भारत के लगभग हर घर की रसोई में LPG सिलेंडर या पाइप्ड गैस का इस्तेमाल किया जाता है। गैस से खाना बनाना आसान और सुविधाजनक हो गया है, लेकिन इसकी सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। अक्सर आपने देखा होगा कि गैस सिलेंडर को चूल्हे से जोड़ने वाली पाइप नारंगी (ऑरेंज), हरे (ग्रीन) या पारदर्शी (ट्रांसपेरेंट) रंग की होती है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या पाइप का रंग उसकी सुरक्षा तय करता है? आइए जानते हैं इन पाइपों के बीच का अंतर और कौन-सी पाइप सबसे सुरक्षित मानी जाती है।

ऑरेंज (नारंगी) पाइप क्यों होती है सबसे ज्यादा इस्तेमाल?

ऑरेंज रंग की गैस पाइप भारतीय घरों में सबसे अधिक दिखाई देती है। यह खास तौर पर घरेलू LPG कनेक्शन के लिए डिजाइन की जाती है। इस प्रकार की पाइप गैस के दबाव को सहन करने में सक्षम होती है, रसोई के तापमान और नमी से प्रभावित नहीं होती, कई मामलों में चूहों से होने वाले नुकसान के प्रति भी अधिक प्रतिरोधी होती है, और लंबे समय तक सुरक्षित उपयोग के लिए बनाई जाती है। यदि ऑरेंज पाइप पर ISI मार्क और LPG Approved का लेबल मौजूद है, तो इसे घरेलू उपयोग के लिए सुरक्षित माना जाता है।

हरी (ग्रीन) पाइप क्या सुरक्षित होती है?

बाजार में कुछ कंपनियां अपनी पहचान और उत्पादों को अलग दिखाने के लिए हरे रंग की गैस पाइप भी बनाती हैं। कई ग्रीन पाइप LPG के लिए प्रमाणित होती हैं, जबकि कुछ अन्य उपयोगों के लिए बनाई जाती हैं। ऐसे में ग्रीन पाइप खरीदते समय यह जांचना जरूरी है कि उस पर ISI मार्क हो, LPG उपयोग के लिए प्रमाणन प्राप्त हो, और भारतीय सुरक्षा मानकों का पालन करती हो। अगर ये सभी मानक पूरे होते हैं, तो हरी पाइप भी ऑरेंज पाइप जितनी सुरक्षित हो सकती है।

क्या ट्रांसपेरेंट पाइप LPG के लिए सही है?

ट्रांसपेरेंट यानी पारदर्शी पाइप आमतौर पर पानी, हवा या अन्य कम दबाव वाले कार्यों में इस्तेमाल की जाती हैं। बाजार में उपलब्ध अधिकांश ट्रांसपेरेंट पाइप LPG के लिए प्रमाणित नहीं होतीं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि साधारण ट्रांसपेरेंट पाइप LPG के दबाव को लंबे समय तक सहन नहीं कर पाती, गर्मी के संपर्क में जल्दी खराब हो सकती है, और गैस रिसाव का खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए जब तक किसी ट्रांसपेरेंट पाइप पर स्पष्ट रूप से LPG Approved और ISI प्रमाणन न हो, उसे गैस कनेक्शन में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

LPG पाइप में ISI मार्क क्यों है जरूरी?

LPG पाइप खरीदते समय सबसे पहले ISI मार्क की जांच करनी चाहिए। यह प्रमाणन भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा दिया जाता है और यह सुनिश्चित करता है कि उत्पाद सुरक्षा और गुणवत्ता के निर्धारित मानकों पर खरा उतरता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, LPG होज के लिए ‘IS 9573 (Part 2): 2017’ मानक महत्वपूर्ण माना जाता है। यह प्रमाणित करता है कि पाइप की सुरक्षा, मजबूती और प्रदर्शन की जांच की जा चुकी है।

सबसे सुरक्षित विकल्प कौन-सा है?

घरेलू LPG कनेक्शन के लिए एक्सपर्ट्स आमतौर पर ISI मार्क वाली ऑरेंज LPG पाइप या स्टील ब्रेडेड LPG होज का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। स्टील ब्रेडेड होज अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करती है क्योंकि यह चूहों से होने वाले नुकसान से बचाती है, अधिक गर्मी को सहन कर सकती है, टूट-फूट और घिसाव के प्रति अधिक मजबूत होती है।

LPG पाइप इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां

समय-समय पर पाइप की जांच करें। पाइप में दरार, कट या कठोरता दिखाई दे तो तुरंत बदल दें। जरूरत से ज्यादा लंबी पाइप का इस्तेमाल न करें। पाइप को गर्म बर्तनों, आग या गर्म सतहों से दूर रखें। गैस रिसाव की आशंका होने पर तुरंत रेगुलेटर बंद करें और तकनीशियन से संपर्क करें। पाइप की एक्सपायरी डेट जरूर जांचें।

(डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी और उपलब्ध सुरक्षा मानकों के आधार पर तैयार किया गया है। LPG पाइप को खरीदने, लगाने या बदलाव से पहले निर्माता कंपनी के निर्देशों और स्थानीय गैस वितरक की सलाह को मानें। गैस से जुड़े किसी भी तकनीकी कार्य को खुद करने के बजाय किसी तकनीशियन की मदद लें।)

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