सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले हाथ में फोन लिया और स्क्रॉल करना शुरू कर दिया। WhatsApp खोला, Instagram देखा और बाकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी नजर मार ली। इसके बाद बिस्तर छोड़ा। रात में भी काम से जैसे ही फ्री हुए, हाथ में फोन लिया और घंटों फोन देखने में बिता दिए। अगर आपका हाल भी कुछ ऐसा ही है, तो यह खबर आपके लिए है।

आजकल बहुत से लोगों की दिनचर्या कुछ ऐसी हो गई है कि रात में बिस्तर पर जाते ही फोन हाथ में आ जाता है और सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले स्क्रीन दिखाई देती है। कभी सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, कभी मैसेज चेक करना तो कभी न्यूज देखना। फोन दिन की शुरुआत और अंत दोनों का हिस्सा बन गया है।

लेकिन लगातार ऐसा करने की आदत खासकर आपकी नींद और रोजमर्रा की दिनचर्या पर असर डाल सकती है। अगर आप भी रात में बिस्तर पर जाते ही फोन और सुबह उठते ही स्क्रीन देखते हैं तो आपको पता होना चाहिए इससे आपके शरीर पर क्या असर होगा।

रात में सोने से पहले फोन देखने से क्या होता है?

अगर आप भी रात में सोने से पहले घंटों फोन चलाते हैं तो इससे आपकी नींद में खलल पड़ सकता है। दरअसल स्क्रीन से निकलने वाली रोशनी और फोन पर किया जाने वाला एक्टिव कंटेंट दिमाग को आराम की स्थिति में जाने में बाधा डाल सकता है। इसके अलावा वीडियो, सोशल मीडिया या चैटिंग में लगे रहने से सोने का समय भी आगे खिसक सकता है।

2025 में JAMA Network Open में प्रकाशित एक अध्ययन में 1.22 लाख से ज्यादा वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया गया। इसमें सोने से पहले रोज स्क्रीन इस्तेमाल करने वालों में स्क्रीन न इस्तेमाल करने वालों की तुलना में खराब नींद की संभावना 33 फीसदी ज्यादा पाई गई। ऐसे लोगों में काम वाले दिनों में नींद की अवधि भी कम थी। ऐसे लोगों में सोने का समय देर से होने की आदत भी देखी गई।

एक अन्य रिसर्च में 38 लोगों को शामिल किया गया। जिन लोगों ने चार हफ्तों तक सोने से 30 मिनट पहले मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं किया, उनमें सोने में लगने वाला समय कम हुआ। इतना ही नहीं नींद की अवधि और गुणवत्ता में सुधार देखा गया। साथ ही सुबह की वर्किंग मेमोरी भी बेहतर हुई।

सिर्फ नीली रोशनी ही वजह नहीं

अक्सर फोन की नीली रोशनी को ही नींद खराब होने की एकमात्र वजह बताया जाता है, लेकिन वजह सिर्फ यह नहीं है। फोन पर लगातार स्क्रॉल करना, सोशल मीडिया देखना, मैसेज का जवाब देना या कोई रोमांचक कंटेंट देखना भी दिमाग को सक्रिय रख सकता है।

सुबह उठते ही फोन देखने से क्या नुकसान है?

सुबह उठते ही फोन देखने को लेकर रात वाले इस्तेमाल जितने मजबूत वैज्ञानिक सबूत अभी उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि सुबह फोन देखने से निश्चित रूप से कोई बीमारी हो जाती है।

हालांकि, यह आदत आपकी सुबह की रूटीन को प्रभावित कर सकती है। फोन उठाते ही सोशल मीडिया, न्यूज, काम के मैसेज या नोटिफिकेशन देखने से आपका ध्यान तुरंत कई तरह की सूचनाओं की तरफ चला जाता है। इससे आप बिना जरूरत काफी समय स्क्रीन पर बिता सकते हैं और दिन की शुरुआत अपनी जरूरी गतिविधियों के बजाय फोन से हो सकती है।

रात और सुबह दोनों समय फोन देखने की आदत में क्या बदलें?

अगर रात और सुबह दोनों समय फोन आपकी पहली और आखिरी चीज बन गया है, तो छोटे बदलाव से शुरुआत कर सकते हैं।

सोने से कुछ समय पहले फोन अलग रख दें। शुरुआत 30 मिनट से कर सकते हैं। फोन को बिस्तर से थोड़ी दूरी पर रखें, ताकि बार-बार उठाकर देखने की आदत कम हो। सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले नोटिफिकेशन चेक करने के बजाय पानी पीना, कमरे की रोशनी लेना, हल्की स्ट्रेचिंग या सुबह की जरूरी दिनचर्या शुरू करें। रात में फोन इस्तेमाल करना जरूरी हो तो स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखें और गैर-जरूरी नोटिफिकेश बंद कर दें।

डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध रिसर्च और विशेषज्ञ जानकारी पर आधारित है। यह सामान्य जानकारी के लिए है, किसी बीमारी के निदान या इलाज का विकल्प नहीं।