सुबह उठकर दांत साफ करने के लिए कुछ लोग आज भी नीम की दातुन का इस्तेमाल करते हैं। नीम की टहनी को चबाकर उसके रेशों से दांत साफ करने का यह तरीका बहुत पुराना है। नीम की दातुन को लेकर कई घरेलू दावे और फायदे प्रचलित हैं, लेकिन हर दावा वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं है।ऐसा माना जाता है कि दातुन से दांतों की सतह पर जमा गंदगी और प्लाक को हटाने में मदद मिल सकती है। अगर आप नीम की दातुन करते हैं तो सिर्फ टहनी चबाना ही काफी नहीं है। टहनी कैसी हो, उसे कैसे तैयार करें और दांतों पर किस तरह इस्तेमाल करें और किन चीजों का ध्यान रखना जरूरी है, आइए जानें ।

नीम की दातुन के लिए कैसी टहनी चुनें?

अगर आप भी नीम का दातुन करते हैं या फिर करने का सोच रहे हैं तो हमेशा ताजी, साफ और स्वस्थ नीम की पतली टहनी लें। टहनी इतनी मोटी न हो कि उसे आसानी से मुंह में घुमाना मुश्किल लगे। ऐसी टहनी लेना बेहतर है जिसकी छाल बहुत ज्यादा सख्त न हो और जिसे चबाने पर उसका सिरा रेशेदार बनाया जा सके।

नीम की दातुन कैसे तैयार करें?

सबसे पहले टहनी को साफ पानी से धो लें। फिर एक सिरे से थोड़ा हिस्सा दांतों से धीरे-धीरे चबाएं। इसका उद्देश्य उस हिस्से को छोटे-छोटे रेशों वाला ब्रश जैसा बनाना है। जब सिरा रेशेदार हो जाए तो उससे दांतों की सफाई की जा सकती है।

अब जानें दातुन करने का सही तरीका

नीम के दातुन को दांतों पर जोर से न रगड़ें। इसकी बजाय हल्के हाथ से इस्तेमाल करें।

दांतों की आगे और पीछे की सतह के साथ-साथ चबाने वाली सतह पर भी धीरे-धीरे सफाई करें। मसूड़ों पर बहुत ज्यादा दबाव डालने या बार-बार जोर से रगड़ने की जरूरत नहीं है।

खास तौर पर ध्यान रखें कि दातुन का इस्तेमाल करते समय सिर्फ सामने के दांत साफ करके न छोड़ें। मुंह के बाकी हिस्सों तक भी सफाई पहुंचनी चाहिए।

दातुन के बाद कुल्ला करें या नीम का रस मुंह में रहने दें?

दातुन के बाद मुंह को साफ पानी से कुल्ला करना बेहतर है। नीम का रस मुंह में जानबूझकर लंबे समय तक रोककर रखने की जरूरत नहीं है।

क्या दातुन करने के बाद टूथब्रश भी करना चाहिए?

यह व्यक्ति की ओरल हेल्थ और दंत चिकित्सक की सलाह पर निर्भर करता है। लेकिन एक बात महत्वपूर्ण है—नीम की दातुन को फ्लोराइड टूथपेस्ट वाले टूथब्रश का अपने आप बराबर विकल्प नहीं मानना चाहिए।

नीम की दातुन करते समय न करें ये गलतियां

बहुत सख्त टहनी से दांतों और मसूड़ों में दिक्कत हो सकती है। ज्यादा जोर लगाने से सफाई बेहतर हो, यह जरूरी नहीं है। मसूड़ों पर चोट या जलन हो सकती है। दातुन मुंह की सफाई का एक तरीका हो सकता है, लेकिन यह दांतों में सड़न, मसूड़ों से खून आना, तेज दर्द या दूसरी दांतों की बीमारी का इलाज नहीं है।