पिछले कुछ समय से चीनी के दामों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। भारत में चीनी की औसत कीमत एक महीने में 15 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई है। कई जगहों पर 60 रुपये प्रति किलो बिक रही है। भारतीय घरों में चीनी का इस्तेमाल व्यापक रूप से किया जाता है। सुबह की चाय बनाने से लेकर, खीर और मिठाई बनाने तक में अधिकतर चीनी का इस्तेमाल किया जाता है।

हालांकि, रिफाइंड शुगर का अधिक सेवन सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। डॉक्टर भी अधिक चीनी के सेवन से मना करते हैं। इसके अधिक सेवन से मोटापा, डायबिटीज, हृदय रोग और फैटी लिवर जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। रिफाइंड चीनी में पोषक तत्व ना के बराबर होते हैं और इसमें सिर्फ कैलोरी होती है, जो कई रोगों का जिम्मेदार हो सकती है। ऐसे में ज्यादातर लोग चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कई और प्राकृतिक मिठास वाली चीजें हैं जिनकी मदद से आप मीठी चाय बना सकते हैं।

1- खजूर

चाय बनाते समय आप चीनी की जगह खजूर का इस्तेमाल कर सकते हैं। खजूर को छोटे टुकड़ों में काटकर चाय बनाते समय दूध में डाला जा सकता है। इससे चाय में प्राकृतिक मिठास के साथ हल्का कैरेमल जैसा स्वाद आता है। आप चाहें तो खजूर को भिगोकर उसका पेस्ट बनाकर भी चाय में मिला सकते हैं।

2- दालचीनी

अगर आपको बहुत ज्यादा मिठास वाली चाय नहीं पसंद है तो दालचीनी एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। इसका स्वाद हल्का मीठा और खुशबूदार होता है। चाय बनाते समय दालचीनी का एक छोटा टुकड़ा या पाउडर भी डाल सकते हैं। इसमें आपको हल्की प्राकृतिक मिठास महसूस हो सकती है, लेकिन यह चीनी की तरह चाय को मीठा नहीं करती।

3- मुलेठी

मुलेठी अपनी प्राकृतिक मिठास के लिए जानी जाती है। इसके साथ ही यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी मानी जाती है। चाय बनाते समय मुलेठी का बहुत छोटा टुकड़ा डालने से उसमें मीठा स्वाद आ सकता है। इसका स्वाद काफी तेज होता है, इसलिए थोड़ी मात्रा में मिलाने की सलाह दी जाती है।

4- स्टीविया

अगर आप नियमित रूप से चाय का सेवन करते हैं और चीनी का विकल्प ढूंढ रहे हैं तो स्टीविया ट्राई कर सकते हैं। यह पौधे से प्राप्त मीठा पदार्थ होता है और चीनी की तुलना में बहुत अधिक मीठा होता है। इसलिए चाय बनाते समय बहुत कम मात्रा में इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

स्टीविया वाली चाय बनाने का तरीका

सामान्य चाय की तरह पानी, चायपत्ती और दूध डालकर चाय तैयार करें। चाय को अच्छे से उबालने के बाद गैस बंद कर दें और इसके बाद स्टीविया डालना बेहतर माना जाता है। शुरुआत में एक कप चाय के लिए बहुत थोड़ी मात्रा में डालें और चाय चखकर जरूरत के अनुसार इसकी मात्रा बढ़ाएं। अगर आपके पास स्टीविया ड्रॉप्स हैं, तो पैक पर दिए निर्देश के अनुसार कुछ बूंदें डालें। अगर पाउडर या टैबलेट है, तो पैकेज पर लिखी मात्रा के अनुसार इस्तेमाल करें।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। अपनी दिनचर्या में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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