मच्छर के काटने से सिर्फ डेंगू-मलेरिया ही नहीं, हो सकती हैं और भी खतरनाक बीमारियां, जानें बचाव के तरीके

Mosquito Bite: चिकनगुनिया के लक्षण भी कुछ हद तक डेंगू से ही मिलते-जुलते हैं, इससे पीड़ित होने पर लोगों को हाई फीवर व असहनीय जॉइंट पेन की समस्या हो सकती है

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पीला बुखार या फिर यैलो फीवर भी मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारी है। ये एक संक्रामक रोग है जो ईडीस ईजिप्टी (स्टीगोमिया फेसियाटा) जाति के मच्छरों के काटने से होता है

Mosquito Bite: गर्मी व बरसात के दिनों में जिन बीमारियों से अक्सर लोग सबसे अधिक परेशान रहते हैं, वो हैं डेंगू और मलेरिया। दोनों ही मौसम में मच्छरों की अधिक संख्या लोगों की परेशानी का सबब बनती हैं। मच्छरों के काटने से होने वाली इन दो बीमारियों से तो लगभग सभी लोग परिचित हैं। लेकिन मच्छर इससे भी अधिक खतरनाक साबित हो सकते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इन दोनों बीमारियों के अलावा भी कई ऐसी बीमारियां हैं जो Mosquito Bite के कारण होती हैं। साथ ही मच्छर के काटने से दुनिया भर में एक साल में लाखों लोगों की मौत होती है। आइए जानते हैं कि मच्छर के काटने से लोग कौन सी बीमारियों का शिकार हो सकते हैं-

चिकनगुनिया: ये ह्यूमन बॉडी में एडिस मच्छर के काटने से ट्रांसमिट होता है। चिकनगुनिया के लक्षण भी कुछ हद तक डेंगू से ही मिलते-जुलते हैं। इससे पीड़ित होने पर लोगों को हाई फीवर व असहनीय जॉइंट पेन की समस्या हो सकती है। इस बीमारी में शरीर बिल्कुल कमजोर हो जाता है। कई मामलों में इस बीमारी के ठीक हो जाने के बाद भी मरीजों के जोड़ों में दर्द रह जाता है। हालांकि, अब तक इस बीमारी के लिए कोई दवा ये वैक्सीन नहीं बनी है। ऐसे में बचाव के लिए जरूरी है कि खुद को मच्छरों से बचाया जा सके।

पीतज्वर: पीला बुखार या फिर यैलो फीवर भी मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारी है। ये एक संक्रामक रोग है जो ईडीस ईजिप्टी (स्टीगोमिया फेसियाटा) जाति के मच्छरों के काटने से होता है। इससे संक्रमित मरीजों में पीलिया जैसे लक्षण दिखते हैं, साथ ही लिवर से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। इससे मरीजों की आंखें व स्किन पीली पड़ने लगती है। इस बीमारी के उपचार हेतु दवाइयां व टीके उपलब्ध हैं, हालांकि, इस बीमारी को ठीक होने में थोड़ा समय लगता है।

जीका वायरस: इसी मच्छर से होने वाली एक संक्रामक बीमारी है जीका वायरस। ये बीमारी मां के जरिये नवजात शिशु में भी संक्रमित हो सकती है। इतना ही नहीं बल्कि ब्लड ट्रांसफ्यूजन और फिजिकल रिलेशनशिप बनाने से भी इस बीमारी के संक्रमण का खतरा रहता है। इस बीमारी के लक्षण जल्दी सामने नहीं आते, इसलिए जीका वायरस को पहचानने में मुश्किल होती है। हालांकि, मरीजों में मच्छरों के काटने के तीन से बारह दिनों के बीच चार में से तीन व्यक्तियों में तेज बुखार, रैशेज, सिर दर्द और जोड़ों में दर्द के लक्षण देखे गये हैं।

ऐसे करें बचाव: इन बीमारियों से दूर रहने के लिए जरूरी है कि मच्छरों से बचाव किया जाए। सुबह और शाम के समय में खिड़की-दरवाजों को बंद रखें ताकि मच्छर घर में न घुस पाएं क्योंकि इन दोनों ही समय मच्छर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं। हाथ-पैरों को शाम के वक्त ढ़ककर रखें। ऐसे जगहों पर जाने से बचें जहां मच्छर पनपते हों। पानी को ज्यादा समय के लिए कहीं पर भरकर न रखें।

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