अपार्टमेंट में रहने वाले काफी लोग अपनी बालकनी में बागवानी करते हैं, जिसमें तरह-तरह के हरे-भरे पौधे, फूल और सब्जियां तक लगी होती हैं। यह पौधे घर के माहौल को ताजा बनाए रखने और प्राकृतिक लुक देने में मदद करते हैं। काफी लोग मोगरे का पौधा भी लगाना पसंद करते हैं। मोगरे की सुगंधित महक तन-मन को तुरंत तरोताजा करने में मदद करती है। इसकी मीठी महक तंत्रिका तंत्र को शांत करती है, जिससे गहरी और अच्छी नींद आने में मदद मिलती है। लेकिन कई बार पौधा हरा-भरा होने के बाद भी उसमें कलियां नहीं आतीं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं और देखभाल के तरीके पर भी ध्यान देने की जरूरत पड़ सकती है।
अगर आपके मोगरे के पौधे में पत्तियां खूब निकल रही हैं, लेकिन फूल नहीं आ रहे हैं, तो हल्का लिक्विड फर्टिलाइजर मददगार हो सकता है। इस लिक्विड फर्टिलाइजर को आप घर पर ही आसानी से तैयार कर सकते हैं। आप केले के छिलकों से लिक्विड फर्टिलाइजर बना सकते हैं। केले के छिलकों से बना पानी पोटैशियम समेत कुछ पोषक तत्व प्रदान करता है। पोटैशियम पौधों के सामान्य विकास और फूल आने के लिए अहम भूमिका निभाता है। आइए जानते हैं किस तरह घर पर खाद तैयार करें।
कैसे तैयार करें खाद
सबसे पहले केले के छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इन्हें 1 लीटर पानी (जरूरत के अनुसार) में डालकर बर्तन को ढक दें। इस मिश्रण को करीब 24 घंटे के लिए छोड़ दें। अगले दिन पानी को अच्छी तरह छान लें। इस्तेमाल से पहले इस घोल को और पानी से पतला कर लें। लगभग 1 हिस्सा तैयार घोल और 2 हिस्से सादा पानी मिला सकते हैं। अब इसे सीधे मिट्टी में पौधे की जड़ों के आसपास मिट्टी में डाल सकते हैं। तने से बिल्कुल सटाकर न डालें।
हालांकि, यह पानी रोज-रोज नहीं डालना चाहिए। मोगरे के पौधे को यह घोल लगभग 15-20 दिन में एक बार दिया जा सकता है। अधिक मात्रा में फर्टिलाइजर देने से पौधे को फायदा होने बजाय नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, जब मिट्टी सूख जाए तभी लिक्विड फर्टिलाइजर डालें।
इन बातों का भी रखें ध्यान
धूप: मोगरे को अच्छी रोशनी और रोजाना कुछ घंटे सीधी धूप की जरूरत होती है। बहुत ज्यादा छायादार जगह पर रखने से पौधा पत्तियां तो निकाल सकता है, लेकिन फूल कम हो सकते हैं।
पानी: अधिक पानी देने से भी मोगरे के पौधे को नुकसान पहुंच सकता है। गमले में पानी जमा रहने से जड़ों को नुकसान हो सकता है। इसके साथ ही गमले में जल निकासी के लिए नीचे छेद होना बेहद जरूरी है।
छंटाई: कई बार सूखी, कमजोर और बहुत ज्यादा उलझी हुई शाखाओं के चलते भी पौधे की बढ़वार को व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है ऐसे में समय-समय पर पौधे की छंटाई करते रहें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। पौधे से जुड़ी किसी भी समस्या की सही पहचान और उचित देखभाल के लिए बागवानी विशेषज्ञ की सलाह लें।
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