बारिश के मौसम में स्वस्थ्य रहने के लिए आपको अपने खानपान पर थोड़ा ध्यान जरूर देना चाहिए। दही खाना सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। प्रोबायोटिक्स, प्रोटीन, विटामिन B12, कैल्शियम और फॉस्फोरस का अच्छा स्रोत है। लेकिन दही के फायदे व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति, मात्रा और खाने के तरीके पर निर्भर करते हैं।
आयुर्वेद में बरसात के मौसम में दही का सेवन सीमित या टालने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इस मौसम में पाचन शक्ति (अग्नि) कमजोर मानी जाती है और दही को भारी माना जाता है। बारिश के मौसम में यह कफ बढ़ा सकता है। ऐसे में आपको पता होना चाहिए कि आप बारिश में दही किन चीजों के साथ खा सकते हैं और किन चीजों के साथ इसका सेवन करने से आपको बचना चाहिए। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट आचार्य बालकृष्ण से जानते हैं इसकी वजह।
आचार्य ने बताया किन चीजों के साथ खा सकते हैं बारिश में दही
आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक मानसून में दही में पानी डालकर लस्सी बनाकर पी सकते हैं। वर्षा के मौसम में भी दही को कम खाना चाहिए। अगर वर्षा में कफ बने तो बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। उन्होंने बताया कि दही का सेवन करते समय आप इसमें थोड़ा शहद, खांड, शक्कर, बूरा, आघूर्ण का पाउडर भी मिला सकते हैं।
इसके अलावा आप दही में आंवला मिला सकते हैं। इसके साथ ही लवण भास्कर चूर्ण मिला सकते हैं। दही में अगर नमक मिलाते हैं तो हमेशा इसे कम ही मिलाना चाहिए। आप दही में जीरा भूनकर मिला सकते हैं। आयुर्वेद में इस बात का जिक्र है कि दही को सादा नहीं लेना है। दही में कुछ न कुछ मिलाकर ही सेवन करें।
जानिए बारिश में दही के साथ क्या नहीं खाना चाहिए
कई आयुर्वेदिक स्रोतों में दही के साथ मछली, मांस, खट्टे फल, गर्म करके दही खाने से बचने की सलाह दी गई है। बारिश के दिनों में दही को खीरा के साथ खाने से बचना चाहिए। दही के साथ प्याज खाने से बचना चाहिए। सैंडविच से लेकर कई तरह की डिश में लोग दही और प्याज एक साथ डालकर खाते हैं।
यह कॉम्बिनेशन आपको दिक्कत दे सकता है। बारिश में आपको दही के साथ उड़द दाल खाने से बचना चाहिए। इससे पाचन में दिक्कत हो सकती है। कुछ आयुर्वेदिक मान्यताओं में दही के साथ खीरा, प्याज और उड़द दाल का सेवन भी सीमित रखने की बात कही गई है। हालांकि, इन संयोजनों को लेकर आधुनिक चिकित्सा में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है और इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। यदि आपको कोई बीमारी, एलर्जी या विशेष स्वास्थ्य समस्या है, तो खानपान में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
