बिल्कुल अलग है आज की करी, मुगल या अंग्रेज किसने बिगाड़ा इसका स्वाद | भोजन गाथा
Indian Curry History: आज के समय में मटन करी, फिश करी, चिकन करी और पनीर करी जैसे अनेक प्रकार के व्यंजन देखने को मिलते हैं, लेकिन पहले और आज की करी में काफी अंतर है।
भारतीय खाने का इतिहास बेहद समृद्ध और विविधतापूर्ण रहा है। यह समय के साथ अलग-अलग संस्कृतियों, परंपराओं और बाहरी प्रभावों से विकसित हुआ है। भारत के हर राज्य का अपना अलग स्वाद और खानपान की शैली है। उत्तर भारत में जहां रोटी, दाल, पनीर प्रमुख हैं, तो दक्षिण भारत में इडली, डोसा और सांभर वहां के पारंपरिक भोजन माने जाते हैं। पश्चिम भारत में जाएंगे तो वहां ढोकला और खांडवी जैसे व्यंजन लोकप्रिय हैं, जबकि पूर्वी भारत में मछली, चावल और मिठाइयों का खास महत्व है।
किसने बनाई करी भारतीय भोजन के विकास की शुरुआत सिंधु घाटी सभ्यता (2500-1500 ईसा पूर्व) से मानी जाती है। उस समय गेहूं, जौ, चावल, दालें और दूध से बने खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता था। लोग मसालों का भी सीमित उपयोग करते थे और मिट्टी के बर्तनों में भोजन पकाया जाता था। समय-समय पर भोजन पर बदलाव होते रहे हैं। वर्तमान समय में कई ऐसे व्यंजन हैं जिनको लेकर कहा जाता है कि इनका ईजाद मुगलों ने किया। खासकर तंदूर से जुड़ी चीजों को माना जाता है कि, इसे मुगल भारत लेकर आए। यह लोगों के बीच एक बहुत बड़ा मिथक है, क्योंकि तंदूर के इस्तेमाल का प्रमाण सिंधु घाटी सभ्यता भी मिलता है। यानी कि तंदूर पर बने व्यंजन भारतीय पहले भी खाया करते थे। इसी तरह करी को लेकर कहा जाता है कि इसका आविष्कार अंग्रेजों ने किया।
करी का इतिहास (Photo: Freepik)
किसने बिगाड़ा करी का स्वाद मुगल काल से लेकर ब्रिटिश शासन तक ने भारतीय व्यंजनों को प्रभावित किया। माना जाता है कि इस दौरान कई नई डिशेज और पकाने के तरीके विकसित हुए। इन्हीं में से एक ‘करी’ भी है। आज के समय में मटन करी, फिश करी, चिकन करी और पनीर करी जैसे अनेक प्रकार के व्यंजन देखने को मिलते हैं, लेकिन पहले की करी और आज की करी में काफी अंतर है। आइए जानते हैं इसका इतिहास और कैसे बिगाड़ा इसका स्वाद।
अंग्रेजों ने बिगाड़ा कई भारतीय भोजन (Photo: ChatGPT)
अंग्रेजों का नहीं तमिल व्यंजन है करी करी नाम का कोई शब्द ही नहीं था। अंग्रेजों ने हमारे ही व्यंजनों की विधि चुराकर उसे एक नया नाम दे दिया। यह हम नहीं कह रहे बल्कि, जाने माने खाद्य समीक्षक, इतिहासकार और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के प्रोफेसर रह चुके ‘पुष्पेश पंत’ कहते हैं। “उनके अनुसार अंग्रजों के आने से पहले करी नामक कोई व्यंजन नहीं हुआ करता था। मटन करी, फिश करी और चिकन करी जैसे फूड्स अंग्रेजों ने बनाई। वह कहते हैं कि अंग्रेजों ने जो करी बनाई वह तमिल ‘कारी’ का एक भ्रंश है। उनके अनुसार भारत में कोरमा, सालन, कलियां तो पहले से ही खाई जाती थीं। हमारी ही डिश से अंग्रेजों ने नई डिश बना ली और उसका नाम करी रख दिया”। कोरमा, सालन और कलियों को बनाने में गरम मसालों को इस्तेमाल होता है, जिनकी ग्रेवी काफी गाढ़ी होती है।
इन व्यंजनों का मिश्रण है करी (Photo: Freepik)
इन भारतीय फूड्स को अंग्रेजों ने दिया करी नाम पुष्पेश पंत कहते हैं कि, अंग्रेज बहुत सारा भारतीय व्यंजन बिगाड़ कर गए। उनके अनुसार अवध और रामपुर के नवाब, जागीरदार और तालुकेदार जैसे लोग कोरमा, कलियां, सालन, दो प्याजा और दम पुख्त खाते थे। दम पुख्त को छोड़कर बाकी सारे ग्रेवी वाले व्यंजन हैं। अंग्रेजों ने इन सभी को मिलाकर जो व्यंजन बनाया उसका नाम करी रख दिया। उस दौरान अंग्रेजों ने मटन करी, चिकन करी और फिश करी नाम दिया।
पुष्पेश पंत के अनुसार तमिल भाषा के शब्द कारी का अर्थ है, वह खाद्य पदार्थ जो सब्जी या मांस और मसालों के साथ बनाई जाए वह करी है। आधुनिक समय में करी में तरी होना जरूरी है। यहां तक कि अधिकतर ग्रेवी वाली डिश को लोग करी बताकर परोसते हैं।
दक्षिण भारत की करी की रेसिपी (Photo: Freepik)
कैसे बनती है साउथ की करी इनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका के अनुसार भी करी शब्द तमिल के Kari से आया, जिसका मतलब सॉस या ग्रेवी होता है। इसकी शुरुआत भारत में ही हुई और बाद में यह दुनिया के कई हिस्सों में फैल गई। तमिल करी एक पारंपरिक दक्षिण भारतीय व्यंजन है, जो नारियल, इमली, करी पत्ते, इलायची, दालचीनी, लौंग, धनिया, जीरा, सौंफ, मेथी, सरसों के दाने, काली-लाल मिर्च और हल्दी मिलाकर बनाई जाती थी। इन मासलों को भूनकर पीसा जाता है। वर्तमान समय में हर क्षेत्र में करी का स्वाद अलग-अलग होता है।
दुनिया भर में मशहूर है करी (Photo: Pexels)
आज दुनिया भर में मशहूर है करी आज के समय में करी ऐसी डिश है जो आपको एक महंगे होटल से लेकर साधारण ढाबे पर आसानी से मिल जाएगी। उत्तर भारत में तो यह आसानी से मिलने वाली और मशहूर व्यंजनों में से एक है। यह न सिर्फ भारत बल्कि, दुनिया भर में मशहूर है। कुछ समय पहले वैश्विक फूड्स की समिक्षा और रैंकिंग करने वाले टेस्ट एटलस ने एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें दुनिया के सबसे बेहतरीन करी वाले फूड्स की लिस्ट शामिल थी। इसमें चिकन करी का भी नाम शामिल था।