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बड़ा मुद्दा बना रवीश कुमार से हुई एक गलती, फेसबुक पर मांगी माफी, सरकार ने की एनडीटीवी से शिकायत

प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की एडीजी अल्पना पंत शर्मा की तरफ से एनडीटीवी को भेजे पत्र में लिखा है, ‘रवीश कुमार ने प्रमुख तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया।’

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गलत तथ्य पेश करने को लेकर सरकार ने एनडीटीवी से की रवीश कुमार की शिकायत

एनडीटीवी इंडिया के मैनेजिंग एडिटर और प्राइम टाइम शो के एंकर रवीश कुमार द्वारा हुई एक चूक इन दिनों बड़ा मुद्दा बना हुआ है। सरकार की ओर से जहां इस भूल पर एनडीटीवी की न्यूज डायरेक्टर सोनिया सिंह से रवीश कुमार की शिकायत की गई है, वहीं सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थक और विरोधी तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। रवीश कुमार खुद फ़ेसबुक पोस्ट के ज़रिए अपनी भूल स्वीकारते हुए माफी मांग चुके हैं, इसके बावजूद लोग इस पर शांत नहीं हो रहे।

दरअसल, रवीश कुमार 14 जनवरी के अपने शो में सरकार द्वारा धान खरीद का विश्लेषण कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने धान खरीद से संबंधित एक गलत तथ्य प्रस्तुत किया। सरकार ने दोनों सीजन का 10 जनवरी तक का धान खरीद का ब्यौरा दिया था जबकि रवीश कुमार ने इसे पूरे सीजन का ब्यौरा मानकर विश्लेषण किया। इस बात को लेकर सरकार ने भी नाराज़गी ज़ाहिर की है। प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो (PIB) ने एनडीटीवी को पत्र लिखकर रवीश कुमार की शिकायत की है।

प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की एडीजी अल्पना पंत शर्मा की तरफ से एनडीटीवी को भेजे पत्र में लिखा है, ‘ऐसे संवेदनशील समय में जब किसान राष्ट्रीय राजधानी के बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं, रवीश कुमार ने प्रमुख तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया।’

पत्र में आगे लिखा है, ‘खरीफ सीजन 2019-20 में 10 जनवरी तक 423 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। जबकि 2020-21 में 10 जनवरी तक 534 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई जो पिछले साल 10 जनवरी तक के मुकाबले 26 फीसदी ज्यादा है। जबकि आपके चैनल पर रवीश कुमार ने धान खरीद की अनुचित तुलना की। इसके अलावा न्यूज़ क्लिप में इंफोग्राफिक के तौर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के ट्विटर हैंडल फोटो को क्रॉप करके लगाया गया।’

रवीश कुमार ने इस मामले में सफाई प्रस्तुत करते हुए फेसबुक पर लिखा है, ‘मुझसे एक ग़लती हुई है। 14 जनवरी के एपिसोड में एक ग़लती कर बैठा। उस गलती से सरकार के एक पोस्टर का विश्लेषण ग़लत हो गया।’ उन्होंने आगे कहा है, ‘मुझसे ऐसी चूक कम होती है। मगर हुई है, इसका मुझे खेद है। इस पर नोटिस जारी हुआ है। मैं जवाब दे दूंगा लेकिन हैरानी की बात ये है कि मैं अपने कार्यक्रम में इतनी ग़लतियां और झूठ पकड़ता हूं उसका कोई जवाब नहीं आता है।’

अब इस मामले में लोग रवीश कुमार पर जमकर तंज कस रहे हैं। बॉलीवुड फिल्ममेकर अशोक पंडित ने रवीश पर तंज कसते हुए लिखा है, ‘यह रवीश कुमार एक दलाल है! देश में अस्थिरता फैलाने के लिए इसको हमारे दुश्मनों से पैसे मिलते हैं ! इस गलतफहमी को फैलाने के लिए इस दलाल के खिलाफ सख़्त से सख्त कारवाई होनी चाहिए !’

पंकज चौधरी नाम के यूजर ने लिखा है, ‘रवीश कुमार अगर यही काम तुम चीन में किए होते तो अब तक गायब हो चुके होते। ये तो सिर्फ भारत ही है जो अभी भी इतनी नरमी से बात हो रही है। इतने पर भी आज़ादी मांगते हो और कितनी आज़ादी चाहिए।’ हालांकि कई यूजर्स रवीश कुमार का समर्थन भी करते नज़र आए और सरकार से उन बिंदुओं पर ज़वाब की मांग की, जिन्हें रवीश ने उठाया है।

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