सावन का महीना बहुत पवित्र और खास माना जाता है। इस दौरान भक्त शिव जी की पूजा व व्रत करते हैं। कई श्रद्धालु कांवड़ लेकर यात्रा पर निकलते हैं, तो कुछ लोग ज्योतिर्लिंग के दर्शन का प्लान बनाते हैं। अगर आप इस सावन गुजरात के नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन का प्लान कर रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है।
गुजरात में द्वारका के पास स्थित पवित्र धार्मिक स्थल नागेश्वर मंदिर भगवान शिव के प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसे एकांतेश्वर महादेव भी कहा जाता है क्योंकि यह मंदिर एकांत जगह में बसा हुआ है। मंदिर में स्थित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा आपको दूर से ही नजर आ जाएगी। मंदिर परिसर में आपको छोटी-सी मार्केट भी मिलेगी, जहां आप प्रसाद, पूजा सामग्री और मंदिर से जुड़े प्रतीक चिन्ह भी खरीद सकते हैं। यह मंदिर कालसर्प दोष निवारण के लिए विशेष महत्व रखता है। दूर-दराज से लोग इस दोष के निवारण के लिए आते हैं। इस मंदिर में माता रानी की प्रतिमा भी है।
श्रद्धा और भक्ति की भावना से खड़े श्रद्धालु लाइन में लगकर मंदिर के मुख्य द्वार से प्रवेश करते हुए गर्भगृह की तरफ जाते हैं। यहां पहुंचकर आप भगवान नागेश्वर के दर्शन कर सकते हैं। श्रद्धालुओं की मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव सभी मनोकामना पूरी करते हैं। नागेश्वर मंदिर के पीछे एक विशाल वट वृक्ष है जहां पर हनुमान जी मंदिर है। पास में ही भीमगंज तालाब है। इस मंदिर की खासियत भगवान शिव की 82 फीट ऊंची प्रतिमा है।
यहां पहुंचने का तरीका
इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन द्वारका है, जो नागेश्वर मंदिर से करीब 16 किमी दूर स्थित है। रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही आपको आसानी से ऑटो या टैक्सी मिल जाएंगी। वहीं हवाई यात्रा के लिए नजदीकी एयरपोर्ट जामनगर है, जो मंदिर से करीब 140 किमी दूर है। यहां से आप बस या टैक्सी से ज्योतिर्लिंग पहुंच सकते हैं। इसके अलावा द्वारका सड़क मार्ग से भी अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहां आप पर्सनल वाहन से पहुंच सकते हैं, जिसके लिए पार्किंग की सुविधा भी मिल जाएगी।

रुकने की व्यवस्था
नागेश्वर मंदिर के आसपास आपको ज्यादा बाजार या होटल की सुविधा नहीं मिलेगी। इसलिए ज्यादातर श्रद्धालु द्वारका में ही रुकते हैं और यहां से ऑटो या टैक्सी के जरिए मंदिर दर्शन करने पहुंचते हैं। द्वारका में आपको कई होटल, होम स्टे और धर्मशाला मिल जाएंगी। आप यहां अपने बजट और सुविधा के अनुसार रूम बुक कर सकते हैं। द्वारका से आपको किराये पर स्कूटी भी मिल जाएगी, जिससे आप कई सारी जगह बजट में एक्सप्लोर कर सकते हैं।
मंदिर के आसपास घूमने की जगह
गोपीताला तीर्थ
शिवराजपुर बीच
बेट द्वारका
रुकमणी माता मंदिर
द्वारकाधीश मंदिर
दर्शन करने का सबसे अच्छा समय
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन भक्त सालभर कभी भी कर सकते हैं। लेकिन अक्टूबर से अप्रैल के बीच का समय सबसे अच्छा माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना होता है और यात्रा का अनुभव यादगार साबित हो सकता है। वहीं सावन के महीने में यहां पर काफी भीड़ देखी जा सकती है।
