नेटफ्लिक्स पर हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज मुसाफिर कैफे लोगों के दिलों में खास जगह बना चुकी है। इस सीरीज में विक्रांत मैसी, वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना ने मुख्य भूमिका निभाई है। इसकी कहानी और किरदारों को दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं। इस सीरीज का ज्यादातर पार्ट मसूरी और भोपाल में शूट किया गया है। इसमें दिखाए गए हिल स्टेशन का व्यू, खासकर पहाड़ों के नजारे वाले आरामदायक लकड़ी के कैफे ने लोगों की उत्सुकता बढ़ाई है। इसमें दिखाए गए कैफे और प्रमुख स्थानों की शूटिंग उत्तराखंड के मसूरी की पहाड़ियों पर स्थित एक ऐतिहासिक धरोहर झरीपानी कैसल में की गई।

मसूरी के मॉल रोड से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित झरीपानी कैसल बहुत ही सुंदर और शांत जगह है। घने जंगलों और घाटी के खूबसूरत नजारों से घिरी इस जगह पर लकड़ी के शानदार कॉटेज, हरी छतों वाली इमारतें, आरामदायक टेरेस और रंग-बिरंगे झंडों से सजी खुली जगह पर आकर्षक नजारे देखने को मिलेंगे।

प्रॉपर्टी के अनुसार इस फिल्म की शूटिंग नवंबर 2025 में शुरू हुई थी। जिसमें प्रोडक्शन टीम ने एस्टेट के कई हिस्सों को सेट में बदल दिया। बगीचे, टेरेस, गेस्ट रूम और खास तौर पर डिजाइन की गई कैफे की जगहें सभी शो का हिस्सा बन गए। शूटिंग के दौरान कास्ट और क्रू प्रॉपर्टी पर ही रुके।

झरीपानी कैसल का इतिहास

इस रिट्रीट का इतिहास काफी दिलचस्प है। झरीपानी कैसल की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार इस प्रॉपर्टी को 1932 में ब्रिटिश काल के दौरान क्राउन ब्रुअरीज (Crown Breweries) ने ट्रैवल ऑफिसर और सैनिकों के लिए गेस्ट हाउस के तौर पर बनवाया था। आजादी के बाद यह पटियाला के पूर्व शाही परिवार का समर रिट्रीट बन गया और इसे पटियाला हाउस के नाम से जाना जाने लगा। बाद में यह एक बुटीक हेरिटेज स्टे में बदल गया है, जैसा कि यह आज दिखता है।

फिल्म में दिखाए गए सिनेमेटिक व्यू के अलावा यह जगह हिल स्टेशन घूमने वाले यात्रियों के लिए बहुत अच्छी जगह है। झरीपानी फॉल्स यहां से कुछ ही दूरी पर स्थित है। जबकि इस प्रॉपर्टी से देहरादून की दूरी करीब 25 किमी है। यही वजह है कि यह जगह पहाड़ों में शांति से छुट्टियां बिताने के लिए बेहतरीन साबित हो सकती है।

यह कैफे झरीपानी कैसल तक फैला हुआ है, इसे मेहमानों के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है, जिसमें कुछ कमरे और कॉटेज मौजूद हैं। इनमें लकड़ी से बनी हट, घाटी की तरफ खुलने वाले डीलक्स कमरे और पहाड़ों के नजारे वाले बड़े सुइट शामिल हैं। इनमें से कुछ कमरे शो में भी दिखाए गए हैं।

नोबल पर आधारित है वेब सीरीज

मुसाफिर कैफे वेब सीरीज दिव्य प्रकाश दुबे की बेस्ट सेलिंग नोबल मुसाफिर कैफे पर आधारित है। इस वेब सीरीज में 8 एपिसोड हैं, जिनमें चंदर मोहन शर्मा की कहानी दिखाई गई है। इसमें उसके प्यार, दिल टूटने, जिंदगी में मिले दूसरे मौकों और पहाड़ों पर कैफे खोलने के सपनों को खूबसूरती से दर्शाया गाया है।