोपहर की धूप से पौधा मुरझा सकता है। इसे ऐसी जगह रखें जहां सुबह की धूप मिले और दोपहर में हल्की छाया रहे। वहीं, मिट्टी की ऊपरी परत जब सूखी लगे तब पानी देना चाहिए।

कीटों से ऐसे करें बचाव

बारिश के मौसम में नमी बढ़ने के कारण फफूंदी और छोटे कीट लगने की संभावना अधिक रहती है। जरूरत पड़ने पर नीम के तेल का घोल या हल्का जैविक कीटनाशक स्प्रे करें। इस दौरान अन्य पौधों को पर्याप्त दूरी पर रखें, ताकि हवा का संचार बना रहे है और दूसरे पौधों पर कीट व फफूंदी न लगे।

कितना बड़ा होना चाहिए गमला

गुलमेंहदी के पौधे के लिए 8 से 12 इंच का गमला पर्याप्त होता है। अगर एक ही गमले में एक से अधिक पौधे लगा रहे हैं, तो उनके बीच पर्याप्त दूरी रखें, ताकि सभी पौधों को पोषण और हवा अच्छी तरह मिलती रहे।

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