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दक्षिण एशिया में सबसे ज्‍यादा HIV पीड़‍ित भारत में, हर दिन हो सकती है 80 किशोरों की मौत

यूनिसेफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2017 तक करीब 1 लाख 20 हजार बच्चे और किशोर एचआईवी संक्रमण से पीड़ित हैं।

Author संयुक्त राष्ट्र | November 30, 2018 2:55 PM
यूनिसेफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2017 तक करीब 1 लाख 20 हजार बच्चे और किशोर एचआईवी संक्रमण से पीड़ित हैं।

यूनिसेफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2017 तक करीब 1 लाख 20 हजार बच्चे और किशोर एचआईवी संक्रमण से पीड़ित हैं। ये दक्षिण एशिया के किसी देश में एचआई­वी पीड़ितों की सबसे ज्यादा संख्या है। यूनिसेफ ने चेताया है कि अगर इसे रोकने की कोशिशें तेज नहीं की गईं तो 2030 तक हर दिन दुनियाभर में एड्स की वजह से 80 किशोरों की मौत सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण एशिया ने बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं और माताओं में एचआईवी की रोकथाम के लिए जरूरी प्रयास किए हैं।

गुरुवार को जारी यूनिसेफ की रिपोर्ट ”चिल्ड्रन, एचआईवी और एड्स: द वर्ल्ड इन 2030” के मुताबिक पाकिस्तान में 5800, उसके बाद नेपाल में 1600 और बांग्लादेश में (1000 से कम) लोग एचआईवी का शिकार हैं। वर्ष 2017 में पांच साल तक की आयु वाले एचआईवी संक्रमित बच्चों की संख्या में वर्ष 2010 की तुलना में 43 प्रतिशत की कमी आई है जबकि इसी साल 0 से 14 वर्ष के जीवनरक्षक एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) पा रहे पीड़ितों का हिस्सा 73 प्रतिशत था जो 2010 के मुकाबले 50 फीसदी ज्यादा है।

रिपोर्ट कहती है कि ताजा रूझान बताते है कि एड्स से संबंधित मौतों और नए संक्रमणों की गति धीमी हो रही है, लेकिन पुराने मामलों में कमी कम देखी जा रही है। यूनिसेफ प्रमुख हेनरिता फोरे ने कहा, “रिपोर्ट से साफ होता है कि दुनिया 2030 तक बच्चों और किशोरों के बीच एड्स को खत्म करने के प्रयास पटरी पर नहीं हैं।

इस बीमारी को लेकर अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही 15 साल पहले शुरू हुए एचआईवी/एड्स सहायता कार्यक्रम का विस्तार करने के लिए एक बिल पर हस्ताक्षर करेंगे। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पेंस ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में आगामी विश्व एड्स दिवस को चिह्न्ति करने के लिए आयोजित समारोह में गुरुवार को यह घोषणा की।

सीनेट ने बुधवार को प्रेसीडेंट्स इमरजेंसी प्लान फॉर एड्स रिलीफ (पीईपीएफएआर) के लिए राष्ट्रपति की आपातकालीन योजना को पांच साल तक बढ़ाने वाले एक बिल को मंजूरी दी और इसे ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए व्हाइट हाउस भेजा।  सदन ने इस महीने के शुरू में इसी तरह का एक बिल पारित किया था। पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने पीईपीएफएआर को कानून बनाने के लिए 2003 में इस पर हस्ताक्षर किए थे।

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