नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इस दिन भक्त विशेष रूप से उपासक मां कात्यायनी की आराधना कर सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कात्यायनी शक्ति और साहस का प्रतीक मानी जाती हैं। इस दिन उनकी पूजा करने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होने की मान्यता है।

भोग
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कात्यायनी को शहद अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन भक्तों को शहद से बने सात्विक व्यंजन अर्पित करने चाहिए। ऐसे में इस दिन माता को शहद वाली दूध की खीर और गुड़ का हलवा भी अर्पित किया जा सकता है। आइए जानते हैं दोनों की रेसिपी।

रंग
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा में लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना गया है।

खीर बनाने की सामग्री (Navratri Day 6 Bhog Recipe)

500 ग्राम दूध
4 चम्मच शहद
10-12 बादाम
2 चम्मच घी

खीर बनाने की विधि (Maa Katyayani bhog)

भीगे हुए बादाम का छिलका उतारकर थोड़े पानी की मदद से पेस्ट तैयार कर लें। एक भारी तले वाले बर्तन में 500 ग्राम फुल क्रीम दूध को मिडियम आंच पर उबाल लें।
उबाल आने के बाद आंच धीमी कर दें। अब दूध में बादाम का पेस्ट डालकर अच्छे से मिला लें। इसे 15-20 मिनट तक पाकएं और बीच-बीच में चलाते रहें।
एक अलग पैन में 2 चम्मच घी गरम करें और उसमें 10-12 कटे हुए बादाम डालकर सुनहरा होने तक भून लें और अलग रख दें।
जब खीर गाढ़ी हो जाए तो उसमें 4 चम्मच शहद डालें और अच्छी तरह मिलाकर 5 मिनट धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं
गैस बंद कर खीर को ठंडा होने के लिए रख दें। इसके ऊपर से बादाम डालकर माता को भोग लगा सकते हैं।

गुड़ का हलवा बनाने की सामग्री (Maa Katyayani halwa recipe)

1 कप सूजी
1 कप छोटे टुकड़ों में गुड़
आधा कप देसी घी
3 कप पानी
आधा छोटा चम्मच हरी इलायची पाउडर
कटे हुए ड्राई फ्रूट्स (काजू, बादाम और किशमिश)

गुड़ का हलवा बनाने की विधि (Navratri Day 6 Halwa Bhog recipe)

सबसे पहले एक बर्तन में 3 कप पानी और गुड़ डालकर गैस पर चढ़ा दें। जब गुड़ चाशनी बन जाए तो उसमें इलायची पाउडर डालकर गैस बंद कर दें। इसके बाद इस मिश्रण को झान लें ताकि गुड़ की अशुद्धियां निकल जाएं।

एक कड़ाही में देसी घी गर्म कर लें। अब उसमें सूजी डालकर मध्यम आंच पर गोल्डन ब्राउन होने तक भूनें। सूजी को लगातार चलाते रहें, ताकि वह जले नहीं।

सूजी भुनने के बाद इसमें कटे हुए काजू और बादाम डाल दें। इससे मेवे घी में भुन जाते हैं। अब आंच धीमी कर दें और सूजी में गुड़ वाला पानी डालकर लगातार चलाते रहें।

हलवे को तब तक पकाएं जब तक सूजी सारा पानी सोख न ले। जब ये पक जाए तो ऊपर से एक चम्मच घी डालकर गैस को बंद कर दें।

अब मां कात्यायनी को प्रसाद के रूप में हलवे का भोग चढ़ा सकते हैं।

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