कभी करते थे रेलवे ट्रैक पर गैंगमैन की नौकरी, अब IPS प्रहलाद सहाय के नाम से कांपते हैं अपराधी, जानिये सक्सेज स्टोरी

IPS Success Story: प्रहलाद सहाय ओड़िशा में रेलवे ट्रैक पर गैंगमैन की नौकरी करते थे और पटरियों की देखभाल और मरम्मत का काम करते थे। लेकिन आज वह ओड़िशा में ही आईपीएस अधिकारी हैं।

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प्रहलाद सहाय की जिंदगी से जुड़ी दिलचस्प बातें-

प्रहलाद सहाय ने 5 बार सरकारी नौकरी छोड़ी क्योंकि उनका सपना था कि वह एक बड़े अफसर बनें। इस सपने को उन्होंने पूरा भी कर दिखाया। तीन बार यूपीएससी में और एक बार आरपीएससी में प्रहलाद को असफलता मिली लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और मेहनत करना नहीं छोड़ा। इस मेहनत का फल उन्हें मिला और आज वह आईपीएस हैं। बता दें कि प्रहलाद सहाय ओड़िशा में रेलवे ट्रैक पर गैंगमैन की नौकरी करते थे और पटरियों की देखभाल और मरम्मत का काम करते थे। लेकिन उनकी किस्मत और मेहनत दोनों ने उनका साथ दिया और आज वह ओड़िशा में ही आईपीएस अधिकारी हैं। आइए जानते हैं प्रहलाद सहाय की जिंदगी से जुड़ी दिलचस्प बातें-

जानिये कौन हैं प्रहलाद सहाय: 27 फरवरी 1988 में प्रहलाद सहाय का जन्म हुआ। उनका पूरा बचपन गांव में ही बीता। बता दें कि प्रहलाद बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे। उनकी पूरी पढ़ाई सरकारी स्कूल में हुई थी। दसवीं में प्रहलाद अपने स्कूल के टॉपर थे। 12वीं में दोस्तों ने साइंस लेने की सलाह दी। प्रहलाद इंजीनियर बनना चाहते थे। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण वह गांव से बाहर नहीं जा सकते थे। ऐसे में उन्होंने 12वीं में कला संकाय (Faculty of Arts) लिया और उसमें भी प्रथम स्थान पाएं।

आरपीएससी में एक नंबर से चूके: रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रहलाद लगातार तीन साल तक सिविल सेवा परीक्षा में असफल रहे थे लेकिन इसके बाद प्रहलाद सहाय मीना हिन्दी साहित्य से एमए के साथ ही नेट जेआरएफ की तैयारी करने लगे। आरपीएससी में एक नंबर से चूके थे। इसके बाद साल 2013 में प्रहलाद दिल्ली आकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। साल 2013 तथा 2014 में मुख्य परीक्षा तक ही पहुंच पाए। 2015 में प्रिलिमनरी परीक्षा में असफल रहे। अंततः प्रहलाद साल 2017 में यूपीएससी में सफल रहे और आईपीएस अधिकारी बनकर दम लिया।

2008 में पहली बार लगी थी सरकारी नौकरी: बता दें कि 12वीं की पढ़ाई के दौरान इनके गांव के एक लड़के का भारतीय रेलवे में ग्रुप डी (गैंगमैन) चयन हुआ। उससे प्रेरित होकर प्रहलाद मीना भी रेलवे की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुट गए। प्रहलाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए राजस्थान चले गए थे और वहां वह किराए के रूम में रहते थे। राजस्थान कॉलेज में प्रवेश लिया और ​बीए द्वितीय वर्ष 2008 में पहली बार उनकी सरकारी नौकरी लगी।

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