सांप को देखते ही अक्सर लोग डर जाते हैं। उन्हें लगता है कि कहीं यह हमला न कर दे या काट न ले। फिल्मों में भी सांप को कई बार इंसान के पीछे भागते या उस पर हमला करते हुए दिखाया जाता है। लेकिन क्या सच में सांप इंसान को देखते ही काटने दौड़ पड़ता है? भारत सरकार की Snakebite से जुड़ी गाइडलाइन के मुताबिक, सांप आमतौर पर इंसान पर तब तक हमला नहीं करता, जब तक उसे पकड़ा, धमकाया, घेरा या किसी कोने में फंसाया न जाए।
अगर कोई व्यक्ति अनजाने में उस पर पैर रख दे या उसका शरीर दब जाए, तो वह बचाव में काट सकता है। कई बार इंसान और सांप अचानक आमने-सामने आ जाते हैं और सांप खुद को बचाने के लिए काट लेता है। आइए जानते हैं उन परिस्थितियों के बारे में, जिनमें सांप के काटने का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, हर स्थिति और सांप का व्यवहार अलग हो सकता है।
किन हालात में सांप के काटने का खतरा बढ़ सकता है?
जब गलती से उस पर पैर पड़ जाए
खेतों, घास, झाड़ियों या अंधेरे में सांप कई बार नजर नहीं आते हैं। ऐसे में कई बार व्यक्ति अनजाने में उसके बहुत करीब पहुंच सकता है या उस पर पैर रख सकता है। भारत सरकार की गाइडलाइन में भी रात में बाहर निकलते समय टॉर्च इस्तेमाल करने और ऐसे रास्तों पर सावधानी से चलने की सलाह दी गई है।
जब उसे पकड़ने या मारने की कोशिश की जाए
सांप दिखते ही लोग कई बार उसे पकड़ने, भगाने या मारने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह कोशिश खुद खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए सांप को पकड़ने, डराने या उस पर हमला करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
तमिलनाडु में snake rescuers पर किए गए अध्ययन में बताया गया कि सांप को हटाने या मारने की कोशिश के दौरान भी सांप के काटने की घटनाएं हो सकती हैं, क्योंकि ऐसी स्थिति में सांप खुद को खतरे में महसूस कर सकता है और बचाव में काट सकता है।
जब सांप के पास निकलने की जगह न हो
अगर सांप को चारों तरफ से घेर दिया जाए या किसी कोने में फंसा दिया जाए, तो उसके पास बचने का रास्ता कम हो सकता है। ऐसी स्थिति में वह खुद को बचाने के लिए काट सकता है। भारत सरकार की गाइडलाइन में भी सांप को घेराव करने से बचने की सलाह दी गई है।
रिसर्च में क्या सामने आया?
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में snake rescue से जुड़े 520 मामलों पर एक अध्ययन किया गया। इसमें शोधकर्तओं ने यह समझने की कोशिश की कि इंसानों और सांपों का आमना-सामना किन परिस्थितियों में ज्यादा होता है।
अध्ययन में पाया गया कि जगह, बारिश, तापमान और दिन का समय जैसे कई फैक्टर्स का इस बात पर असर पड़ सकता है कि इंसानों और सांपों का सामना कब और कहां हो। उदाहरण के लिए, अध्ययन में मौजूद करैत की प्रजातियां ज्यादातर शाम 6 बजे से आधी रात के बीच मिलीं।
तो क्या सांप इंसान को देखकर भाग जाता है?
हर सांप हर बार एक जैसी प्रतिक्रिया नहीं देता। इसलिए यह मान लेना भी सही नहीं है कि हर सांप आपको देखते ही भाग जाएगा। उसका व्यवहार प्रजाति और उस समय की स्थिति पर निर्भर कर सकता है।
लेकिन अगर सांप दिख जाए तो उसे छेड़ने, पकड़ने या उसके बहुत करीब जाने के बजाय उसे जगह देना और सुरक्षित दूरी बनाना सबसे बेहतर तरीका है।
सांप दिख जाए तो क्या करें?
भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार
सांप से दूरी बनाकर रखें।
उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें।
उसे चारों तरफ से घेरकर न फंसाएं।
रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें।
जहां जमीन साफ दिखाई न दे, वहां बिना देखे पैर न रखें।
जूते पहनकर चलना बेहतर है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सांपों और snakebite से जुड़ी सामान्य जानकारी व स्वास्थ्य गाइडलाइंस के आधार पर तैयार किया गया है। सांप के काटने की आशंका होने पर घरेलू नुस्खे पर भरोसा न करें और तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
