अपर्णा यादव को ई-मेल पर मैसेज किया करते थे प्रतीक यादव; ऐसे शुरू हुई थी मुलायम की छोटी बहू की लव स्टोरी

मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने अपनी और प्रतीक की लव स्टोरी के बारे में बताया था। उन्होंने बताया था कि प्रतीक ने उसने ई-मेल मांगा, जिसके बाद वह उन्हें वहां मैसेज किया करते थे।

Aparna Yadav
चुनाव हारने के बाद अपर्णा यादव ने एक इंटरव्यू में अपने दर्द और भड़ास को निकालते हुए कहा था कि, उन्हें तो जानबूझ कर अपनो ने हराया था।(<a href="https://www.jansatta.com/photos/lifestyle-gallery/when-akhilesh-yadav-had-cut-the-ticket-of-mulayam-singh-yadav-second-wife-sadhna-gupta-daughter-in-law-aparna/1758803/ ">मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता की बहू अपर्णा का जब अखिलेश यादव ने काट दिया था टिकट, फिर ऐसे मिला मौका </a> )

मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव राजनीति और लाइमलाइट से दूर रहना ही पसंद करते हैं। लेकिन मुलायम की छोटी बहू अपर्णा ऐसी नहीं हैं। अपर्णा चुनाव भी लड़ती हैं और मीडिया के सामने आकर खुलकर बात भी करती हैं। अपर्णा कई बार पार्टी लाइन से अलग कई मुद्दों पर अपनी राय भी रखती हैं। अपर्णा यादव ने एक इंटरव्यू में प्रतीक से पहली मुलाकात के बारे में भी बताया था।

स्कूल में प्रतीक ने मांगा था ई-मेल: ‘द लल्लनटॉप’ से बात करते हुए अपर्णा यादव ने कहा था, ‘हम मां के बर्थडे पर मिले थे। हम दोनों स्कूल के इवेंट्स पर भी मिलते रहते थे। हम दोनों एक ही स्कूल में नहीं थे। मैं म्यूजिक क्लब प्रेसिडेंट थी। मुझे अच्छे से याद है कि मैं प्रतीक के स्कूल में किसी स्कूल इवेंट के लिए गई थी। प्रतीक अपने स्कूल के साथ थे। उन्होंने स्कूल में मेरा ई-मेल मांगा था। उस दौरान Yahoo मैसेंजर बहुत चलता था।’

अपर्णा को ई-मेल पर ही मैसेज करते थे प्रतीक: अपर्णा आगे बताती हैं, ‘प्रतीक ने बहुत सारे मैसेज भेज रखे थे। मैं पूरी तरह पढ़ाई में रहती थी। हमारे घर में पापा ने खबरें फाइल करने के लिए इंटरनेट लगवाया था। कभी-कभी मैं अपना अकाउंट भी चेक करती थी। वहां प्रतीक मुझे बहुत सारे मैसेज करते थे। हम दोनों का ग्रुप भी एक ही था। फिर हम दोनों ने एक-दूसरे से मुलाकात करना शुरू किया और आगे चीजें होती गईं।’

जब अखिलेश यादव ने काटा अपर्णा का टिकट: परिवार की कलह में मुलायम की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता भी वजह बनी थीं। इसमें अखिलेश और मुलायम की तरफ से दो लिस्ट बनी थी। हालांकि अखिलेश की लिस्ट में अपर्णा यादव का नाम नहीं था। अपर्णा ने बताया था कि वह शुरुआत में चुनाव लड़ना नहीं चाहती थीं, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और मुलायम सिंह के कहने पर वह चुनाव के लिए तैयार हुई थीं। अपर्णा ने कहा था कि जब मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हुई तो मुझे आराम से टिकट मिल गया था। उन्होंने कहा था कि बेटे और पिता के बीच जरूर वैचारिक मतभेद था।

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