मुंबई में लगातार हो रही बारिश के बीच हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरूचा ने सोशल मीडिया पर अपने वर्कआउट के वीडियो शेयर किए। यह वीडियो जिम के बजाय घर पर किए गए वर्कआउट का था। उन्होंने इंस्टाग्राम पर डंबल्स के साथ एक्सरसाइज करते हुए अपनी तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए। इसके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा- ‘Work from home they said’। अगर बारिश की वजह से आप भी जिन नहीं जा पा रही हैं, तो घर पर नुसरत भरूचा की तरह वर्कआउट रूटीन अपना सकती हैं।

किसी न किसी वजह से हम जिम नहीं जा पाते हैं, ऐसे में होम वर्कआउट रूटीन शरीर को फिट और एक्टिव रखने का एक बेहतरीन तरीका साबित हो सकता है। उनके इस फिटनेस रूटीन की तारीफ करते हुए कंसल्टेंट डाइटिशियन और फिटनेस एक्सपर्ट गरिमा गोयल ने कहा कि जिन दिनों जिम जाना संभव नहीं हो, उन दिनों भी फिटनेस को प्राथमिकता देना एक अच्छी सोच है, जिसे हर किसी को अपनाना चाहिए। उनके अनुसार यह एक सस्टेनेबल फिटनेस रूटीन की पहचान है।

वर्कआउट के फायदे

फिटनेस एक्सपर्ट गरिमा गोयल के अनुसार जिन वर्कआउट्स में रेजिस्टेंस ट्रेनिंग, बॉडीवेट एक्सरसाइज और कोर को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज शामिल हैं, वे मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने के साथ-साथ शरीर के संतुलन और तालमेल को बेहतर बनाने में मदद करती है।

उन्होंने बताया कि डंबल के साथ स्क्वैट्स और पुश-अप्स जैसी एक्सरसाइज एक साथ शरीर की कई मांसपेशियों पर काम करती हैं। इससे शरीर ज्यादा बेहतर तरीके से काम करता है और चोट लगने का खतरा भी कम हो सकता है।

इस तरह की ट्रेनिंग का एक और फायदा, कोर मसल्स को मजबूत करना है। उनका कहना है कि मजबूत कोर सिर्फ पेट की मांसपेशियों को बेहतर दिखाने के लिए ही जरूरी नहीं होता बल्कि यह सही बॉडी पोस्चर बनाए रखने, रीढ़ की हड्डी को सहारा देने, शरीर का संतुलन बेहतर बनाने और रोजमर्रा के कई कामों को आसानी से करने में भी मदद कर सकता है।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग क्यों होनी चाहिए फिटनेस रूटीन का हिस्सा

गरिमा गोयल के अनुसार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग खासतौर पर महिलाओं के लिए फायदेमंद मानी जाती है। यह मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाए रखने, मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने और इंसुलिन सेंसिटिविटी को सपोर्ट करने में मदद कर सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वजन उठाने से महिलाओं का शरीर जरूरत से ज्यादा भारी नहीं हो जाता। इसके बजाय रेजिस्टेंस ट्रेनिंग शरीर को अधिक मजबूत और टोन्ड बनाने में मदद करती है।

हालांकि सिर्फ वर्कआउट करना ही फिटनेस रूटीन का हिस्सा नहीं होता। मांसपेशियों की रिकवरी और लंबे समय तक बेहतर फिटनेस बनाए रखने के लिए पर्याप्त प्रोटीन, बैलेंस्ड डाइट, हाइड्रेशन, पर्याप्त नींद और शरीर को आराम देना भी उतना ही जरूरी है।

नुसरत भरूचा का फिटनेस रूटीन इस बात पर जोर देता है कि अच्छी फिटनेस का मतलब सिर्फ वर्कआउट करना नहीं बल्कि शरीर को मजबूत, एक्टिव और लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखना भी है।

डिस्क्लेमर: आर्टिकल में लिखी गई सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य जानकारी और विशेषज्ञों से मिला जानकारी के आधार पर है। किसी भी प्रकार की समस्या या सवाल के लिए विशेषज्ञ/संबंधित एक्सपर्ट से जरूर परामर्श करें।