मृत महिला की कोख से जन्‍मा बच्‍चा, जानिए कहां हुआ यह अजूबा

यह मामला गर्भाशय या जननांगों की दिक्कतों से जूझ रहे लोगों के लिए वरदान साबित हो सकता है। साथ ही जीवित महिला के मुकाबले मृत महिला से ट्रांसप्लांट के फायदे भी हैं।

uterus transplant
साढ़े दस घंटे की सर्जरी के बाद ट्रांसप्लांट संभव हुआ।

मेडिकल साइंस के नजरिए से एक चमत्कारिक खबर सामने आयी है। दरअसल एक महिला को डॉक्टरों ने मृत महिला का गर्भाशय ट्रांसप्लांट किया और चमत्कार की बात ये है कि ट्रांसप्लांट के बाद महिला प्रेगनेंट हो गई और हाल ही में उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। यह घटना ब्राजील की है। इस मामले को गर्भाशय संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लोगों के लिए वरदान माना जा रहा है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल ‘लैंसेट’ में इस घटना से संबंधित खबर छपी है। मेडिकल जर्नल के अनुसार, फिलहाल गर्भाशय किसी नजदीकी रिश्तेदार द्वारा ही उसकी मर्जी से ही डोनेट किया जा सकता था। लेकिन नई तकनीक की मदद से महिलाओं को प्रेग्नेंसी के लिए ज्यादा विकल्प मिल सकेंगे। खबर के अनुसार, ब्राजील की 32 वर्षीय महिला को एक दुर्लभ बीमारी के चलते उसके शरीर में गर्भाशय नहीं था।

इस पर उसने गर्भाशय ट्रांसप्लांट के लिए डॉक्टरों से संपर्क किया। इस पर डॉक्टरों ने सहमति के बाद ब्रेन हेमरेज से मरी एक 45 वर्षीय महिला के गर्भाशय को उसके शरीर में ट्रांसप्लांट कर दिया। ट्रांसप्लांटेशन की यह सर्जरी करीब 10.5 घंटे तक चली। ट्रांसप्लांट के 5 माह तक महिला को ऑब्जर्वेशन पर रखा गया। इस दौरान जब महिला को किसी तरह की कोई परेशानी सामने नहीं आयी तो डॉक्टरों ने फर्टिलाइज्ड एग्स महिला के गर्भाशय में डाले गए। इसके 7 महीने और 10 दिन बाद महिला प्रेग्नेंट हो गई। प्रेग्नेंसी के 35 हफ्ते बाद सिजेरियन की मदद से डिलीवरी करायी गई।

महिला ने इस दौरान एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। जन्म के समय बच्ची का वजन तीन किलो था। सर्जरी के 3 दिन बाद महिला को अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया। मेडिकल जर्नल लैंसेट के अनुसार, 500 में से एक महिला को गर्भाशय से संबंधित बीमारियां होती हैं। वहीं 10-15% जोड़ों को जननांगों से संबंधित बीमारियां होती हैं। ऐसे में ब्राजील का यह मामला लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है। डॉक्टरों का कहना है कि मृत महिला से गर्भाशय ट्रांसप्लांट का ये भी फायदा है कि इससे डोनेट करने वाली महिला की जान को जो खतरा बना रहता था, अब उसकी आशंका भी खत्म हो जाएगी। पहले भी मृत महिलाओं के गर्भाशय का ट्रांसप्लांट किया जा चुका है, लेकिन इसके सफल होने का यह पहला मामला है।

पढें जीवन-शैली समाचार (Lifestyle News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

X