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पंडित नेहरू ने चीनी प्रधानमंत्री को गिफ्ट किया था लंगड़ा-दशहरी आम का पौधा, जानिये उन्हें क्या तोहफा मिला था

8 मई 1955 को, विदेश मंत्रालय के अपर सचिव, हरबंश लाल ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अपर सचिव, पेशोरी लाल मल्होत्रा ​​​​को पत्र लिखकर उनसे आम के “विभिन्न किस्मों के कुछ पौधे इकट्ठा करने” के लिए कहा।  

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नई दिल्ली में एआईसीसी की वर्किंग कमेटी की बैठक के दौरान पंडित जवाहर लाल नेहरू। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

हरिकिशन शर्मा
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 ग्रुप के सम्मेलन में हिस्सा लेने जर्मनी गये थे। पीएम मोदी ने यहां कई नेताओं से मुलाक़ात की और उन्हें भारतीय तोहफे भी दिए, जिसकी खूब चर्चा हुई। इस आर्टिकल में हम बात करने जा रहे हैं पूर्व प्रधानमत्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा चीन को दिए गये उपहार की।  नेहरू ने चीन के पीएम को उपहार स्वरुप आम के पौधे दिए थे। 

नेहरू ने उपहार में दिए थे आम के पौधे: 14 नवंबर, 1954 को नेहरू का 65वां जन्मदिन था। जन्मदिन के मौके पर चीन के तत्कालीन प्रधानमंत्री झोउ एनलाई ने उपहार के रूप में चित्तीदार हिरणों की एक जोड़ी, लाल कलगी वाले सारसों की एक जोड़ी और एक सौ सोने की मछली भेजी थी। इसके बदले में पूर्व पीएम नेहरू ने उन्हें आम के पौधे उपहार में दिए थे।

दूतावास ने याद दिलाया आम के पौधे भेजने का वादा: चीनी पीएम झोउ एनलाई को आम के पौधे भेजने का प्रस्ताव बीजिंग में  मौजूद भारतीय राजदूत द्वारा रखा गया था। हालांकि इस उपहार को तुरंत नहीं भेजा गया क्योंकि चीन में मौसम आम लगाने के लिए उपयुक्त नहीं था। 29 अप्रैल, 1955 को, पेकिंग (बीजिंग) में भारतीय दूतावास के आर गोबर्धन ने विदेश मंत्रालय (MEA) में तत्कालीन संयुक्त सचिव टीएन कौल को एक पत्र भेजा, जिसमें उन्हें आम के पौधे के उपहार के संबंध में उनके दिसंबर 1954 में आम के पौधे भेजने के वादे को याद दिलाया गया था और कहा कि उपहार देने के लिए हम अब तक कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।

चौसा, दशहरी और लंगडा आम के पौधे थे शामिल: 18 मई 1955 को, विदेश मंत्रालय के अपर सचिव, हरबंश लाल ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अपर सचिव, पेशोरी लाल मल्होत्रा ​​​​को पत्र लिखकर उनसे आम के “विभिन्न किस्मों के कुछ पौधे इकट्ठा करने” के लिए कहा।  23 मई, 1955 को उन्होंने आईसीएआर के निदेशक को पत्र लिखकर 11 पौधों की व्यवस्था करने का आग्रह किया। उपहार स्वरूप जिन आम के पौधे को चीन भेजा गया उसमें चौसा (2), दशहरी (3), लंगड़ा (1) और अल्फांसो (2) सहित 8 आम के पौधे ही शामिल थे। 31 मई, 1955 को दिल्ली से एयर इंडिया इंटरनेशनल की उड़ान संख्या 155 द्वारा ये पौधे भेजे गए।

480 रूपये आया था आम के पौधे भेजने का खर्च: हालांकि दूतावास के अधिकारियों ने विदेश मंत्रालय से पौधों की संख्या बढ़ाने का अनुरोध करते हुए कहा कि “आठ पौधे को बेहद कम माना जाएगा, इनकी सख्या बढ़ाई जाये।” जवाब में  विदेश मंत्रालय ने दूतावास को बताया कि पौधे “प्रायोगिक उद्देश्य” के लिए भेजे गए हैं और “यदि सफल साबित हुए तो और बाद में भेजे जाएंगे”। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, आम के पौधों की खेप चीन भेजने का हवाई जहाज का खर्च 480 रुपये का भुगतान करने के आदेश जारी किया गया था।

दुनिया भर में मशहूर था नेहरू का पहनावा: पंडित नेहरू राजनीति के लिए जाने जाते हैं लेकिन उनका पहनावा भी दुनिया भर में खूब पसिद्ध था। पंडित जवाहर लाल नेहरू की विश्व प्रसिद्ध नेहरू जैकेट को दुनिया के टॉप 10 राजनीतिक पहनावों में शामिल किया गया है। अमेरिका की प्रतिष्ठित पत्रिका टाइम ने 10 राजनीतिक पहनावों में नेहरू जैकेट को सातवां स्थान मिला है।

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