अंबानी परिवार की बहुएं कुछ अलग पहनें और उसकी चर्चा सोशल मीडिया पर न हो ऐसा हो नहीं सकता। इन दिनों घर में आई नई बहुरानी श्वेना पॉय (Shweana Poy Raiturcar) का लहंगा चर्चा का विषय बना हुआ है। यह न तो किसी फैब्रिक से बना है। न ही सिल्क या कॉटन से जैसी चीजों से। ‘बिना फैब्रिक’ वाला 1 करोड़ रुपये का लहंगा पहनकर नई दुल्हनिया ने सोशल मीडिया का पारा बढ़ा दिया है।

हाल ही में मुकेश अंबानी की बहन दीप्ति सालगांवकर के बेटे विक्रम सालगांवकर की शादी हुई है। अंबानी परिवार की महिलाएं किसी भी प्रोग्राम में सजने-संवरने में पीछे नहीं रहती हैं। ऐसे में भला नई बहू कुछ अलग न करें ये कैसे संभव है। इस बार ब्राइड श्वेना पॉय का यूनिक लहंगा सब पर भारी पड़ गया। यूनिक तकनीक से तैयार इस लहंगे की डिटेल्स जब से डिजाइनर ने शेयर की हैं, हर कोई इसकी कारीगरी की तारीफों में जुटा हुआ है।

1 करोड़ बताई जा रही लहंगे की कीमत

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मुकेश अंबानी के भतीजे विक्रम सालगांवकर की पत्नी श्वेना पॉय अपने लहंगे के लिए वायरल हो रही हैं। इसकी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मुंबई की जानी-मानी ज्वेलरी डिजाइनर श्वेना पॉय रैतुरकार इन दिनों अपनी शादी और खास वेडिंग लुक की वजह से खूब चर्चा में हैं।

कौन हैं विक्रम सालगांवकर?

विक्रम सालगांवकर, दत्तराज सालगांवकर और दीप्ति अंबानी (मुकेश अंबानी की बहन) के पुत्र हैं। दत्तराज, मुकेश अंबानी के बचपन के दोस्त थे। दोनों परिवार मुंबई की उषा किरण बिल्डिंग में एक साथ रहते थे। सालगांवकर परिवार 1983 में गोवा चला गया। विक्रम के पेशेवर करियर की शुरुआत 2007 में मैकिन्से एंड कंपनी से हुई। इसके बाद उन्होंने रिलायंस एंटरटेनमेंट में बिजनेस डेवलपमेंट का पद संभाला। अब वे वीएम सालगाओकर ग्रुप की देखरेख करते हैं। इतना ही नहीं कई हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स का संचालन करते हैं। उनकी बहन, इशिता सालगाओकर, नेक्सज़ू मोबिलिटी के अतुल्या मित्तल से विवाहित हैं।

मुंबई में पली-बढ़ी विक्रम की पत्नी श्वेना पॉय

श्वेना पॉय जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ अमेरिका (जीआईए) से ग्रेजुएट जेमोलॉजिस्ट हैं। बेंटली यूनिवर्सिटी और पार्सन्स स्कूल ऑफ डिजाइन की स्टूडेंट रही हैं। उन्होंने अपना कस्टमाइज्ड ज्वैलरी एटेलियर शुरू करने से पहले श्लोका मेहता के परिवार के स्वामित्व वाली डायमंड फर्म रोजी ब्लू और डी बीयर्स ग्रुप में भी काम किया है।

क्यों खास है यह लहंगा

श्वेना पॉय का लहंगा मशहूर फैशन लेबल Jade by MK ने तैयार किया। इसे नो-फैब्रिक कसाब लहंगा कहा जा रहा है। पूरा लहंगा धातु जैसे दिखने वाले सुनहरे मेटैलिक धागों से तैयार किया गया है। इस खास तकनीक को कसाब बोलते हैं, जो मुगल काल से है। यह तकनीक शाही परिधानों और दरबारी वस्त्रों को बनाने में इस्तेमाल की जाती थी। इसमें कपड़े के बजाय विशुद्ध रूप से धात्विक धागों का यूज किया गया है। इसे पूरा करने में कथित तौर पर 15,000 घंटे से अधिक का कारीगरी का समय लगा। है। इस लहंगे में स्वारोवस्की क्रिस्टल से जड़ा जाल का पैटर्न, मोर के रूपांकन और टील रंग के लहजे के साथ राफिया की बुनाई है।